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Lucknow News: आईसीआईसीआई बैंक के शाखा प्रबंधक और परिचित पर धोखाधड़ी का आरोप
Sat, 19 Sep 2026 02:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 19 Sep 2026 02:42 AM IST
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लखनऊ। पीजीआई के तेलीबाग निवासी मो. यूनुस शेख ने आईसीआईसीआई बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक और परिचित मो. मतीन पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। कोर्ट के आदेश पर हजरतगंज पुलिस ने बृहस्पतिवार को एफआईआर दर्ज की है।
70 वर्षीय मो. यूनुस दस साल पहले सचिवालय से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने बताया कि आईसीआईसीआई बैंक, हजरतगंज शाखा में उनका खाता है। आरोप है कि वर्ष 2007 में परिचित मो. मतीन ने फर्जी दस्तावेज बनवाए। इसमें उसने खुद को उनका बेटा दर्शाया था। इसके बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से लोन के लिए आवेदन किया। आरोपी ने जिस संपत्ति को दिखाकर ऋण स्वीकृत कराया, बैंक ने उसका स्थलीय निरीक्षण भी नहीं किया।
वर्ष 2020 में बैंक के वसूली एजेंटों की कॉल आने पर उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। उन्होंने बताया कि 2007 में मो. मतीन ने उन्हें जमानतदार बनाने के बहाने सादे दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए थे। इन्हीं दस्तावेज का उपयोग कर फर्जीवाड़ा किया गया, जिसमें शाखा प्रबंधक ने भी साथ दिया। उन्होंने 2 अगस्त 2020 को शिकायत की पर कार्रवाई नहीं की गई। इस पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस पीड़ित से संपर्क कर रही है। बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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70 वर्षीय मो. यूनुस दस साल पहले सचिवालय से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने बताया कि आईसीआईसीआई बैंक, हजरतगंज शाखा में उनका खाता है। आरोप है कि वर्ष 2007 में परिचित मो. मतीन ने फर्जी दस्तावेज बनवाए। इसमें उसने खुद को उनका बेटा दर्शाया था। इसके बाद तत्कालीन शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से लोन के लिए आवेदन किया। आरोपी ने जिस संपत्ति को दिखाकर ऋण स्वीकृत कराया, बैंक ने उसका स्थलीय निरीक्षण भी नहीं किया।
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वर्ष 2020 में बैंक के वसूली एजेंटों की कॉल आने पर उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। उन्होंने बताया कि 2007 में मो. मतीन ने उन्हें जमानतदार बनाने के बहाने सादे दस्तावेज पर हस्ताक्षर कराए थे। इन्हीं दस्तावेज का उपयोग कर फर्जीवाड़ा किया गया, जिसमें शाखा प्रबंधक ने भी साथ दिया। उन्होंने 2 अगस्त 2020 को शिकायत की पर कार्रवाई नहीं की गई। इस पर उन्होंने कोर्ट की शरण ली। एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस पीड़ित से संपर्क कर रही है। बयान दर्ज होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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