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मृत मां के खाते से चुराए 4.62 लाख
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Mon, 27 Apr 2015 11:34 PM IST
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कायमगंज में चार साल पहले मर चुकी मां को जीवित दिखाकर सेवानिवृत्त फौजी ने
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उसके पेंशन खाते से 4.62 लाख रुपये उड़ा दिए। छोटे भाई की शिकायत पर चेते
बैंक प्रबंधक ने रुपये निकालने आए फौजी को बैठा लिया। इसके बाद पुलिस बुला
ली। इस पर फौजी रुपये लौटाने के लिए तैयार हो गया। बैंक ने उसके खाते से
1.56 लाख रुपये तुरंत ले लिए। बाकी रकम दो दिन बाद देने का वादा किया।
प्रबंधक ने बताया कि फर्जी तरीके से खाते से पैसा निकालने में दोषी 6
बैंककर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
पहाड़पुर गांव निवासी सेवानिवृत्त फौजी रविंद्र सिंह चौहान निवासी सोमवार को स्टेट बैंक की कृषि विकास शाखा से रुपये निकालने पहुंचा। यहां प्रबंधक ने इसे बैठा लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कोतवाली के जीप चालक ने उसे रोकने का प्रयास किया तो वह उनसे भिड़ गया। बैंक कर्मियों ने उसे दरवाजे बंद कर रोका। तब तक अन्य पुलिसकर्मी वहां पहुंच गए। प्रबंधक एके वैस ने बताया कि रविंद्र की मां रामलली का निधन 25नवंबर 2010 को हो गया था। इसके बाद
रविंद्र ने ट्रेजरी और बैंक के कर्मचारियों के साथ मिल कर उनके पेंशन खाते से 22 फरवरी2013 तक स्थानीय शाखा से 2.87 लाख रुपये निकाल लिए। इसके बाद एकाउंट फतेहगढ़ में स्थानांतरित कराकर 11नवंबर 2013 तक तीन बार में 1.75 लाख रुपये निकाल लिए। उन्हाेंने बताया कि बैंक को इस फ्राड की जानकारी इसके छोटे भाई विजेंद्र ने दी। बैंक
में पुलिस से घिरे रविंद्र के बयान से सभी चौंक गए। उसने बताया कि जब वह आता था तो बैंक कर्मी उससे आधी रकम लेकर बिना मां के ही पैसा निकाल दिया करते थे। हर साल नवंबर में ट्रेजरी में लाइफ सर्टीफिकेट दिया जाता है। ट्रेजरी कार्यालय में भी जुगाड़ कर रखी है।
प्रबंधक ने बताया कि इस गठजोड़ के लिए बैंक के 6 कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच कराई जा रही है। प्रबंधक ने रविंद्र पर पैसा जमा करने का दबाव बनाया लेकिन वह तैयार नहीं हुआ। इसी बीच एसएसआई मेघनाथ सिंह वहां पहुंच गए। उन्होंने प्रबंधक से तहरीर देने और पुलिसकर्मियाें को रविंद्र को थाने ले जाने को कहा। इस पर रविंद्र पैसा लौटाने को
तैयार हो गया। प्रबंधक ने उसके खाते से 1.56 लाख रुपये निकलवाकर रामलली के खाते में डलवा दिए । आरोपी ने बाकी के 3.60 लाख रुपये बुधवार को देने का वादा किया। इसके बाद उसे जाने दिया गया। रविंद्र ने रोते हुए कहा कि पैसा तो छोटे भाई विजेंद्र, बैंक कर्मचारी और ट्रेजरी वालों ने भी खाया है। भरना उसे अकेले पड़ रहा है।
पहाड़पुर गांव निवासी सेवानिवृत्त फौजी रविंद्र सिंह चौहान निवासी सोमवार को स्टेट बैंक की कृषि विकास शाखा से रुपये निकालने पहुंचा। यहां प्रबंधक ने इसे बैठा लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे कोतवाली के जीप चालक ने उसे रोकने का प्रयास किया तो वह उनसे भिड़ गया। बैंक कर्मियों ने उसे दरवाजे बंद कर रोका। तब तक अन्य पुलिसकर्मी वहां पहुंच गए। प्रबंधक एके वैस ने बताया कि रविंद्र की मां रामलली का निधन 25नवंबर 2010 को हो गया था। इसके बाद
रविंद्र ने ट्रेजरी और बैंक के कर्मचारियों के साथ मिल कर उनके पेंशन खाते से 22 फरवरी2013 तक स्थानीय शाखा से 2.87 लाख रुपये निकाल लिए। इसके बाद एकाउंट फतेहगढ़ में स्थानांतरित कराकर 11नवंबर 2013 तक तीन बार में 1.75 लाख रुपये निकाल लिए। उन्हाेंने बताया कि बैंक को इस फ्राड की जानकारी इसके छोटे भाई विजेंद्र ने दी। बैंक
में पुलिस से घिरे रविंद्र के बयान से सभी चौंक गए। उसने बताया कि जब वह आता था तो बैंक कर्मी उससे आधी रकम लेकर बिना मां के ही पैसा निकाल दिया करते थे। हर साल नवंबर में ट्रेजरी में लाइफ सर्टीफिकेट दिया जाता है। ट्रेजरी कार्यालय में भी जुगाड़ कर रखी है।
प्रबंधक ने बताया कि इस गठजोड़ के लिए बैंक के 6 कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच कराई जा रही है। प्रबंधक ने रविंद्र पर पैसा जमा करने का दबाव बनाया लेकिन वह तैयार नहीं हुआ। इसी बीच एसएसआई मेघनाथ सिंह वहां पहुंच गए। उन्होंने प्रबंधक से तहरीर देने और पुलिसकर्मियाें को रविंद्र को थाने ले जाने को कहा। इस पर रविंद्र पैसा लौटाने को
तैयार हो गया। प्रबंधक ने उसके खाते से 1.56 लाख रुपये निकलवाकर रामलली के खाते में डलवा दिए । आरोपी ने बाकी के 3.60 लाख रुपये बुधवार को देने का वादा किया। इसके बाद उसे जाने दिया गया। रविंद्र ने रोते हुए कहा कि पैसा तो छोटे भाई विजेंद्र, बैंक कर्मचारी और ट्रेजरी वालों ने भी खाया है। भरना उसे अकेले पड़ रहा है।