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नर्सिंगहोम में घुसकर युवकों की धुनाई, बवाल
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फर्रुखाबाद। शहर के मोहल्ला रेटगंज में शहीदों की याद में कैंडल मार्च के दौरान छुड़ाने को लेकर हुए संघर्ष के बाद रविवार को लोहिया अस्पताल के बाहर दो युवक गालीगलौज कर रहे थे। इस पर भाजपा समर्थकों ने उनकी पिटाई कर दी। युवक भागकर एक नर्सिंगहोम में घुस गए। वहां भी भाजपाइयों ने पीटा। पुलिस ने उन्हें किसी तरह बचाया। इसको लेकर भाजपाइयों की पुलिस से तीखी नोकझोंक व धक्कामुक्की भी हुई। इसके बाद भाजपाइयों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। हालात बिगड़ते देख सभी थानों का फोर्स वहां एकत्रित हो गया। पुलिस अधीक्षक के आने पर मध्य रात्रि हालात पर काबू पाया जा सका।
कैंडल मार्च के दौरान हुए संघर्ष में राजू गुप्ता व दूसरे पक्ष से ईशान सहित घायलों को रविवार को लोहिया अस्पताल लाया गया। इससे दोनों पक्षों के लोग वहां मौजूद थे। अस्पताल में जिले के सभी थानों का पुलिस फोर्स भी तैनात था। देर रात अस्पताल के बाहर दूसरे गेट पर खड़े दो युवक गालीगलौज कर रहे थे। भाजपाइयों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। इससे युवक जान बचाकर भागे और एक नर्सिंगहोम में घुस गए। वहां भी भाजपाइयों ने घुसकर युवकों की धुनाई कर दी। फोर्स के साथ पहुंचे सीओ सिटी रामलखन सरोज ने किसी तरह भाजपाइयों को बाहर निकाला और युवकों की जान बचाई।
लोगों ने आरोप लगाया कि इन्हीं दो युवकों ने संघर्ष के दौरान सरिया से हमला किया था। जिनका पुलिस पक्ष ले रही है। इसके बाद पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। तभी मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह, भाजपाइयों को समझा बुझाकर लोहिया अस्पताल लाए। स्वाट टीम प्रभारी व एक दरोगा की भाजपाइयों से कहासुनी हो गई। वहां भाजपा महामंत्री शैलेंद्र सिंह राठौर पहुंच गए। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक से बात की और भाजपाइयों को समझाकर लोहिया अस्पताल लेकर आए। वहां भी भाजपाई पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
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भाजपा नेता की पुलिस से हुई धक्कामुक्की
नर्सिंगहोम के बाहर युवकों का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए एक भाजपा नेता दरोगा से भिड़ गए। कहा कि युुवकों को नर्सिंगहोम से बाहर निकालो। उनकी पुलिस से धक्कामुक्की हो गई। दूसरे भाजपा नेता ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि राम राज्य चल रहा है इसलिए पुलिस के दिमाग खराब हैं। नर्सिंगहोम से लेकर लोहिया अस्पताल तक भाजपाइयों की पुलिस से कई बार धक्कामुक्की और नारेबाजी होती रही। हालांकि कुछ भाजपा नेताओं ने ही किसी तरह मामला शांत कराया।
एसपी ने संभाले हालात तो लगे जिंदाबाद के नारे
बवाल की जानकारी पर रविवार रात करीब 11.30 पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र लोहिया अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले पुलिस कर्मियाें को ही आड़े हाथों लिया। कहा कि इतना फोर्स होने के बावजूद बवाल की अफवाह फैल रही है। इसे तत्काल रोका जाए। उन्होंने घायल राजू गुप्ता के परिजनों से बात की और सुरक्षा का भरोसा दिया। एसपी ने सभी थानों का फोर्स तलब कर ड्यूटी बांटी। राजेपुर व अमृतपुर थानाध्यक्ष को लोहिया अस्पताल से नर्सिंगहोम तक गश्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कहीं पर भी चार लोग खड़े मिलें तो उनसे बात कर समस्या पूछकर डायरी पर नोट कर निस्तारण करो। एसपी ने अस्पताल से नर्सिंगहोम तक फोर्स के साथ जायजा लिया। इसी बीच अस्पताल में राजू गुप्ता के परिजनों ने हमला होने पर भय जताया तो एसपी ने कहा कि मैं खुद मौके पर हैं और सुरक्षा की जिम्मेदारी मेरी है। इस पर पुलिस अधीक्षक जिंदाबाद के नारे लगने लगे। रात करीब 12.30 बजे मामला शांत हो गया और भीड़ भी चली गई। हालांकि पूरी रात अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
भाजपाइयों की भीड़ से स्वाट टीम ने ईशान का किया बचाव
घायलों के लोहिया अस्पताल पहुंचने के बाद भाजपाइयों की वहां खासी भीड़ लग गई। भाजपा नेता भी उन्हें देखने जाते रहे। इस बीच कुछ भाजपाई ईशान के वार्ड में घुसने लगे। इस पर स्वाट टीम ने उसके पूरे बेड को घेरे में ले लिया और किसी को भी उस वार्ड में नहीं घुसने दिया।
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कैंडल मार्च के दौरान हुए संघर्ष में राजू गुप्ता व दूसरे पक्ष से ईशान सहित घायलों को रविवार को लोहिया अस्पताल लाया गया। इससे दोनों पक्षों के लोग वहां मौजूद थे। अस्पताल में जिले के सभी थानों का पुलिस फोर्स भी तैनात था। देर रात अस्पताल के बाहर दूसरे गेट पर खड़े दो युवक गालीगलौज कर रहे थे। भाजपाइयों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। इससे युवक जान बचाकर भागे और एक नर्सिंगहोम में घुस गए। वहां भी भाजपाइयों ने घुसकर युवकों की धुनाई कर दी। फोर्स के साथ पहुंचे सीओ सिटी रामलखन सरोज ने किसी तरह भाजपाइयों को बाहर निकाला और युवकों की जान बचाई।
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लोगों ने आरोप लगाया कि इन्हीं दो युवकों ने संघर्ष के दौरान सरिया से हमला किया था। जिनका पुलिस पक्ष ले रही है। इसके बाद पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। तभी मौके पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन सिंह, भाजपाइयों को समझा बुझाकर लोहिया अस्पताल लाए। स्वाट टीम प्रभारी व एक दरोगा की भाजपाइयों से कहासुनी हो गई। वहां भाजपा महामंत्री शैलेंद्र सिंह राठौर पहुंच गए। उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक से बात की और भाजपाइयों को समझाकर लोहिया अस्पताल लेकर आए। वहां भी भाजपाई पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।
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भाजपा नेता की पुलिस से हुई धक्कामुक्की
नर्सिंगहोम के बाहर युवकों का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए एक भाजपा नेता दरोगा से भिड़ गए। कहा कि युुवकों को नर्सिंगहोम से बाहर निकालो। उनकी पुलिस से धक्कामुक्की हो गई। दूसरे भाजपा नेता ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि राम राज्य चल रहा है इसलिए पुलिस के दिमाग खराब हैं। नर्सिंगहोम से लेकर लोहिया अस्पताल तक भाजपाइयों की पुलिस से कई बार धक्कामुक्की और नारेबाजी होती रही। हालांकि कुछ भाजपा नेताओं ने ही किसी तरह मामला शांत कराया।
एसपी ने संभाले हालात तो लगे जिंदाबाद के नारे
बवाल की जानकारी पर रविवार रात करीब 11.30 पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र लोहिया अस्पताल पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले पुलिस कर्मियाें को ही आड़े हाथों लिया। कहा कि इतना फोर्स होने के बावजूद बवाल की अफवाह फैल रही है। इसे तत्काल रोका जाए। उन्होंने घायल राजू गुप्ता के परिजनों से बात की और सुरक्षा का भरोसा दिया। एसपी ने सभी थानों का फोर्स तलब कर ड्यूटी बांटी। राजेपुर व अमृतपुर थानाध्यक्ष को लोहिया अस्पताल से नर्सिंगहोम तक गश्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कहीं पर भी चार लोग खड़े मिलें तो उनसे बात कर समस्या पूछकर डायरी पर नोट कर निस्तारण करो। एसपी ने अस्पताल से नर्सिंगहोम तक फोर्स के साथ जायजा लिया। इसी बीच अस्पताल में राजू गुप्ता के परिजनों ने हमला होने पर भय जताया तो एसपी ने कहा कि मैं खुद मौके पर हैं और सुरक्षा की जिम्मेदारी मेरी है। इस पर पुलिस अधीक्षक जिंदाबाद के नारे लगने लगे। रात करीब 12.30 बजे मामला शांत हो गया और भीड़ भी चली गई। हालांकि पूरी रात अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील रहा।
भाजपाइयों की भीड़ से स्वाट टीम ने ईशान का किया बचाव
घायलों के लोहिया अस्पताल पहुंचने के बाद भाजपाइयों की वहां खासी भीड़ लग गई। भाजपा नेता भी उन्हें देखने जाते रहे। इस बीच कुछ भाजपाई ईशान के वार्ड में घुसने लगे। इस पर स्वाट टीम ने उसके पूरे बेड को घेरे में ले लिया और किसी को भी उस वार्ड में नहीं घुसने दिया।