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नर्सिंग होम में कंपाउंडर का लटका मिला शव, उत्पीड़न का आरोप
Updated Tue, 23 Oct 2018 10:53 PM IST
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फर्रुखाबाद। फतेहगढ़ के मोहल्ला नेकपुर कलां में लाइफ केयर नर्सिंगहोम में सोमवार रात कंपाउंडर का शव लटका मिला। मंगलवार सुबह डॉक्टर पर उत्पीड़न का आरोप लगा परिजन मुकदमा दर्ज कराने की मांग करने लगे। सत्ताधारी पार्टी के नेता के हस्तक्षेप करने से पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में हीलाहवाली करनी लगी। इस पर परिवार वालों ने कर्नलगंज चौकी व फतेहगढ़ कोतवाली का घेराव कर हंगामा किया। इसके बाद पिता की तहरीर पर नर्सिंगहोम की डॉक्टर के खिलाफ उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज की गई। तब परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम कराया। उसकी जेब में सुसाइड नोट भी मिला है। इस पर उसने किसी पर भी आरोप नहीं लगाया है।
फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला दीनदयाल बाग निवासी मुनेश्वर दयाल शुक्ल का सबसे छोटा पुत्र शिवम शुक्ल (18) नेकपुर कलां में स्थित लाइफ केयर नर्सिंगहोम में कंपाउंडर था। वह सोमवार को रात की ड्यूटी करने घर से करीब आठ बजे नर्सिंग होम गया था। रात करीब 11.38 बजे मोबाइल से पिता मुनेश्वर दयाल को पुत्र शिवम की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई। वह परिवार वालों के साथ नर्सिंगहोम पहुंचे तो रिसेप्शन के पास छत के कुंडे से शिवम का शव लटक रहा था। कर्नलगंज चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने शव को परिवार वालों के सामने उतरवा कर मुर्दाघर भिजवा दिया। मंगलवार सुबह शिवम के पिता परिवार के अन्य लोगों के साथ कर्नलगंज चौकी पर गए और डॉक्टर पर हत्या का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। रिपोर्ट न लिखे जाने पर परिवार वालों ने चौकी का घेराव कर हंगामा किया।
इसके बाद फतेहगढ़ कोतवाली पहुंच कर कोतवाल का घेराव कर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग उठाई। सुनवाई न होने पर गुस्साए लोगों ने कोतवाली गेट पर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक कोतवाली में परिजनों की कोतवाल व अन्य लोगों से नोकझोंक होती रही। एक सत्ताधारी नेता के दबाव में पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने से कतराती रही। परिवार वालों ने जब पोस्टमार्टम न कराने की जिद की तब कोतवाल ने पिता मुनेश्वर दयाल की तहरीर पर नर्सिंगहोम की डॉक्टर ज्योतिका गंगवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। इसमें कहा कि डॉक्टर उत्पीड़न करती थी। वह अक्सर पुत्र से कहती थी कि वह मनुष्य के नाम पर कलंक हो, इससे मर जाओ तो अच्छा है। इससे दुखी होकर पुत्र ने फांसी लगाकर जान दे दी।
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सीओ मोहम्मदाबाद भी फतेहगढ़ कोतवाली पहुंचे और परिवार वालों को समझाकर शांत किया। तब परिवार वाले शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए। कोतवाल झांझन लाल ने बताया कि मुनेश्वर दयाल की तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
चौकी प्रभारी पर लगाए आरोप
फर्रुखाबाद। शिवम के परिवार वालों ने कर्नलगंज चौकी पर भी आरोप लगाए। उनका कहना था कि चौकी प्रभारी रात में घटना स्थल पर गए और पुत्र के शव को उतारने के बाद सील कर मुर्दाघर भेज दिया। इसके वाद वह डॉक्टर से बात करने चले गए। वहां से लौटने के बाद रिपोर्ट लिखने को तैयार नहीं हुए। परिवार वालों ने कर्नलगंज चौकी प्रभारी पर साठगांठ करने का आरोप लगाया।
चार भाइयों में सबसे छोटा था शिवम
फर्रुखाबाद। मुनेश्वर दयाल शुक्ल ने बताया कि उसकी दो पुत्री और चार पुत्र हैं। इसमें सबसे छोटा शिवम था। वह सोमवार शाम को घर से ड्यूटी करने नर्सिंगहोम गया था। रात में बीमार होने की सूचना पर जब नर्सिंगहोम गया तो वहां शव लटका मिला। अब उसके तीन पुत्र और दो पुत्रियां रह गई हैं।
उसकी रात को होती थी ड्यूटी, उत्पीड़न का आरोप गलत
डाक्टर ज्योतिका गंगवार ने बताया कि शिवम की ड्यूटी रात को होती थी। जबकि वह दिन में नर्सिंगहोम जाती हैं। जब वह उसे वेतन देती थीं, तभी मुलाकात होती थी। इसके अलावा उससे कभी बात नहीं हुई। उत्पीड़न का आरोप गलत है।
शव के पास से मिला सुसाइड नोट
फर्रुखाबाद। शिवम के कपड़ों में कर्नलगंज चौकी प्रभारी को सुसाइड नोट निकला। इसमें लिखा था कि मेरे बड़े भाइयों मुझे पता है कि आप सब मेरी वजह से बहुत परेशान हो, हो सके तो मुझे माफ करना और कभी किसी से लड़ाई झगड़ा मत करना। आपस में मिलजुलकर खुश रहना। मां, पिता जी और पूरे परिवार का ध्यान रखना। मैं आपसे खुशी-खुशी विदा चाहता हूं और इसका जिम्मेदार और कोई नहीं बल्कि मैं खुद हूं। आपका भाई शिवम शुक्ल। इस सुसाइड नोट पर शिवम के भाई बृजेश शुक्ल, पिता और घर का मोबाइल नंबर और जय माता दी अंग्रेजी में लिखा है। ब्यूरो
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फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला दीनदयाल बाग निवासी मुनेश्वर दयाल शुक्ल का सबसे छोटा पुत्र शिवम शुक्ल (18) नेकपुर कलां में स्थित लाइफ केयर नर्सिंगहोम में कंपाउंडर था। वह सोमवार को रात की ड्यूटी करने घर से करीब आठ बजे नर्सिंग होम गया था। रात करीब 11.38 बजे मोबाइल से पिता मुनेश्वर दयाल को पुत्र शिवम की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई। वह परिवार वालों के साथ नर्सिंगहोम पहुंचे तो रिसेप्शन के पास छत के कुंडे से शिवम का शव लटक रहा था। कर्नलगंज चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने शव को परिवार वालों के सामने उतरवा कर मुर्दाघर भिजवा दिया। मंगलवार सुबह शिवम के पिता परिवार के अन्य लोगों के साथ कर्नलगंज चौकी पर गए और डॉक्टर पर हत्या का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। रिपोर्ट न लिखे जाने पर परिवार वालों ने चौकी का घेराव कर हंगामा किया।
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इसके बाद फतेहगढ़ कोतवाली पहुंच कर कोतवाल का घेराव कर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग उठाई। सुनवाई न होने पर गुस्साए लोगों ने कोतवाली गेट पर प्रदर्शन किया। करीब दो घंटे तक कोतवाली में परिजनों की कोतवाल व अन्य लोगों से नोकझोंक होती रही। एक सत्ताधारी नेता के दबाव में पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने से कतराती रही। परिवार वालों ने जब पोस्टमार्टम न कराने की जिद की तब कोतवाल ने पिता मुनेश्वर दयाल की तहरीर पर नर्सिंगहोम की डॉक्टर ज्योतिका गंगवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। इसमें कहा कि डॉक्टर उत्पीड़न करती थी। वह अक्सर पुत्र से कहती थी कि वह मनुष्य के नाम पर कलंक हो, इससे मर जाओ तो अच्छा है। इससे दुखी होकर पुत्र ने फांसी लगाकर जान दे दी।
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सीओ मोहम्मदाबाद भी फतेहगढ़ कोतवाली पहुंचे और परिवार वालों को समझाकर शांत किया। तब परिवार वाले शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हुए। कोतवाल झांझन लाल ने बताया कि मुनेश्वर दयाल की तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
चौकी प्रभारी पर लगाए आरोप
फर्रुखाबाद। शिवम के परिवार वालों ने कर्नलगंज चौकी पर भी आरोप लगाए। उनका कहना था कि चौकी प्रभारी रात में घटना स्थल पर गए और पुत्र के शव को उतारने के बाद सील कर मुर्दाघर भेज दिया। इसके वाद वह डॉक्टर से बात करने चले गए। वहां से लौटने के बाद रिपोर्ट लिखने को तैयार नहीं हुए। परिवार वालों ने कर्नलगंज चौकी प्रभारी पर साठगांठ करने का आरोप लगाया।
चार भाइयों में सबसे छोटा था शिवम
फर्रुखाबाद। मुनेश्वर दयाल शुक्ल ने बताया कि उसकी दो पुत्री और चार पुत्र हैं। इसमें सबसे छोटा शिवम था। वह सोमवार शाम को घर से ड्यूटी करने नर्सिंगहोम गया था। रात में बीमार होने की सूचना पर जब नर्सिंगहोम गया तो वहां शव लटका मिला। अब उसके तीन पुत्र और दो पुत्रियां रह गई हैं।
उसकी रात को होती थी ड्यूटी, उत्पीड़न का आरोप गलत
डाक्टर ज्योतिका गंगवार ने बताया कि शिवम की ड्यूटी रात को होती थी। जबकि वह दिन में नर्सिंगहोम जाती हैं। जब वह उसे वेतन देती थीं, तभी मुलाकात होती थी। इसके अलावा उससे कभी बात नहीं हुई। उत्पीड़न का आरोप गलत है।
शव के पास से मिला सुसाइड नोट
फर्रुखाबाद। शिवम के कपड़ों में कर्नलगंज चौकी प्रभारी को सुसाइड नोट निकला। इसमें लिखा था कि मेरे बड़े भाइयों मुझे पता है कि आप सब मेरी वजह से बहुत परेशान हो, हो सके तो मुझे माफ करना और कभी किसी से लड़ाई झगड़ा मत करना। आपस में मिलजुलकर खुश रहना। मां, पिता जी और पूरे परिवार का ध्यान रखना। मैं आपसे खुशी-खुशी विदा चाहता हूं और इसका जिम्मेदार और कोई नहीं बल्कि मैं खुद हूं। आपका भाई शिवम शुक्ल। इस सुसाइड नोट पर शिवम के भाई बृजेश शुक्ल, पिता और घर का मोबाइल नंबर और जय माता दी अंग्रेजी में लिखा है। ब्यूरो