फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   अवैध संबंधों में हुई थी तंबाकू श्रमिक की हत्या

अवैध संबंधों में हुई थी तंबाकू श्रमिक की हत्या

Tue, 22 Jan 2019 11:14 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jan 2019 11:14 PM IST
विज्ञापन
अवैध संबंधों में हुई थी तंबाकू श्रमिक की हत्या
कायमगंज (फर्रुखाबाद)। कोतवाली क्षेत्र के गांव गुलवाजनगर निवासी तंबाकू श्रमिक की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार खुलासा कर दिया है। रिश्तेदारी में महिला से अवैध संबंध में हत्या की गई। एसपी संतोष मिश्रा आरोपियों के साथ घटना स्थल पहुंचे और पूछताछ की।
विज्ञापन


गांव गुलवाजनगर निवासी 42 वर्षीय तंबाकू श्रमिक सुखराम चार जनवरी को घर से लापता हो गए थे। उनके पुत्र ने अगले दिन लापता होने की सूचना दी थी। 14 जनवरी की दोपहर गांव से कुछ दूर गन्ने के खेत में शव मिला था। शव के कमर के नीचे का हिस्सा बुरी तरह जला था। इससे अनुमान लगाया गया था कि श्रमिक की अवैध संबंधों में हत्या की गई है। अमर उजाला ने 15 जनवरी के अंक में अवैध संबंध में हत्या होने का समाचार प्रकाशित किया था।
विज्ञापन


इस मामले में खुलासे के लिए कोतवाली पुलिस व स्वाट टीम को लगाया गया। पुलिस को शव के पास शराब की खाली बोतल मिली थी। इस बोतल को बाबा शौच के लिए इस्तेमाल करता था। इसकी गांव में चर्चा शुरू हो गई थी। बोतल को लेकर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने घर में पूछताछ की तो उसके पुत्र ने बताया कि वह नानी के घर गया था। पापा अलीगंज गए हैं। छानबीन हुई तो सुभाष घर में ही मिल गया। पुलिस ने सुभाष को पकड़ा तो घटना से पर्दा उठता चला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुभाष ने अपने सभी साथियों के नाम बता दिए। सुभाष ने एसपी को बताया कि सुखराम उसका मौसेरा भाई था। सुखराम के रिश्तेदारी में एक महिला से अवैध संबंध थे जो उनके बड़े भाई दयाशंकर उर्फ बाबा को नागवार गुजरते थे। एक दिन बाबा ने उनसे शिकायत भी की थी। एक दिन उसने खुद देखा तो सुखराम की हत्या का प्लान बना लिया।

चार जनवरी की सुबह सुखराम को बुलाया और शराब पिलाकर मुंह में कपड़ा ठूंसकर हाथ पैर बांधकर ट्यूबवेल की कोठरी में बांधकर डाल दिया। बीच बीच में उसे नंगा कर गर्म ईंटों पर बैठाकर प्रताड़ित करते रहे। खाने पीने को कुछ नहीं दिया। 13 जनवरी की रात उसकी मौत हो गई तो शव को कंधे पर लादकर पास में ही गन्ने के खेत में डाल दिया।

सुभाष ने बताया कि घटना में परिवार के बहोरन व देवेंद्र को भी शामिल कर लिया। पुलिस ने हत्यारोपी सुभाष, बहोरन, देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। हत्या के मुख्य आरोपी व षड्यंत्रकारी दयाशंकर उर्फ बाबा अभी फरार है।

बेरहमी से तड़पाकर की गई हत्या
गांव गुलवाजनगर निवासी तंबाकू श्रमिक सुखराम की हत्या के आरोपी सुभाष व उनका भाई दयाशंकर उर्फ बाबा पुल के नगला निवासी एक ग्रामीण की खेती बटाई पर करते हैं। उनके ट्यूबवेल की चाबी उन्हीं के पास रहती है। चार जनवरी को सुखराम को बुलाकर पहले शराब पिलाई जब वह खूब नशे में हो गया तभी उसके मुंह मे कपड़ा ठूंस दिया और ट्यूबवेल की कोठरी में उसे इस तरह बांधा कि पैर ऊपर रहें। हाथ बांधकर सिर नीचे कर दिया। इससे सुखराम के शरीर पर बांधने के निशान दिखाई नहीं दे रहे थे। सुभाष ने एसपी संतोष मिश्रा को कोठरी व घटना स्थल दिखाया।


एसपी ने टीम को दिया इनाम
तंबाकू श्रमिक की हत्या के खुलासे के लिए कोतवाली से प्रभारी निरीक्षक राधेश्याम, सर्विलांस प्रभारी इंस्पेक्टर विनय प्रकाश राय, स्वाट टीम प्रभारी कुलदीप दीक्षित को लगाया गया था। तीनों टीमों के सहयोग से घटना का खुलासा हो गया। इससे एसपी संतोष मिश्रा ने टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। ब्यूरो


बेकसूर बताकर पतियों को छोड़ने की लगाई गुहार
कायमगंज। हत्यारोपी सुभाष ट्यूबवेल की कोठरी व गन्ने का खेत दिखा कर घटना के संबंध में पुलिस को बता रहे थे। घटनास्थल के पास ही आरोपियों के घर हैं। तभी देवेंद्र व बहोरन के परिवार की महिलाएं व सुखराम की बेटी प्रियंका पहुंच गईं और एसपी के सामने रोने लगीं। उनका कहना था कि सुखराम से सुभाष व उनके भाई बाबा की रंजिश है। देवेंद्र व बहोरन निर्दोष हैं। उनके पति बेकसूर हैं। अब वह अपने बच्चे कैसे पालेंगी उन्हें छोड़ दो। पुलिस ने उन्हें समझाकर घर भेजा दिया। एसपी संतोष मिश्रा ने बताया कि सुखराम व आरोपी आपस में रिश्तेरदार हैं। पुलिस ने निष्पक्ष कार्य किया है। बाबा की पत्नी की भी पूर्व में मौत हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed