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हत्या व राइफल लूट के मुकदमे में पूर्व विधायक के दर्ज हुए बयान
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हत्या के मुकदमे में गवाही देने कोर्ट में जाते पूर्व विधायक विजय सिंह। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एंटी डकैती न्यायालय में विचाराधीन 36 साल पुराने हत्या व राइफल लूट के मुकदमे में सपा के पूर्व विधायक विजय सिंह की गवाही हुई। बांदा जेल से पुलिस सुरक्षा में एंबुलेंस से लाकर कोर्ट में उसे पेश किया गया।
शहर के मोहल्ला बागकूंचा निवासी डेयरी वाले रामखिलावन मिश्रा के भाई रामदास उर्फ भूरा की फतेहगढ़ क्षेत्र के मोहल्ला जाफरी में 13 अप्रैल 1986 में चाकू और गोली मार कर हत्या दी गई थी। रामखिलावन ने हरदोई के थाना हरपालपुर के गांव पलिया निवासी रामकिशोर, इनके भाई सुखवीर और साथी अमर सिंह व देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा था कि रामकिशोर आरईएस में ठेकेदारी करते थे। वह फतेहगढ़ के मोहल्ला जाफरी में किराए के मकान में रहते थे। लेनदेन का हिसाब करने के लिए रामकिशोर ने 13 अप्रैल को रामदास उर्फ भूरा को अपने घर बुलाया और हत्या कर दी थी। भाई की लाइसेंसी राइफल व कारतूस की पेटी लूट ली थी। पुलिस ने जांच कर 23 सितंबर 1986 में चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
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36 साल पुराने इस मुकदमे में गवाही चल रही है। शुक्रवार को बांदा जेल में पूर्व ऊर्जामंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व विधायक विजय सिंह को गवाही के लिए पुलिस सुरक्षा में एंबुलेंस से कोर्ट में लाया गया।
पूर्व विधायक ने कोर्ट में रामदास उर्फ भूरा हत्याकांड में बयान दर्ज कराए। इस दौरान कोर्ट में एक आरोपी सुखवीर उपस्थित रहा, उसकी पूर्व विधायक विजय सिंह ने पहचान की। जिरह करने के लिए तीन जून की तारीख लगाई गई है। विजय सिंह से मिलने के लिए लोगों की कचहरी परिसर में भीड़ लगी रही।
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शहर के मोहल्ला बागकूंचा निवासी डेयरी वाले रामखिलावन मिश्रा के भाई रामदास उर्फ भूरा की फतेहगढ़ क्षेत्र के मोहल्ला जाफरी में 13 अप्रैल 1986 में चाकू और गोली मार कर हत्या दी गई थी। रामखिलावन ने हरदोई के थाना हरपालपुर के गांव पलिया निवासी रामकिशोर, इनके भाई सुखवीर और साथी अमर सिंह व देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इसमें कहा था कि रामकिशोर आरईएस में ठेकेदारी करते थे। वह फतेहगढ़ के मोहल्ला जाफरी में किराए के मकान में रहते थे। लेनदेन का हिसाब करने के लिए रामकिशोर ने 13 अप्रैल को रामदास उर्फ भूरा को अपने घर बुलाया और हत्या कर दी थी। भाई की लाइसेंसी राइफल व कारतूस की पेटी लूट ली थी। पुलिस ने जांच कर 23 सितंबर 1986 में चारों आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
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36 साल पुराने इस मुकदमे में गवाही चल रही है। शुक्रवार को बांदा जेल में पूर्व ऊर्जामंत्री ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व विधायक विजय सिंह को गवाही के लिए पुलिस सुरक्षा में एंबुलेंस से कोर्ट में लाया गया।
पूर्व विधायक ने कोर्ट में रामदास उर्फ भूरा हत्याकांड में बयान दर्ज कराए। इस दौरान कोर्ट में एक आरोपी सुखवीर उपस्थित रहा, उसकी पूर्व विधायक विजय सिंह ने पहचान की। जिरह करने के लिए तीन जून की तारीख लगाई गई है। विजय सिंह से मिलने के लिए लोगों की कचहरी परिसर में भीड़ लगी रही।