{"_id":"5f3c07c18ebc3e3d13125111","slug":"crime-farrukhabad-news-knp577478672","type":"story","status":"publish","title_hn":"तत्कालीन सीओ लाइन व आरआई के खिलाफ जांच शुरू, नोटिस भेजे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तत्कालीन सीओ लाइन व आरआई के खिलाफ जांच शुरू, नोटिस भेजे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। बिना ड्यूटी के साढ़े तीन वर्ष तक सिपाही के वेतन निकलने के मामले में तत्कालीन सीओ लाइन व आरआई के खिलाफ एएसपी ने जांच शुरू कर दी है। जांच में बयान देने के लिए एएसपी ने सभी को नोटिस भेजे हैं।
पुलिस लाइन में तैनात सिपाही नरेश सिंह यादव का 4 अप्रैल 2016 में जहानगंज थाने के लिए तबादला हो गया था। सिपाही ने थाने में आमद नहीं कराई और लापता हो गया। लेकिन उसका वेतन हर महीने निकलता रहा।
14 दिसंबर 2019 को उसकी पत्नी सीमा ने नरेश की बीमारी से मौत होने की जानकारी विभाग को दी। तब जाकर पता चला कि सिपाही का बिना ड्य़ूटी साढ़े तीन वर्ष तक वेतन निकलता रहा। तत्कालीन एएसपी त्रिभुवन सिंह ने जांच कर रिपोर्ट एसपी को दी थी।
विज्ञापन
एसपी ने कैश पटल के दीवान अशोक शुक्ला, मुंशी शाहिद, गणना मोहर्रिर कोमल यादव को निलंबित कर दिया था। साढ़े तीन वर्ष में सीओ लाइन व आरआई के पद पर जनपद में तैनात सभी लोगों के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया था।
जांच सीओ कायमगंज राजवीर सिंह गौर को दी गई। उन्होंने समकक्ष अधिकारियों के खिलाफ जांच होने का हवाला देकर आख्या एसपी को वापस भेज दी थी। एसपी के आदेश पर जांच एएसपी अजय प्रताप को दी गई।
एएसपी ने इस प्रकरण से जुड़े सीओ लाइन, आरआई व अन्य पुलिसकर्मियों को नोटिस भेजकर बयान देने के लिए बुलाया है। ऐसे में कई लोगों पर कार्रवाई होना तय है।
विज्ञापन
पुलिस लाइन में तैनात सिपाही नरेश सिंह यादव का 4 अप्रैल 2016 में जहानगंज थाने के लिए तबादला हो गया था। सिपाही ने थाने में आमद नहीं कराई और लापता हो गया। लेकिन उसका वेतन हर महीने निकलता रहा।
विज्ञापन
14 दिसंबर 2019 को उसकी पत्नी सीमा ने नरेश की बीमारी से मौत होने की जानकारी विभाग को दी। तब जाकर पता चला कि सिपाही का बिना ड्य़ूटी साढ़े तीन वर्ष तक वेतन निकलता रहा। तत्कालीन एएसपी त्रिभुवन सिंह ने जांच कर रिपोर्ट एसपी को दी थी।
विज्ञापन
एसपी ने कैश पटल के दीवान अशोक शुक्ला, मुंशी शाहिद, गणना मोहर्रिर कोमल यादव को निलंबित कर दिया था। साढ़े तीन वर्ष में सीओ लाइन व आरआई के पद पर जनपद में तैनात सभी लोगों के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया था।
जांच सीओ कायमगंज राजवीर सिंह गौर को दी गई। उन्होंने समकक्ष अधिकारियों के खिलाफ जांच होने का हवाला देकर आख्या एसपी को वापस भेज दी थी। एसपी के आदेश पर जांच एएसपी अजय प्रताप को दी गई।
एएसपी ने इस प्रकरण से जुड़े सीओ लाइन, आरआई व अन्य पुलिसकर्मियों को नोटिस भेजकर बयान देने के लिए बुलाया है। ऐसे में कई लोगों पर कार्रवाई होना तय है।