{"_id":"5eb44bff8ebc3e90966502aa","slug":"crime-farrukhabad-news-knp5589975121","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में हर दस दिन में हुई दो हत्या, अपराध का ग्राफ बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में हर दस दिन में हुई दो हत्या, अपराध का ग्राफ बढ़ा
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फर्रुखाबाद। लॉकडाउन में भी जिले के अपराध के ग्राफ में तीन गुना बढ़ोत्तरी हुई है। जनवरी, फरवरी और मार्च में केवल चार हत्याएं हुईं। वहीं 40 दिन में नौ लोगों की हत्या हुई। इनमें कुछ घटनाओं के लिए पुलिस जिम्मेदार है। पांच दहेज हत्याओं के साथ चोरी की घटनएं भी बढ़ीं हैं। लूट की दो घटनाएं हुईं। हैरत की बात है कि पुलिस अधिकारियों ने लापरवाह एसओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
लॉकडाउन में पुलिस अन्य दिनों के सापेक्ष अधिक सक्रि रही। इसके बाद भी 40 दिन में आठ हत्याएं हो गईं, जबकि 25 मार्च तक महज चार हत्याएं हुईं थीं। कायमगंज व मऊदरवाजा थाना क्षेत्र में एक मई को हुई दो हत्याओं के लिए पुलिस की कार्यप्रणाली जिम्मेदार है। कायमगंज में छोटे भाई की हरकतों परेशान बड़े ने कई बार पुलिस से शिकायत की थी। पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इधर मऊदरवाजा में किन्नर ने आवास पर कब्जा किए जाने की शिकायत एक मई को ही थाने पहुंचकर की थी।
यहां भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद भी इन दोनों थाना क्षेत्रों के जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। इस अवधि में ही 17 मकानों में नकब, 23 घरों में ताला तोड़कर चोरियां हुईं। पांच मवेशी चोरी हुए। पांच महिलाओं की दहेज के लिए हत्या कर दी गई। एक दुष्कर्म की घटना हुई। दहेज उत्पीड़न के सात मुकदमे दर्ज किए गए हैं। लॉकडाउन में अपराध का ग्राफ बढ़ने पर एसपी डॉ. अनिल मिश्रा ने एएसपी व सभी सीओ के साथ सोमवार की रात बैठक कर चिंता चताई है।
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- 1 अप्रैल मोहम्मदाबाद के गांव नगला बलिया निवासी अवधेश की नाक मुंह दबाकर हत्या
- 7 अप्रैल फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव बुढ़नामऊ निवासी बिहारी मजदूर मुकेश की हत्या
- 9 अप्रैल थाना शमसाबाद के गांव कटिया में वृद्ध गंगाराम की गोली मारकर हत्या
- 14 अप्रैल शमसाबाद में रीमा की पिता सुग्रीव ने गोली मारकर हत्या कर दी थी
- 20 अप्रैल फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव भरहेपुर में महिला रीमा की हत्या
- 27 अप्रैल को नवाबगंज के मिलकिया पहाड़पुर में शैलेश की गोली मारकर हत्या
- 1 मई को मऊदरवाजा थाना क्षेत्र की कांशीराम कालोनी में किन्नर अंजली उर्फ शबाव की हत्या
- 1 मई को कायमगंज के मोहल्ला छपट्टी में बृजेश की गोली मारकर हत्या
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लॉकडाउन में पुलिस अन्य दिनों के सापेक्ष अधिक सक्रि रही। इसके बाद भी 40 दिन में आठ हत्याएं हो गईं, जबकि 25 मार्च तक महज चार हत्याएं हुईं थीं। कायमगंज व मऊदरवाजा थाना क्षेत्र में एक मई को हुई दो हत्याओं के लिए पुलिस की कार्यप्रणाली जिम्मेदार है। कायमगंज में छोटे भाई की हरकतों परेशान बड़े ने कई बार पुलिस से शिकायत की थी। पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इधर मऊदरवाजा में किन्नर ने आवास पर कब्जा किए जाने की शिकायत एक मई को ही थाने पहुंचकर की थी।
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यहां भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बाद भी इन दोनों थाना क्षेत्रों के जिम्मेदार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। इस अवधि में ही 17 मकानों में नकब, 23 घरों में ताला तोड़कर चोरियां हुईं। पांच मवेशी चोरी हुए। पांच महिलाओं की दहेज के लिए हत्या कर दी गई। एक दुष्कर्म की घटना हुई। दहेज उत्पीड़न के सात मुकदमे दर्ज किए गए हैं। लॉकडाउन में अपराध का ग्राफ बढ़ने पर एसपी डॉ. अनिल मिश्रा ने एएसपी व सभी सीओ के साथ सोमवार की रात बैठक कर चिंता चताई है।
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- 1 अप्रैल मोहम्मदाबाद के गांव नगला बलिया निवासी अवधेश की नाक मुंह दबाकर हत्या
- 7 अप्रैल फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव बुढ़नामऊ निवासी बिहारी मजदूर मुकेश की हत्या
- 9 अप्रैल थाना शमसाबाद के गांव कटिया में वृद्ध गंगाराम की गोली मारकर हत्या
- 14 अप्रैल शमसाबाद में रीमा की पिता सुग्रीव ने गोली मारकर हत्या कर दी थी
- 20 अप्रैल फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव भरहेपुर में महिला रीमा की हत्या
- 27 अप्रैल को नवाबगंज के मिलकिया पहाड़पुर में शैलेश की गोली मारकर हत्या
- 1 मई को मऊदरवाजा थाना क्षेत्र की कांशीराम कालोनी में किन्नर अंजली उर्फ शबाव की हत्या
- 1 मई को कायमगंज के मोहल्ला छपट्टी में बृजेश की गोली मारकर हत्या