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एचटी लाइन ठीक करते समय करंट लगने से पोल से गिरकर संविदा कर्मी की मौत
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रमेश का फाइल फोटो।
- फोटो : FARRUKHABAD
एचटी लाइन ठीक कर रहे संविदा कर्मी की करंट से मौत
कंपिल। गांव सिकंदरपुर खास में हाईटेंशन लाइन ठीक करते समय बिजली आने से करंट से संविदा लाइनमैन की पोल से गिरकर मौत हो गई। परिजनों ने एसएसओ पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। पुलिस ने समझाकर उन्हें शांत कर दिया। वहीं ग्रामीणों ने घटना पर रोष व्यक्त किया।
थाना क्षेत्र के गांव भोगपुर निवासी रमेश शाक्य (44) लगभग 5 वर्ष से बिजली विभाग में संविदा पर लाइनमैन था। शुक्रवार देर रात हाईटेंशन लाइन में फाल्ट होने से गांव सिकंदरपुर खास व आसपास के लगभग बीस गांवों की बिजली गुल हो गई थी। गांव के लोगों की सूचना पर वह शनिवार सुबह लगभग 6 बजे अपने साथी देवेंद्र के साथ लाइन की मरम्मत करने के लिए गांव सिकंदरपुर पहुंचा।
रमेश ने उपकेंद्र पर फोन कर एसएसओ राजकुमार से शटडाउन लिया। इसके बाद रमेश नलकूप के पास स्थित हाईटेंशन लाइन के पोल पर चढ़ गया। लाइन की मरम्मत करने के दौरान अचानक बिजली आ गई। इससे करंट लगने से रमेश जमीन पर आ गिरा। गंभीर रूप से झुलसने के साथ घायल भी हो गया। रमेश को सीएचसी कायमगंज में ले जाकर भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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सूचना पर पहुंचे परिजनों ने उपकेंद्र के एसएसओ पर लापरवाही का आरोप लगाकर सीएचसी में हंगामा कर दिया। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। दरोगा डीपी गौतम ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। लाइनमैन रमेश की मौत से सिकंदरपुर गांव के ग्रामीणों ने रोष जताया। वहीं ग्रामीणों ने लाइनमैन को न्याय दिए जाने की मांग की है।
जेई अजय यादव ने बताया कि रमेेश के परिवार की मदद की जाएगी। एसडीओ दिलीप गंगवार ने सीएचसी कायमगंज पहुंचकर रमेश के परिवार को आर्थिक मदद दी। उन्होंने कहा कि जांच की जाएगी कि रमेश ने शटडाउन लिया था या नहीं। यदि लिया था तो बिजली कैसे चालू कर दी गई। रमेश के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
उसके दो बेटे राधाकिशन(18), कृष्ण गोपाल(15), तीन बेटी लक्ष्मी(25), रेखा(20), हेमा(16) है। बड़ा बेटा राजस्थान में एक फैक्टरी में नौकरी करता था। लॉकडाउन के दौरान घर चला आया। पिता-पुत्र मेहनत कर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। खेती भी नहीं है।
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कंपिल। गांव सिकंदरपुर खास में हाईटेंशन लाइन ठीक करते समय बिजली आने से करंट से संविदा लाइनमैन की पोल से गिरकर मौत हो गई। परिजनों ने एसएसओ पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। पुलिस ने समझाकर उन्हें शांत कर दिया। वहीं ग्रामीणों ने घटना पर रोष व्यक्त किया।
थाना क्षेत्र के गांव भोगपुर निवासी रमेश शाक्य (44) लगभग 5 वर्ष से बिजली विभाग में संविदा पर लाइनमैन था। शुक्रवार देर रात हाईटेंशन लाइन में फाल्ट होने से गांव सिकंदरपुर खास व आसपास के लगभग बीस गांवों की बिजली गुल हो गई थी। गांव के लोगों की सूचना पर वह शनिवार सुबह लगभग 6 बजे अपने साथी देवेंद्र के साथ लाइन की मरम्मत करने के लिए गांव सिकंदरपुर पहुंचा।
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रमेश ने उपकेंद्र पर फोन कर एसएसओ राजकुमार से शटडाउन लिया। इसके बाद रमेश नलकूप के पास स्थित हाईटेंशन लाइन के पोल पर चढ़ गया। लाइन की मरम्मत करने के दौरान अचानक बिजली आ गई। इससे करंट लगने से रमेश जमीन पर आ गिरा। गंभीर रूप से झुलसने के साथ घायल भी हो गया। रमेश को सीएचसी कायमगंज में ले जाकर भर्ती कराया गया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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सूचना पर पहुंचे परिजनों ने उपकेंद्र के एसएसओ पर लापरवाही का आरोप लगाकर सीएचसी में हंगामा कर दिया। जानकारी पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाकर शांत कराया। दरोगा डीपी गौतम ने शव पोस्टमार्टम को भेज दिया। लाइनमैन रमेश की मौत से सिकंदरपुर गांव के ग्रामीणों ने रोष जताया। वहीं ग्रामीणों ने लाइनमैन को न्याय दिए जाने की मांग की है।
जेई अजय यादव ने बताया कि रमेेश के परिवार की मदद की जाएगी। एसडीओ दिलीप गंगवार ने सीएचसी कायमगंज पहुंचकर रमेश के परिवार को आर्थिक मदद दी। उन्होंने कहा कि जांच की जाएगी कि रमेश ने शटडाउन लिया था या नहीं। यदि लिया था तो बिजली कैसे चालू कर दी गई। रमेश के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
उसके दो बेटे राधाकिशन(18), कृष्ण गोपाल(15), तीन बेटी लक्ष्मी(25), रेखा(20), हेमा(16) है। बड़ा बेटा राजस्थान में एक फैक्टरी में नौकरी करता था। लॉकडाउन के दौरान घर चला आया। पिता-पुत्र मेहनत कर अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। खेती भी नहीं है।