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बैंक प्रबंधक, निदेशक सहित छह के खिलाफ परिवाद
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फर्रुखाबाद। दवा एजेंसी मालिक ने बैंक प्रबंधक सहित अन्य लोगों से सांठगांठ कर कर्मचारी के नाम पर पांच लाख का लोन करा दिया था।
नोटिस मिलने पर कर्मचारी ने प्रबंधक, निदेशक, एजेंसी मालिक सहित छह लोगों के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला नवाब दिलावर खां निवासी प्रवीण सक्सेना ने रेलवे रोड स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शाखा प्रबंधक, महाराष्ट्र के जनपद पुणे शिवाजी नगर के प्रधान कार्यालय के निदेशक, शहर कोतवाली के मोहल्ला सरदार खां निवासी दवा एजेंसी मालिक मनोज कुमार शाक्य, चार्टड अकाउंटेट मोहित गुप्ता, पूर्व शाखा प्रबंधक शुभकरन, कर्मचारी आकाश बाजपेई के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया।
इसमें बताया कि मनोज शाक्य दवाइयों के थोक विक्रेता हैं। वह उनकी एजेंसी पर दवाइयों को पहुंचाने का काम करता था।
एजेंसी मालिक मनोज ने श्रम कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट फोटो जमा करवाए थे।
एजेंसी मालिक के साथ बैंक ऑफ महाराष्ट्र में आना-जाना था। मनोज शाक्य लेखपाल की पुत्री के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में जेल चला गया। फरवरी 2020 में मनोज के पिता ने प्रवीण को नौकरी से निकाल दिया।
एक जून 2022 को बैंक से नोटिस आया तो प्रवीण को पता चला कि उसके नाम से पांच लाख रुपये का लोन लिया गया था।
इसमें एजेंसी मालिक गारंटर बने थे। मनोज व बैंक के अधिकारियों ने सांठगांठ कर लोन करा दिया। शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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नोटिस मिलने पर कर्मचारी ने प्रबंधक, निदेशक, एजेंसी मालिक सहित छह लोगों के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया है।
शहर कोतवाली के मोहल्ला नवाब दिलावर खां निवासी प्रवीण सक्सेना ने रेलवे रोड स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के शाखा प्रबंधक, महाराष्ट्र के जनपद पुणे शिवाजी नगर के प्रधान कार्यालय के निदेशक, शहर कोतवाली के मोहल्ला सरदार खां निवासी दवा एजेंसी मालिक मनोज कुमार शाक्य, चार्टड अकाउंटेट मोहित गुप्ता, पूर्व शाखा प्रबंधक शुभकरन, कर्मचारी आकाश बाजपेई के खिलाफ कोर्ट में परिवाद दर्ज कराया।
इसमें बताया कि मनोज शाक्य दवाइयों के थोक विक्रेता हैं। वह उनकी एजेंसी पर दवाइयों को पहुंचाने का काम करता था।
एजेंसी मालिक मनोज ने श्रम कार्यालय में रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट फोटो जमा करवाए थे।
एजेंसी मालिक के साथ बैंक ऑफ महाराष्ट्र में आना-जाना था। मनोज शाक्य लेखपाल की पुत्री के साथ सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में जेल चला गया। फरवरी 2020 में मनोज के पिता ने प्रवीण को नौकरी से निकाल दिया।
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एक जून 2022 को बैंक से नोटिस आया तो प्रवीण को पता चला कि उसके नाम से पांच लाख रुपये का लोन लिया गया था।
इसमें एजेंसी मालिक गारंटर बने थे। मनोज व बैंक के अधिकारियों ने सांठगांठ कर लोन करा दिया। शिकायत करने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।