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Farrukhabad News: बिना आदेश भवन ध्वस्त कराने की कमेटी करेगी जांच
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फर्रुखाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शमसाबाद में बिना आदेश तीन सरकारी आवास ध्वस्त कराने के मामले में सीएमओ ने सोमवार को जांच कमेटी गठित कर दी है। उन्होंने सीएचसी प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब किया है।
सीएचसी परिसर में बने तीन सरकारी आवासों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त करा दिया गया। वहां पर ब्लाॅक पब्लिक हेल्थ यूनिट का निर्माण स्वीकृत है। बिना आदेश सरकारी भवन ध्वस्त कराने के मामले में अमर उजाला ने सोमवार को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया। इससे विभाग में खलबली मच गई।
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने सीएचसी प्रभारी डॉ.सरवर इकबाल से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसमें कहा कि ब्लाॅक हेल्थ यूनिट निर्माण के लिए बिना आदेश के ही भवन ध्वस्तीकरण करा दिया गया। इस संबंध में तत्काल स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
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उन्होंने प्रकरण की जांच के लिए एसीएमओ डॉ.उमेश चंद्र वर्मा व एसीएमओ डॉ.मलिक आलमगीर की जांच कमेटी गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट तलब की है। नियमानुसार किसी सरकारी भवन को ध्वस्त कराने से पहले उसकी टेक्निकल कमेटी से जांच कराकर भवन जर्जर घोषित किया जाता है।
ध्वस्तीकरण आदेश जारी होने के बाद भवन को गिराया जाता है। ध्वस्तीकरण में निकलने वाले मलबे की अधिकारियों की कमेटी बनाकर नीलामी की जाती है। सीएससी में जेसीबी से गिराए गए आवासों में किसी भी नियम का पालन नहीं किया गया।
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि बिना आदेश ध्वस्तीकरण कराने की कमेटी से जांच कराई जा रही है। सीएचसी प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बिना आदेश भवन का ध्वस्तीकरण कराना नियम विरुद्ध है। दूसरी ओर सीएचसी प्रभारी डॉ.सरवर इकबाल ने बताया कि ध्वस्तीकरण का उन्होंने कोई आदेश नहीं दिया। सूचना पर वह क्षेत्र भ्रमण से लौटे तब तक ध्वस्तीकरण हो चुका था। पूछताछ में जेसीबी चालक ने यूनिट निर्माण का नक्शा भी दिखाया। कार्रवाई तो ध्वस्त करने वालों के खिलाफ होनी चाहिए।
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सीएचसी परिसर में बने तीन सरकारी आवासों को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त करा दिया गया। वहां पर ब्लाॅक पब्लिक हेल्थ यूनिट का निर्माण स्वीकृत है। बिना आदेश सरकारी भवन ध्वस्त कराने के मामले में अमर उजाला ने सोमवार को प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया। इससे विभाग में खलबली मच गई।
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सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने सीएचसी प्रभारी डॉ.सरवर इकबाल से स्पष्टीकरण तलब किया है। इसमें कहा कि ब्लाॅक हेल्थ यूनिट निर्माण के लिए बिना आदेश के ही भवन ध्वस्तीकरण करा दिया गया। इस संबंध में तत्काल स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें।
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उन्होंने प्रकरण की जांच के लिए एसीएमओ डॉ.उमेश चंद्र वर्मा व एसीएमओ डॉ.मलिक आलमगीर की जांच कमेटी गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट तलब की है। नियमानुसार किसी सरकारी भवन को ध्वस्त कराने से पहले उसकी टेक्निकल कमेटी से जांच कराकर भवन जर्जर घोषित किया जाता है।
ध्वस्तीकरण आदेश जारी होने के बाद भवन को गिराया जाता है। ध्वस्तीकरण में निकलने वाले मलबे की अधिकारियों की कमेटी बनाकर नीलामी की जाती है। सीएससी में जेसीबी से गिराए गए आवासों में किसी भी नियम का पालन नहीं किया गया।
सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि बिना आदेश ध्वस्तीकरण कराने की कमेटी से जांच कराई जा रही है। सीएचसी प्रभारी से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बिना आदेश भवन का ध्वस्तीकरण कराना नियम विरुद्ध है। दूसरी ओर सीएचसी प्रभारी डॉ.सरवर इकबाल ने बताया कि ध्वस्तीकरण का उन्होंने कोई आदेश नहीं दिया। सूचना पर वह क्षेत्र भ्रमण से लौटे तब तक ध्वस्तीकरण हो चुका था। पूछताछ में जेसीबी चालक ने यूनिट निर्माण का नक्शा भी दिखाया। कार्रवाई तो ध्वस्त करने वालों के खिलाफ होनी चाहिए।