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लंच पैकेट न मिलने से गुस्साए लेखपाल, चलीं कुर्सियां
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सातनपुर मंडी में लेखपाल व डीएसओ के कर्मचारियों में चलती कुर्सियां। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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फर्रुखाबाद। मतगणना के दौरान लंच पैकेटों को लेकर लेखपालों व पूर्ति विभाग के कर्मचारियों के बीच झड़प हो गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर कुर्सियां भी चलीं। अधिकारियों ने किसी तरह बीच बचाव कर मामले को शांत कराया।
सातनपुर मंडी स्थित मतगणना स्थल के स्ट्रांग रूम में लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई थी। उनके लिए मंडी में भोजन बनवाया गया। रसोई की जिम्मेदारी जिला पूर्ति अधिकारी की थी। दोपहर करीब 12 बजे तक लंच पैकेट न पहुंचने से एक लेखपाल रसोई में पहुंचा और साथियों के लिए लंच पैकेट मांगे। पूर्ति विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि ड्यूटी स्थल पर ही लंच पैकेट पहुंचाए जाएंगे, यहां किसी को भोजन नहीं मिलेगा। इस पर लेखपाल गुस्सा गया और कुछ कह दिया।
इसको लेकर पूर्ति विभाग के कर्मचारी से विवाद होने पर धक्कामुक्की हो गई। लेखपाल ने वापस जाकर साथियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद संगठन से जुड़े कुछ लेखपाल रसोई में पहुंचे और फिर दोनों पक्षों में झड़प होने लगी। दोनों पक्षों से कुर्सियां भी चलाई गईं। मामला बिगड़ता देख पुलिस फोर्स बुलाया गया।
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इससे पहले ही कुछ अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर किसी तरह शांत किया। लेखपालों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को खुश करने के लिए पकवान भेजे जा रहे हैं, जबकि उन लोगों को सुबह चार बजे से दोपहर तक चाय भी नसीब नहीं हुई।
इस अव्यवस्था को लेकर बाद में भी लेखपाल हो-हल्ला करते रहे। हालांकि बाद में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा। मामला शांत हो जाने से लेखपाल अपनी ड्यूटी पर चले गए। कुछ अधिकारियों के वाहन चालकों ने भी भोजन न मिलने का आरोप लगाया। जिला पूर्ति अधिकारी जीवेश कुमार मौर्य ने बताया कि व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए लेखपाल से ड्यूटी स्थल पर लंच पैकेट भेजने की बात कर्मचारी ने कह दी थी। इसी बात पर लेखपाल नाराज हो गए थे। बाद में लंच पैकेट भिजवा दिए गए। लंच पैकेट न मिलने का आरोप गलत है।
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सातनपुर मंडी स्थित मतगणना स्थल के स्ट्रांग रूम में लेखपालों की ड्यूटी लगाई गई थी। उनके लिए मंडी में भोजन बनवाया गया। रसोई की जिम्मेदारी जिला पूर्ति अधिकारी की थी। दोपहर करीब 12 बजे तक लंच पैकेट न पहुंचने से एक लेखपाल रसोई में पहुंचा और साथियों के लिए लंच पैकेट मांगे। पूर्ति विभाग के कर्मचारियों ने कहा कि ड्यूटी स्थल पर ही लंच पैकेट पहुंचाए जाएंगे, यहां किसी को भोजन नहीं मिलेगा। इस पर लेखपाल गुस्सा गया और कुछ कह दिया।
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इसको लेकर पूर्ति विभाग के कर्मचारी से विवाद होने पर धक्कामुक्की हो गई। लेखपाल ने वापस जाकर साथियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद संगठन से जुड़े कुछ लेखपाल रसोई में पहुंचे और फिर दोनों पक्षों में झड़प होने लगी। दोनों पक्षों से कुर्सियां भी चलाई गईं। मामला बिगड़ता देख पुलिस फोर्स बुलाया गया।
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इससे पहले ही कुछ अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर किसी तरह शांत किया। लेखपालों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को खुश करने के लिए पकवान भेजे जा रहे हैं, जबकि उन लोगों को सुबह चार बजे से दोपहर तक चाय भी नसीब नहीं हुई।
इस अव्यवस्था को लेकर बाद में भी लेखपाल हो-हल्ला करते रहे। हालांकि बाद में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंचा। मामला शांत हो जाने से लेखपाल अपनी ड्यूटी पर चले गए। कुछ अधिकारियों के वाहन चालकों ने भी भोजन न मिलने का आरोप लगाया। जिला पूर्ति अधिकारी जीवेश कुमार मौर्य ने बताया कि व्यवस्था न बिगड़े इसके लिए लेखपाल से ड्यूटी स्थल पर लंच पैकेट भेजने की बात कर्मचारी ने कह दी थी। इसी बात पर लेखपाल नाराज हो गए थे। बाद में लंच पैकेट भिजवा दिए गए। लंच पैकेट न मिलने का आरोप गलत है।