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अन्ना गोवंश तबाह कर रहे फसलें, किसान दुखी
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गांव गौसिया में खेतों में फसल चरते अन्ना मवेशी। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : FARRUKHABAD
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अमृतपुर। अन्ना गोवंशों के आतंक के आगे अन्नदाता बेबस हैं। फसल बचाने के लिए कोई जुगाड़ काम नहीं आ रही है। इससे उन्हें रात खेत में गुजारनी पड़ रही है। दिन में फसल से किसान की नजर हटते ही अन्ना गोवंश फसल को तबाह कर देते हैं।
अन्नदाताओं की फसल को गोवंशों से बचाने के लिए भले ही उत्तर प्रदेश सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही हो, लेकिन समस्या जस की तस है। तहसील क्षेत्र में गोवंशों के आतंक से अन्नदाता परेशान हैं। अपनी फसल को गोवंशों से बचाने के लिए किसान लाठी लेकर रात दिन खेतों में ही रहने को मजबूर हैं। गोवंशों का झुंड जिस खेत में पहुंच जाता है वहां पूरी फसल साफ हो जाती है।
इन दिनों गेहूं, चना, मसूर, जौ, मटर, सरसों, आदि की फसल खेतों में है। इन्हीं फसलों से ही किसानों को पूरे साल पेट पालने का इंतजाम करना होता है। खून पसीने से तैयार हो रही यह इन फसलों पर गोवंश पानी फेर रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार ने अन्ना गोवंशों के लिए गोशाला तो बनवाई हैं पर जिम्मेदार अन्ना गोवंशों को पकड़वा ही नहीं रहे हैं।
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इससे उनकी फसलें तबाह हो रही हैं। इसके चलते ही तहसील क्षेत्र में बनाई गई गोशालाओं का किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। गौटिया में एक खेत में गेहूं की फसल में गोवंशों का झुंड पहुंच गया। देखते देखते फसल को चट कर गए। किसान रामसिंह, राधा मोहन, ब्रजराज, कैलाश आदि कहते हैं कि गोवंशों से फसल बचाने के लिए खेतों के चारो ओर कटीले तार व प्लास्टिक की रस्सी भी लागाते हैं। पर कोई जुगाड़ काम नहीं आ रही है। गोवंश इन्हें ध्वस्त कर खेत में घुस जाते हैं। उपजिलाधिकारी बृजेंद्र कुमार ने बताया कि अन्ना गोवंश को पकड़वाने के लिए कोई बजट नहीं है। किसानों के सहयोग से ही अन्ना गोवंश को पकड़वाया जा सकता है।
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अन्नदाताओं की फसल को गोवंशों से बचाने के लिए भले ही उत्तर प्रदेश सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही हो, लेकिन समस्या जस की तस है। तहसील क्षेत्र में गोवंशों के आतंक से अन्नदाता परेशान हैं। अपनी फसल को गोवंशों से बचाने के लिए किसान लाठी लेकर रात दिन खेतों में ही रहने को मजबूर हैं। गोवंशों का झुंड जिस खेत में पहुंच जाता है वहां पूरी फसल साफ हो जाती है।
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इन दिनों गेहूं, चना, मसूर, जौ, मटर, सरसों, आदि की फसल खेतों में है। इन्हीं फसलों से ही किसानों को पूरे साल पेट पालने का इंतजाम करना होता है। खून पसीने से तैयार हो रही यह इन फसलों पर गोवंश पानी फेर रहे हैं। किसानों का कहना है कि सरकार ने अन्ना गोवंशों के लिए गोशाला तो बनवाई हैं पर जिम्मेदार अन्ना गोवंशों को पकड़वा ही नहीं रहे हैं।
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इससे उनकी फसलें तबाह हो रही हैं। इसके चलते ही तहसील क्षेत्र में बनाई गई गोशालाओं का किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। गौटिया में एक खेत में गेहूं की फसल में गोवंशों का झुंड पहुंच गया। देखते देखते फसल को चट कर गए। किसान रामसिंह, राधा मोहन, ब्रजराज, कैलाश आदि कहते हैं कि गोवंशों से फसल बचाने के लिए खेतों के चारो ओर कटीले तार व प्लास्टिक की रस्सी भी लागाते हैं। पर कोई जुगाड़ काम नहीं आ रही है। गोवंश इन्हें ध्वस्त कर खेत में घुस जाते हैं। उपजिलाधिकारी बृजेंद्र कुमार ने बताया कि अन्ना गोवंश को पकड़वाने के लिए कोई बजट नहीं है। किसानों के सहयोग से ही अन्ना गोवंश को पकड़वाया जा सकता है।