फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   civic

मंडी में प्लेटफार्म तोड़कर हो रहे आधुनिकीकरण को एसडीएम ने रोका

Thu, 02 Jan 2020 11:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jan 2020 11:33 PM IST
विज्ञापन
civic
कायमगंज मंडी में रुका पड़ा टीन शेड तोड़ने का काम। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : FARRUKHABAD
कायमगंज। मंडी समिति में चल रही तोड़फोड़ के कार्य को एसडीएम ने मौके पर पहुंच रुकवा दिया है। कार्यदायी संस्था से निर्माण संबंधी दस्तावेज मांगे हैं। उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज देखने के बाद ही प्लेटफार्म तोड़ा जाएगा। प्लेटफार्म तोड़ने का कार्य रुकने पर व्यापारियों में खुशी है।
विज्ञापन

कायमगंज मंडी समिति का राष्ट्रीय कृषि योजना के तहत आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इसके तहत 5 करोड़ 91 लाख की लागत से ई-नेम आफिस, फसल की गुणवत्ता जांचने के लिए लैब, विश्राम गृह, कैंटीन, ढाबा, दो आधुनिक गेट, पेस्टीसाइड रेजीड्यूल टेस्टिंग लैब पूर्व निर्मित दुकानों व आवासों की मरम्मत के लिए टेंडर हुआ है। यह टेंडर आगरा की प्रज्ञा कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला है। बुधवार को मंडी में बने प्लेटफार्म व टिन शेड को ध्वस्त कर ई-नेम दफ्तर व लैब के लिए जगह खाली की जा रही थी। टिन शेड में व्यापारियों का माल भी रखा है।
विज्ञापन

मंडी सचिव ने उन्हें नोटिस देकर खाली कराने को कहा है। टीन शेड तोड़े जाने की खबर अमर उजाला में गुरुवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित हुई। इसे संज्ञान में लेकर सुबह एसडीएम अमित आसेरी मंडी पहुंचे। वहां उन्हें कार्यदायी संस्था का कोई भी कर्मचारी नहीं मिला। उन्होंने मंडी इंस्पेक्टर शिवम गुप्ता से कहा कि प्लेटफार्म तोड़ने का कार्य रुकवा दें और कार्यदायी संस्था के लोग पूरे दस्तावेज लाकर उन्हें दिखाएं, इसके बाद काम शुरू कराएं। एसडीएम के निर्देश पर फिलहाल काम रोक दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसडीएम ने बताया प्लेटफार्म तोड़ने का काम रोका गया है। कार्यदायी संस्था के लोग शुक्रवार को दस्तावेज दिखाएंगे। इसके बाद काम शुरू होगा।
काम रुकने पर व्यापारियों में खुशी
कायमगंज। ई-नेम दफ्तर व लैब के लिए तोड़े जा रहे प्लेटफार्म पर गल्ला व्यापारी प्रेमराज शाक्य, बालकराम यादव, छुट्टन रस्तोगी, सचिन रस्तोगी आदि का माल रखा है। कुछ भाग उन्होंने खाली कर दिया है। व्यापारियों का कहना है। इसे तोड़कर मंडी का आधुनिकीकरण होना उचित नहीं है। जबकि परिसर काफी जगह खाली भी पड़ी है। कहीं भी लैब बनाया जा सकता है। इसे तोड़ने में भी काफी खर्च होगा और व्यापारियों के समस्या हो जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed