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Farrukhabad News: 42 घंटे हाईप्रोफाइल ड्रामा के बाद चंदन के शव का हुआ अंतिम संस्कार
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फर्रुखाबाद। 42 घंटे हाईप्रोफाइल ड्रामा के बाद परिजनों ने चंदन के शव का ननिहाल खुटिया के घाट पर अंतिम संस्कार किया। शव को सरह ले जाने की जिद पर अड़े परिजनों ने डीएम आवास का घेराव कर हंगामा किया। मां डीएम आवास में घुसने से रोके जाने पर लेट गई। एक घंटे तक परिजन पुलिस व प्रशासन पर आरोप लगाकर शव दिलवाए जाने की मांग करते रहे। डीएम व एसपी के आश्वासन पर परिजन मान गए।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र की चौकी व गांव सरह निवासी बृजनंदन शुक्ल की 24 जुलाई को धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी गई थी। पुत्र चंदन गंभीर रूप से घायल हो गया था। कानपुर के नर्सिंग होम से लखनऊ ले जाते समय 28 जुलाई की रात दस बजे चंदन की मौत हो गई। परिजनों ने शव को लखनऊ में केजीएमसी अस्पताल के बाहर रख लिया और मुख्यमंत्री आवास के बाहर ले जाने की बात कही।
इसकी भनक लगने पर सीओ अमृतपुर रवींद्र नाथ राय व एसओ कादरीगेट विनोद कुमार शुक्ला लखनऊ पहुंचे और शव को कब्जे में ले लिया था। भाई गोविंद ने शनिवार को मुख्यमंत्री के जनता दरबार में प्रार्थनापत्र देकर ठोस कार्रवाई करने की गुहार लगाई थी। इसके बाद परिजन लखनऊ में बने रहे। पुलिस ने लखनऊ में शव का पोस्टमार्टम कराया। लेकिन कोई भी परिजन शव की सुपुर्दगी नहीं लेने आया। एक रिश्तेदार ने हस्ताक्षर किए और वह भी बाद में चला गया। ऐसे में पुलिस गाड़ी में शव को रखवाकर पांचाल घाट स्वर्ग धाम मेंं ले आई। रात को पुलिस शव को परिजनों को देने के लिए भटकती रही, लेकिन कोई स्वर्गधाम पर नहीं आया।
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रविवार सुबह सात बजे कादरीगेट एसओ विनोद कुमार शुक्ला, फतेहगढ़ कोतवाल सचिन कुमार सिंह स्वर्गधाम पर पहुंचे। भाई गोविंद भी परिजनों के साथ वहां आ गया और शव को सुपुर्दगी की मांग कर सरह ले जाने की बात कही। सीओ सिटी प्रदीप कुमार सिंह वहां पहुंचे और उन्होंने शव सुपुर्द करने से इनकार कर दिया। इस दौरान परिजनों की तीखी नोकझोंक हुई।
पुलिस कड़ी सुरक्षा में पांचाल घाट से चंदन के शव को परिजनों के साथ कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव खुटिया ननिहाल में पहुंची। कुछ देर वहां रुकने के बाद परिजन शव को शृंगीरामपुर घाट पर ले गए। वहां पुलिस की मौजूदगी में शव का छोटे भाई ने मुखाग्नि दी।
मां, बहू व अन्य लोगों के साथ डीएम आवास पर पहुंची
पांचाल घाट पर सुबह 10 बजे चंदन के मामा व सीओ सिटी में नोकझोंक चल रही थी। उसी दौरान मां माधुरी, चंदन की पत्नी ललिता, भाई गोविंद, त्रिपुरारी, त्रिलोकी, साला योगेश, सुधीर, बहन अंजू, आरती, ससुर संतराम सहित 40 लोग डीएम संजय कुमार सिंह के आवास के बाहर पहुंच गए। मां माधुरी गेट खोलकर आवास के अंदर घुसने लगी। सुरक्षा कर्मियों ने माधुरी को रोकने का प्रयास किया तो वह जमीन पर लेट गई। भीड़ धक्का देकर डीएम के कैंप कार्यालय तक पहुंच गई। परिजन पुलिस व प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रहे थे। उनकी मांग थी कि वह चंदन के शव का अंतिम संस्कार गांव सरह में ले जाने के बाद शृंगीरामपुर घाट पर करेंगे। पुलिस कानून व्यवस्था का हवाला देकर शव को सरह जाने से रोक रही थी।
सीओ रवींद्र नाथ राय मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। महिलाएं वहीं बैठकर रोने-चिल्लाने लगी। शोर सुनकर एसपी विकास कुमार भी आवास से बाहर निकल आए। अधिकारियों ने परिजनों से बात कर सभी मांगे मानने की बात कही। सरह की जगह ननिहाल खुटिया में चंदन का शव का अंतिम संस्कार करने की बात पर परिजन मान गए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक मदद, पत्नी को विधवा पेंशन, बच्चों को दो हजार रुपये महीना व दो शस्त्र लाइसेंस दस दिन में बनवाकर देने का भरोसा दिया गया। डेढ़ घंटे के बाद परिजन डीएम आवास से चले गए।
चौकी सरह पर सस्ता दरोगा कर दें तैनात
एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति, एएसपी डॉ संजय कुमार ने चंदन के परिजनों व रिश्तेदारों को बुलाया। सभी लोगों ने लिखकर दिया कि शव को गांव सरह नहीं लेकर जाएंगे। शव का अंतिम संस्कार ननिहाल खुटिया के पास घाट पर किया जाएगा। खुटिया के प्रधान योगेंद्र प्रसाद त्रिवेदी, भाजपा मंडल अध्यक्ष स्वदेश त्रिवेदी, पूर्व प्रधान चित्रा अग्निहोत्री ने अधिकारियों से मांग की इस बार चौकी पर कोई सस्ता दरोगा तैनात करवा दे। निलंबित सरह चौकी इंचार्ज प्रार्थनापत्र पर दस हजार रुपये की मांग करते थे। ऐसे में बाढ़ का दंश झेल रहे ग्रामीण उनकी मांग पूरी नहीं कर पाते हैं। अधिकारी यह बात सुनकर दंग रह गए।
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फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र की चौकी व गांव सरह निवासी बृजनंदन शुक्ल की 24 जुलाई को धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या कर दी गई थी। पुत्र चंदन गंभीर रूप से घायल हो गया था। कानपुर के नर्सिंग होम से लखनऊ ले जाते समय 28 जुलाई की रात दस बजे चंदन की मौत हो गई। परिजनों ने शव को लखनऊ में केजीएमसी अस्पताल के बाहर रख लिया और मुख्यमंत्री आवास के बाहर ले जाने की बात कही।
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इसकी भनक लगने पर सीओ अमृतपुर रवींद्र नाथ राय व एसओ कादरीगेट विनोद कुमार शुक्ला लखनऊ पहुंचे और शव को कब्जे में ले लिया था। भाई गोविंद ने शनिवार को मुख्यमंत्री के जनता दरबार में प्रार्थनापत्र देकर ठोस कार्रवाई करने की गुहार लगाई थी। इसके बाद परिजन लखनऊ में बने रहे। पुलिस ने लखनऊ में शव का पोस्टमार्टम कराया। लेकिन कोई भी परिजन शव की सुपुर्दगी नहीं लेने आया। एक रिश्तेदार ने हस्ताक्षर किए और वह भी बाद में चला गया। ऐसे में पुलिस गाड़ी में शव को रखवाकर पांचाल घाट स्वर्ग धाम मेंं ले आई। रात को पुलिस शव को परिजनों को देने के लिए भटकती रही, लेकिन कोई स्वर्गधाम पर नहीं आया।
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रविवार सुबह सात बजे कादरीगेट एसओ विनोद कुमार शुक्ला, फतेहगढ़ कोतवाल सचिन कुमार सिंह स्वर्गधाम पर पहुंचे। भाई गोविंद भी परिजनों के साथ वहां आ गया और शव को सुपुर्दगी की मांग कर सरह ले जाने की बात कही। सीओ सिटी प्रदीप कुमार सिंह वहां पहुंचे और उन्होंने शव सुपुर्द करने से इनकार कर दिया। इस दौरान परिजनों की तीखी नोकझोंक हुई।
पुलिस कड़ी सुरक्षा में पांचाल घाट से चंदन के शव को परिजनों के साथ कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव खुटिया ननिहाल में पहुंची। कुछ देर वहां रुकने के बाद परिजन शव को शृंगीरामपुर घाट पर ले गए। वहां पुलिस की मौजूदगी में शव का छोटे भाई ने मुखाग्नि दी।
मां, बहू व अन्य लोगों के साथ डीएम आवास पर पहुंची
पांचाल घाट पर सुबह 10 बजे चंदन के मामा व सीओ सिटी में नोकझोंक चल रही थी। उसी दौरान मां माधुरी, चंदन की पत्नी ललिता, भाई गोविंद, त्रिपुरारी, त्रिलोकी, साला योगेश, सुधीर, बहन अंजू, आरती, ससुर संतराम सहित 40 लोग डीएम संजय कुमार सिंह के आवास के बाहर पहुंच गए। मां माधुरी गेट खोलकर आवास के अंदर घुसने लगी। सुरक्षा कर्मियों ने माधुरी को रोकने का प्रयास किया तो वह जमीन पर लेट गई। भीड़ धक्का देकर डीएम के कैंप कार्यालय तक पहुंच गई। परिजन पुलिस व प्रशासन पर गंभीर आरोप लगा रहे थे। उनकी मांग थी कि वह चंदन के शव का अंतिम संस्कार गांव सरह में ले जाने के बाद शृंगीरामपुर घाट पर करेंगे। पुलिस कानून व्यवस्था का हवाला देकर शव को सरह जाने से रोक रही थी।
सीओ रवींद्र नाथ राय मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। महिलाएं वहीं बैठकर रोने-चिल्लाने लगी। शोर सुनकर एसपी विकास कुमार भी आवास से बाहर निकल आए। अधिकारियों ने परिजनों से बात कर सभी मांगे मानने की बात कही। सरह की जगह ननिहाल खुटिया में चंदन का शव का अंतिम संस्कार करने की बात पर परिजन मान गए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक मदद, पत्नी को विधवा पेंशन, बच्चों को दो हजार रुपये महीना व दो शस्त्र लाइसेंस दस दिन में बनवाकर देने का भरोसा दिया गया। डेढ़ घंटे के बाद परिजन डीएम आवास से चले गए।
चौकी सरह पर सस्ता दरोगा कर दें तैनात
एडीएम सुभाष चंद्र प्रजापति, एएसपी डॉ संजय कुमार ने चंदन के परिजनों व रिश्तेदारों को बुलाया। सभी लोगों ने लिखकर दिया कि शव को गांव सरह नहीं लेकर जाएंगे। शव का अंतिम संस्कार ननिहाल खुटिया के पास घाट पर किया जाएगा। खुटिया के प्रधान योगेंद्र प्रसाद त्रिवेदी, भाजपा मंडल अध्यक्ष स्वदेश त्रिवेदी, पूर्व प्रधान चित्रा अग्निहोत्री ने अधिकारियों से मांग की इस बार चौकी पर कोई सस्ता दरोगा तैनात करवा दे। निलंबित सरह चौकी इंचार्ज प्रार्थनापत्र पर दस हजार रुपये की मांग करते थे। ऐसे में बाढ़ का दंश झेल रहे ग्रामीण उनकी मांग पूरी नहीं कर पाते हैं। अधिकारी यह बात सुनकर दंग रह गए।