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दफ्तरों में काम कर रहे चालक-परिचालक चलाएंगे बसें
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फर्रुखाबाद। अफसरों की चापलूसी और जुगाड़ से दफ्तरों में बाबूगीरी कर रहे नियमित चालक-परिचालकों के लिए बुरी खबर है। अब उन्हें बसें चलानी ही होंगी। प्रबंध निदेशक ने बसें न चलाने पर वेतन देने पर रोक लगा दी है। इससे हरकत में आए प्रभारी एआरएम ने चार चालक-परिचालकों को रिलीव कर दिया। अभी भी 10 कर्मचारी दफ्तरों में लगे हैं।
स्थानीय रोडवेज डिपो की कार्यशाला, दफ्तर और बस स्टैंड पर 14 नियमित चालक और परिचालक बाबूगीरी कर रहे हैं। बसों के संचालन का काम संविदा चालक-परिचालकों से कराया जा रहा है। इससे खफा प्रबंध निदेशक धीरज साहू ने दो दिन पहले आदेश भेजकर दफ्तरों में काम करने वाले नियमित चालक और परिचालकों को मूल पद पर ही काम लेने के निर्देश दिए थे।
यही नहीं चार हजार किमी प्रतिमाह से कम बस चलाने वालों के वेतन आहरण पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए थे। सख्ती के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया।
प्रभारी एआरएम एसडी दुबे ने कायमगंज बस अड्डे पर तैनात चालक आमोद, स्थानीय बस स्टैंड पर थर्मल स्क्रीनिंग के लिए तैनात गणेश बाबू शर्मा, रात के वक्त पूछताछ में तैनात परिचालक नीरज गुप्ता और कार्यशाला में डीजल का काम देख रहे अनिल को कार्यमुक्त कर दिया हैै। इसके बाद से लंबे समय से दफ्तरों में जमे चालक-परिचालकों में हड़कंप है।
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एआरएम ने बताया कि कुल 14 नियमित चालक-परिचालक काम कर रहे हैं। दफ्तर में क्लर्कों की बड़ी कमी है। ऐसे में काम की अधिकता को देखते हुए लगाया गया है। आदेश का अनुपालन किया जा रहा हैै। समस्या से भी अवगत कराया गया हैै।
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स्थानीय रोडवेज डिपो की कार्यशाला, दफ्तर और बस स्टैंड पर 14 नियमित चालक और परिचालक बाबूगीरी कर रहे हैं। बसों के संचालन का काम संविदा चालक-परिचालकों से कराया जा रहा है। इससे खफा प्रबंध निदेशक धीरज साहू ने दो दिन पहले आदेश भेजकर दफ्तरों में काम करने वाले नियमित चालक और परिचालकों को मूल पद पर ही काम लेने के निर्देश दिए थे।
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यही नहीं चार हजार किमी प्रतिमाह से कम बस चलाने वालों के वेतन आहरण पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए थे। सख्ती के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया।
प्रभारी एआरएम एसडी दुबे ने कायमगंज बस अड्डे पर तैनात चालक आमोद, स्थानीय बस स्टैंड पर थर्मल स्क्रीनिंग के लिए तैनात गणेश बाबू शर्मा, रात के वक्त पूछताछ में तैनात परिचालक नीरज गुप्ता और कार्यशाला में डीजल का काम देख रहे अनिल को कार्यमुक्त कर दिया हैै। इसके बाद से लंबे समय से दफ्तरों में जमे चालक-परिचालकों में हड़कंप है।
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एआरएम ने बताया कि कुल 14 नियमित चालक-परिचालक काम कर रहे हैं। दफ्तर में क्लर्कों की बड़ी कमी है। ऐसे में काम की अधिकता को देखते हुए लगाया गया है। आदेश का अनुपालन किया जा रहा हैै। समस्या से भी अवगत कराया गया हैै।