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एक सप्ताह में बुखार से तीन की मौत, सीएचसी में बढ़े मरीज
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कायमगंज सीएचसी के डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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कायमगंज। कस्बे के मोहल्ला मेहंदीबाग में एक सप्ताह में बुखार से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। बड़ी संख्या में लोग बीमार हैं। मोहल्ला
छपट्टी में बच्चे और कुबेरपुर में किशोर को डेंगू की पुष्टि हुई है। बच्चे को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
मोहल्ला मेहंदीबाग निवासी परी (14) को तीन-चार दिन से बुखार आ रहा था। निजी डॉक्टर से इलाज कराया जा रहा था। मंगलवार को हालत बिगड़ने पर परिजन बड़े अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही किशोरी ने दम तोड़ दिया। इसी सप्ताह मोहल्ले के सचिन (19) और दुर्गा (18) भी बुखार से मौत हो चुकी है। मोहल्ले में बड़ी संख्या में लोग बीमार भी हैं।
मोहल्ला छपट्टी निवासी आयुष (4) और कुबेरपुर के अनम(16) को शुक्रवार को सीएचसी में भर्ती कराया गया। डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि निजी लैब की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। आयुष को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। अनम को डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया है।
डॉ. अमरेश कुमार ने बताया कि सीएचसी की ओपीडी में 350 से 400 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। इसमें 60 प्रतिशत बुखार के मरीज होते हैं। डॉ. अमरेश ने लोगों से घर और आसपास सफाई रखने, कूलर, गमले आदि में पानी इकट्टा न होने देने की अपील की है।
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कस्बे की ज्यादातर निजी पैथोलॉजी में जांच में लापरवाही की जा रही है। अप्रशिक्षित और कम उम्र के कर्मचारी मरीज के ब्लड सैंपल लेते हैं। जांच रिपोर्ट में भी खेल किया जा रहा है। बुखार के ज्यादातर मरीजों की रिपोर्ट में प्लेटलेट्स कम बताई जाती हैं। कानपुर रोड स्थित लैब पर जिस मरीज में खून की कमी और प्लेटलेट्स बताई गईं, दो घंटे बाद कस्बे की दूसरी लैब में प्लेटलेट्स ठीक होने की रिपोर्ट दी गई।
झोलाछाप, पैथोलॉजी की जांच कराएंगे
सीएमओ डॉ. सतीश चंद्रा ने कहा कि अभी पूरा ध्यान बुखार के मरीजों को सही इलाज देकर ठीक करना है। इसके बाद झोलाछाप और पैथोलॉजी की जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा। मानकों का पालन न करने वाले नर्सिंग होम पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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छपट्टी में बच्चे और कुबेरपुर में किशोर को डेंगू की पुष्टि हुई है। बच्चे को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
मोहल्ला मेहंदीबाग निवासी परी (14) को तीन-चार दिन से बुखार आ रहा था। निजी डॉक्टर से इलाज कराया जा रहा था। मंगलवार को हालत बिगड़ने पर परिजन बड़े अस्पताल ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही किशोरी ने दम तोड़ दिया। इसी सप्ताह मोहल्ले के सचिन (19) और दुर्गा (18) भी बुखार से मौत हो चुकी है। मोहल्ले में बड़ी संख्या में लोग बीमार भी हैं।
मोहल्ला छपट्टी निवासी आयुष (4) और कुबेरपुर के अनम(16) को शुक्रवार को सीएचसी में भर्ती कराया गया। डॉ. विपिन कुमार ने बताया कि निजी लैब की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। आयुष को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। अनम को डेंगू वार्ड में भर्ती किया गया है।
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डॉ. अमरेश कुमार ने बताया कि सीएचसी की ओपीडी में 350 से 400 मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। इसमें 60 प्रतिशत बुखार के मरीज होते हैं। डॉ. अमरेश ने लोगों से घर और आसपास सफाई रखने, कूलर, गमले आदि में पानी इकट्टा न होने देने की अपील की है।
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कस्बे की ज्यादातर निजी पैथोलॉजी में जांच में लापरवाही की जा रही है। अप्रशिक्षित और कम उम्र के कर्मचारी मरीज के ब्लड सैंपल लेते हैं। जांच रिपोर्ट में भी खेल किया जा रहा है। बुखार के ज्यादातर मरीजों की रिपोर्ट में प्लेटलेट्स कम बताई जाती हैं। कानपुर रोड स्थित लैब पर जिस मरीज में खून की कमी और प्लेटलेट्स बताई गईं, दो घंटे बाद कस्बे की दूसरी लैब में प्लेटलेट्स ठीक होने की रिपोर्ट दी गई।
झोलाछाप, पैथोलॉजी की जांच कराएंगे
सीएमओ डॉ. सतीश चंद्रा ने कहा कि अभी पूरा ध्यान बुखार के मरीजों को सही इलाज देकर ठीक करना है। इसके बाद झोलाछाप और पैथोलॉजी की जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा। मानकों का पालन न करने वाले नर्सिंग होम पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।