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बौद्ध महोत्सव शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Mon, 26 Oct 2015 11:18 PM IST
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फर्रुखाबाद। संकिसा में दो दिवसीय बौद्ध महोत्सव का सोमवार से शुभारंभ हो गया है। बौद्ध भिक्षुओं ने विवादित स्तूप की पूजा की। इस दौरान पूरा परिसर देश -विदेश के बौद्ध भिक्षुओं से भरा हुआ है। पूरे परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
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संकिसा में बौद्ध महोत्सव को लेकर रविावार देर शाम तक तैयारी चलती रही। तमाम विदेशी बौद्ध भिक्षु रविवार को ही वहां पहुंच गए थे। सोमवार दोपहर मुख्य अतिथि उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष एल. अश्वघोष एवं बौद्ध भिक्षु महानायक महाथैरो ने फीता काटकर महोत्सव का शुभारंभ किया। इसके बाद समाजसेवी चंद्रप्रकाश अग्रवाल पिक्कोबाबू ने फीता काटकर अशोक स्तंभ का उद्घाटन किया।
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अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के महासचिव लामा लोबजंग ने बुद्ध के जीवन पर प्रकाश डाला। म्यांमार से आए बौद्ध भिक्षुओं ने भी बौद्ध महोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया। बौद्ध भिक्षुओं ने विवादित स्तूप की भी पूजा की। मोमबत्ती जलाकर काफी देर तक शरणागत की मुद्रा में रहे। इस अवसर पर सत्यप्रकाश अग्रवाल, भाजपा नेत्री व पूर्व पालिका चेयरमैन मिथलेश अग्रवाल, लक्ष्मी नारायण अग्रवाल, बुद्ध महोत्सव कमेटी के संयोजक कर्मवीर शाक्य, सुब्रत शाक्य, भंते धम्मकीर्ती के साथ ही जिलाधिकारी सत्येंद्र सिंह और पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी. आदि मौजूद रहे।
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मासूम हो कि संकिसा में बने बौद्ध स्तूप को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है। टीले के ऊपर बिसारी देवी का मंदिर है। इस वजह से सनातनधर्मी अपना हक जताते हैं, जबकि बौद्धिष्ट इसे स्तूप मानकर पूजा करते हैं। इस बात को लेकर दोनों मतावलंबियों में अक्सर विवाद रहता है। बौद्ध महोत्सव के दौरान आसपास फोर्स लगाई जाती है।