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Farrukhabad News: बालू भरी बाल्टी बनीं कूड़ादान...ये हैं आग बुझाने के इंतजाम
Tue, 07 Oct 2025 12:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 07 Oct 2025 12:37 AM IST
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फोटो-19, इमरजेंसी वार्ड में फायर बाल्टियां गायब। संवाद
फर्रुखाबाद। शहर के डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल में अनदेखी के चलते फायर उपकरण बीमार हैं। यहां आग लगी तो भर्ती मरीजों और तीमारदारों को खुद ही अपनी जान बचानी होगी।
कहीं बालू भरकर आग बुझाने के लिए बाल्टियां गायब हैं, तो कहीं कूड़ेदान बनी हैं। कई में न तो बालू है और न पानी। फायर उपकरण में लगी एक्सपायरी तिथियां भी हटा दी गईं। इससे उनके भी एक्टिव होने पर संदेह है। ऐसे में भर्ती मरीजों की जीवन रक्षा भगवान भरोसे है।
पिछले दिनों जयपुर के एक अस्पताल के आईसीयू में आग लगने से सात मरीजों की जान चली गई। वहां आग बुझाने के मानक आधे अधूरे पाए गए। ऐसे में जिला अस्पताल का हाल देखा तो हालात बेहद खराब मिले।
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भूतल में इमरजेंसी वार्ड में गंभीर मरीज ही आते हैं। यहां आग बुझाने के लिए बालू और पानी तो दूर, बालू भरी बाल्टियां तक गायब थीं। ओपीडी में बने शौचालय की दीवार पर छह बाल्टी टंगी मिलीं, मगर किसी में भी पानी या बालू नहीं थी।
यही हाल बिजली के स्विच रूम के बाहर का था। आग बुझाने के लिए चार बाल्टियों में दो खाली और दो कूड़ेदान बनी थीं। दोनों में थोड़ी सी ही बालू दिख रही थी। यही नहीं आर्थो, डेंगू, सिर्जकल, मेडिसन आदि वार्डों के बाहर कई छोटे-बड़े फायर इंस्ट्यूंग्शर लगे मिले, मगर अधिकांश में एक्सपायकी तिथि उल्लेखित करने वाली स्लिप (कागज) गायब मिली। कुछ तो एक्सपायर्ड हो चुके थे। इससे अस्पताल में आपातकालीन स्थिति में आग बुझाने के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।
210 बेड के अस्पताल में अग्नि सुरक्षा प्रणाली नहीं
करीब तीन दशक पहले बने 210 बेड के लोहिया पुरुष अस्पताल में अग्नि सुरक्षा प्रणाली की स्थापना नहीं की जा सकी। यहां एक हजार मरीजों की ओपीडी होती है। यही नहीं इमरजेंसी में औसतन 100 मरीज भर्ती होते हैं। यहां बर्न यूनिट, जीरियाट्रिक, पीडियाट्रिक वार्ड भी हैं। एक्सरे, सीटी स्कैन, ब्लड बैंक, अल्ट्रासाउंड, सेंट्रल लैब आदि महत्वपूर्ण सेवाएं भी मरीजों को दी जा रही हैं, मगर इसमें अग्नि सुरक्षा प्रणाली की स्थापना नहीं है।
दमकल विभाग से जो मानक बताए गए, उनको पूरा किया गया है। फायर उपकरण एक्सपायर्ड नहीं होंगे, इन्हें दिखवाएंगे। अग्नि सुरक्षा प्रणाली की स्थापना के लिए वह उच्चाधिकारियों से पत्राचार करेंगे। अपने स्तर से सभी प्रबंध मजबूत रख रहे।
-डॉ. जगमोहन वर्मा, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल।
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कहीं बालू भरकर आग बुझाने के लिए बाल्टियां गायब हैं, तो कहीं कूड़ेदान बनी हैं। कई में न तो बालू है और न पानी। फायर उपकरण में लगी एक्सपायरी तिथियां भी हटा दी गईं। इससे उनके भी एक्टिव होने पर संदेह है। ऐसे में भर्ती मरीजों की जीवन रक्षा भगवान भरोसे है।
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पिछले दिनों जयपुर के एक अस्पताल के आईसीयू में आग लगने से सात मरीजों की जान चली गई। वहां आग बुझाने के मानक आधे अधूरे पाए गए। ऐसे में जिला अस्पताल का हाल देखा तो हालात बेहद खराब मिले।
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भूतल में इमरजेंसी वार्ड में गंभीर मरीज ही आते हैं। यहां आग बुझाने के लिए बालू और पानी तो दूर, बालू भरी बाल्टियां तक गायब थीं। ओपीडी में बने शौचालय की दीवार पर छह बाल्टी टंगी मिलीं, मगर किसी में भी पानी या बालू नहीं थी।
यही हाल बिजली के स्विच रूम के बाहर का था। आग बुझाने के लिए चार बाल्टियों में दो खाली और दो कूड़ेदान बनी थीं। दोनों में थोड़ी सी ही बालू दिख रही थी। यही नहीं आर्थो, डेंगू, सिर्जकल, मेडिसन आदि वार्डों के बाहर कई छोटे-बड़े फायर इंस्ट्यूंग्शर लगे मिले, मगर अधिकांश में एक्सपायकी तिथि उल्लेखित करने वाली स्लिप (कागज) गायब मिली। कुछ तो एक्सपायर्ड हो चुके थे। इससे अस्पताल में आपातकालीन स्थिति में आग बुझाने के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं।
210 बेड के अस्पताल में अग्नि सुरक्षा प्रणाली नहीं
करीब तीन दशक पहले बने 210 बेड के लोहिया पुरुष अस्पताल में अग्नि सुरक्षा प्रणाली की स्थापना नहीं की जा सकी। यहां एक हजार मरीजों की ओपीडी होती है। यही नहीं इमरजेंसी में औसतन 100 मरीज भर्ती होते हैं। यहां बर्न यूनिट, जीरियाट्रिक, पीडियाट्रिक वार्ड भी हैं। एक्सरे, सीटी स्कैन, ब्लड बैंक, अल्ट्रासाउंड, सेंट्रल लैब आदि महत्वपूर्ण सेवाएं भी मरीजों को दी जा रही हैं, मगर इसमें अग्नि सुरक्षा प्रणाली की स्थापना नहीं है।
दमकल विभाग से जो मानक बताए गए, उनको पूरा किया गया है। फायर उपकरण एक्सपायर्ड नहीं होंगे, इन्हें दिखवाएंगे। अग्नि सुरक्षा प्रणाली की स्थापना के लिए वह उच्चाधिकारियों से पत्राचार करेंगे। अपने स्तर से सभी प्रबंध मजबूत रख रहे।
-डॉ. जगमोहन वर्मा, सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल।

फोटो-19, इमरजेंसी वार्ड में फायर बाल्टियां गायब। संवाद

फोटो-19, इमरजेंसी वार्ड में फायर बाल्टियां गायब। संवाद