{"_id":"6577fb7c20bce4dda60f2b72","slug":"bsp-leaders-family-members-raid-the-house-of-a-student-leader-close-to-him-farrukhabad-news-c-22-1-sknp1018-1549-2023-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: बसपा नेता के परिजनों के नजदीकी छात्र नेता के घर दबिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: बसपा नेता के परिजनों के नजदीकी छात्र नेता के घर दबिश
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। माफिया बसपा नेता अनुपम दुबे के परिजनों के नजदीकी माने जाने वाले एक छात्र नेता के घर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। कोतवाली पुलिस इस मामले से पूरी तरह अनभिज्ञता जता रही है। हालांकि लोगों में उनकी गिरफ्तारी की भी चर्चा काफी तेज रही।
शहर कोतवाली के एक मोहल्ला निवासी छात्र नेता की माफिया बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे के परिजनों से काफी नजदीकी थी। पुलिस को इसकी भनक लगी तो गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाने लगी। रविवार देर रात कई थानों की पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी। घर की तलाशी लेने के बावजूद वह नहीं मिले। सोमवार तड़के पुलिस की एक टीम दोबारा उनके घर पहुंची। चर्चाएं काफी तेज रहीं कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है।
हालांकि कोतवाली प्रभारी भोलेंद्र चतुर्वेदी दबिश देने से साफ इन्कार कर रहे हैं। उन्होंने गिरफ्तारी की भी जानकारी होने से इन्कार किया है। वहीं मोहल्ले वालों का कहना है कि बड़ी संख्या में पुलिस आई थी। गौरतलब है कि आठ दिसंबर को होटल व्यवसायी चचेरे भाई संदीप दुबे, अभिषेक उर्फ अभि और अधिवक्ता विनय दुबे उर्फ सोनू को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस ने इसे स्वीकार नहीं किया। नौ दिसंबर को गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कर तीनों को जेल भेज दिया गया था। इसी तरह माना जा रहा है कि पुलिस छात्र नेता की गिरफ्तारी अपने हिसाब से दिखाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर कोतवाली के एक मोहल्ला निवासी छात्र नेता की माफिया बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे के परिजनों से काफी नजदीकी थी। पुलिस को इसकी भनक लगी तो गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाने लगी। रविवार देर रात कई थानों की पुलिस ने उनके घर पर दबिश दी। घर की तलाशी लेने के बावजूद वह नहीं मिले। सोमवार तड़के पुलिस की एक टीम दोबारा उनके घर पहुंची। चर्चाएं काफी तेज रहीं कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है।
विज्ञापन
हालांकि कोतवाली प्रभारी भोलेंद्र चतुर्वेदी दबिश देने से साफ इन्कार कर रहे हैं। उन्होंने गिरफ्तारी की भी जानकारी होने से इन्कार किया है। वहीं मोहल्ले वालों का कहना है कि बड़ी संख्या में पुलिस आई थी। गौरतलब है कि आठ दिसंबर को होटल व्यवसायी चचेरे भाई संदीप दुबे, अभिषेक उर्फ अभि और अधिवक्ता विनय दुबे उर्फ सोनू को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बावजूद पुलिस ने इसे स्वीकार नहीं किया। नौ दिसंबर को गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज कर तीनों को जेल भेज दिया गया था। इसी तरह माना जा रहा है कि पुलिस छात्र नेता की गिरफ्तारी अपने हिसाब से दिखाएगी।
विज्ञापन