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Farrukhabad News: बाढ़ से घरों में कैद ग्रामीण, स्कूल बंद, रास्ते डूबे

Sat, 03 Oct 2026 01:06 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2026 01:06 AM IST
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Villagers confined to homes by floods; schools closed, roads submerged.
फोटो-27 गांव अंबरपुर के रास्ते पर भरा बाढ़ के पानी से निकलते लोग। संवाद
अमृतपुर। रामगंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर से 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। इससे करीब 10 गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। कई गांवों के रास्ते जलमग्न होने से आवागमन दिक्कत हो रही है। रास्तों पर पानी अधिक होने से ग्रामीणों को घरों से निकलने में परेशानी हो रही है। वहीं, गांवों में पानी भरने से स्कूलों में पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से 137.45 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेली रामनगर बैराज से 4886 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। अमैयापुर पुलिया पर करीब ढाई फीट से अधिक पानी तेज गति से बह रहा है। अमैयापुर पूर्वी निवासी लाखन (60) साइकिल से दवा लेने जा रहे थे। बाढ़ का पानी पार करते समय तेज बहाव के कारण साइकिल सहित बहने लगे। पुलिया के पास मौजूद ग्रामीणों ने कूद कर उनकी जान बचाई है।
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रामगंगा में बाढ़ आने से गुलरिया भावन, पुत्तू वाला गुड़ेरा, नीचे वाला चपरा, वजीरपुर, नौअनपुरवा, कड़हर, बांकेपुरवा, कुंवरपुरा, बांकेपुरवा, नवादा, भुढ़िया गांव में पानी भर गया है। गांव चिड़िया महोलिया, अलादपुर भटौली, रेगापुर, खरगपुर, राई सीढ़ेचकरपुर, नौसारा नाहरैया बेचेपट्टी सिकंदरपुर आदि गांव करीब 50 गांव के पास तक बाढ़ का पानी भरा हुआ है।
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ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी खेतों भरने से फसल डूब गई है। गांव में पानी भरा होने से लोगों को आने जाने में परेशानी उठानी पड़ रही है। शाम को गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर घटने से 136.95 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा में दूसरी बार बाढ़ आने से पहले बाढ़ प्रभावित हुए गांव में पुनः पानी भर जाने से हालात खराब हो गए हैं।
गांव में पानी भरने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। जरूरी काम से बाहर निकलने के लिए भी ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। रास्तों पर बाढ़ का पानी भरा होने से बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल है। बाढ़ से स्कूलों में पानी भरा है। इससे करीब दो माह से अधिक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

ग्रामीणों के सामने आवागमन सबसे बड़ी समस्या
गांवों को जोड़ने वाले रास्तों पर पानी भरने से लोगों का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से प्रभावित हो रहा है। जरूरत का सामान लेने, मरीजों को अस्पताल से दवा लेने जाने के लिए ग्रामीण परेशान हैं। गांव अंबरपुर, बरुआ, बामियारी, कुड़री सारंगपुर, मंझा, करनपुर घाट, माखन नगला, कुसुमापुर, जगतपुर, हरिहरपुर, रामपुर, जोगराजपुर,तीसराम की मड़ैया, उदयपुर, कंचनपुर, सबलपुर,आशा की मड़ैया सहित करीब 30 से अधिक गांव में बाढ़ का पानी भर गया है। एसडीएम श्वेता साहू ने पांचाल घाट से मोटर बोट पर सवार होकर गांव सुंदरपुर, नगला दुर्गू सहित करीब छह गांव में बाढ़ का जायजा लिया है। बताया है कि जिस गांव में नाव की जरूरत है। उन गांवों में नाव व मोटरबोट भेजे गए हैं। लेखपाल बाढ़ क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं।

फोटो-27 गांव अंबरपुर के रास्ते पर भरा बाढ़ के पानी से निकलते लोग। संवाद

फोटो-27 गांव अंबरपुर के रास्ते पर भरा बाढ़ के पानी से निकलते लोग। संवाद

फोटो-27 गांव अंबरपुर के रास्ते पर भरा बाढ़ के पानी से निकलते लोग। संवाद

फोटो-27 गांव अंबरपुर के रास्ते पर भरा बाढ़ के पानी से निकलते लोग। संवाद

फोटो-27 गांव अंबरपुर के रास्ते पर भरा बाढ़ के पानी से निकलते लोग। संवाद

फोटो-27 गांव अंबरपुर के रास्ते पर भरा बाढ़ के पानी से निकलते लोग। संवाद

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