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Farrukhabad News: तालाब की भूमि में निकला बसपा नेता का इंटरलॉकिंग ईंट प्लांट
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ठंड़ी सड़क स्थित बसपा नेता के ब्रिक प्लांट की नापजोख करातीं नगर मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव, सीओ अर?
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। शहर के ठंडी सड़क स्थित इंटरलॉकिंग ब्रिक प्लांट की बुधवार को पैमाइश कराई गई। पूरा प्लांट तालाब की भूमि में बना पाया गया। अब प्रशासन ने प्लांट के ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू कर दी है।
मैनपुरी की जेल में बंद बसपा नेता डॉ.अनुपम दुबे की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। शहर की ठंडी सड़क स्थित उनके गुरुशरणम होटल की आंतरिक संरचना की पैमाइश दो दिन पहले ही हो चुकी थी। बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव, सीओ मोहम्मदाबाद अरुण कुमार, शहर कोतवाल विनोद कुमार शुक्ला, राजस्व कर्मी व पुलिस फोर्स के साथ बसपा नेता के इंटरलॉकिंग ईंट प्लांट पर पहुंचीं। विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता दीपेंद्र कुमार सिंह ने राजस्व कर्मियों के साथ ईंट प्लांट की पैमाइश कराई। 791 वर्ग मीटर में बने इस प्लांट की भूमि तालाब की पाई गई।
अवर अभियंता ने पैमाइश के लिए बसपा नेता की पत्नी मीनाक्षी दुबे को दो दिन पहले ही नोटिस देकर अवगत कराया था। इसके बावजूद कोई पैमाइश कराने नहीं पहुंचा। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली पैमाइश के बाद अधिकारी व कर्मचारी चले गए। बसपा नेता के गुरुशरणम होटल का भी अधिकांश भाग तालाब की भूमि पर ही बना है।
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इसके अलावा केएम हाउस व केएम इंडिया भवनों का अधिकांश भाग तालाब की सरकारी भूमि में पाए जाने से ध्वस्तीकरण का आदेश पहले ही सिटी मजिस्ट्रेट कर चुकी हैं। इन दोनों भवनों का नक्शा कामर्शियल के बजाय घरेलू में पास कराया गया। घरेलू नक्शे के आधार पर भी भवनों का निर्माण नहीं कराया गया है। इससे इन सभी भवनों पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटक गई है।
तालाब की भूमि की प्लाटिंग कर महंगे दामों बेची गई है। इससे पहले इसे राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से बैनामा कराया गया। फिर प्लाट बनाकर करोड़ों के वारे-न्यारे हुए। इस खेल में शामिल राजस्व कर्मी भी जांच के घेरे में आ रहे हैं। यदि निष्पक्ष जांच हुई तो प्लाटिंग करने वालों के साथ राजस्व कर्मियों पर भी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव ने बताया कि डिग्गीताल के नाम से तालाब में तीन गाटा हैं। इनमें दो गाटों पर तालाब की भूमि है, जबकि एक गाटा पजावा की सरकारी भूमि है। गुरुशरणम होटल, इंटरलॉकिंग ईंट प्लांट व केएम हाउस की पूरी भूमि तालाब की है। केएम इंडिया भवन का अधिकांश भाग सरकारी भूमि में बना है। इससे नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। इंटरलॉकिंग ईंट प्लांट तालाब की भूमि में बना पाए जाने पर नोटिस भेजकर मीनाक्षी दुबे को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई तय होगी।
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मैनपुरी की जेल में बंद बसपा नेता डॉ.अनुपम दुबे की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। शहर की ठंडी सड़क स्थित उनके गुरुशरणम होटल की आंतरिक संरचना की पैमाइश दो दिन पहले ही हो चुकी थी। बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव, सीओ मोहम्मदाबाद अरुण कुमार, शहर कोतवाल विनोद कुमार शुक्ला, राजस्व कर्मी व पुलिस फोर्स के साथ बसपा नेता के इंटरलॉकिंग ईंट प्लांट पर पहुंचीं। विनियमित क्षेत्र के अवर अभियंता दीपेंद्र कुमार सिंह ने राजस्व कर्मियों के साथ ईंट प्लांट की पैमाइश कराई। 791 वर्ग मीटर में बने इस प्लांट की भूमि तालाब की पाई गई।
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अवर अभियंता ने पैमाइश के लिए बसपा नेता की पत्नी मीनाक्षी दुबे को दो दिन पहले ही नोटिस देकर अवगत कराया था। इसके बावजूद कोई पैमाइश कराने नहीं पहुंचा। करीब एक घंटे से अधिक समय तक चली पैमाइश के बाद अधिकारी व कर्मचारी चले गए। बसपा नेता के गुरुशरणम होटल का भी अधिकांश भाग तालाब की भूमि पर ही बना है।
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इसके अलावा केएम हाउस व केएम इंडिया भवनों का अधिकांश भाग तालाब की सरकारी भूमि में पाए जाने से ध्वस्तीकरण का आदेश पहले ही सिटी मजिस्ट्रेट कर चुकी हैं। इन दोनों भवनों का नक्शा कामर्शियल के बजाय घरेलू में पास कराया गया। घरेलू नक्शे के आधार पर भी भवनों का निर्माण नहीं कराया गया है। इससे इन सभी भवनों पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटक गई है।
तालाब की भूमि की प्लाटिंग कर महंगे दामों बेची गई है। इससे पहले इसे राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से बैनामा कराया गया। फिर प्लाट बनाकर करोड़ों के वारे-न्यारे हुए। इस खेल में शामिल राजस्व कर्मी भी जांच के घेरे में आ रहे हैं। यदि निष्पक्ष जांच हुई तो प्लाटिंग करने वालों के साथ राजस्व कर्मियों पर भी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।
सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव ने बताया कि डिग्गीताल के नाम से तालाब में तीन गाटा हैं। इनमें दो गाटों पर तालाब की भूमि है, जबकि एक गाटा पजावा की सरकारी भूमि है। गुरुशरणम होटल, इंटरलॉकिंग ईंट प्लांट व केएम हाउस की पूरी भूमि तालाब की है। केएम इंडिया भवन का अधिकांश भाग सरकारी भूमि में बना है। इससे नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। इंटरलॉकिंग ईंट प्लांट तालाब की भूमि में बना पाए जाने पर नोटिस भेजकर मीनाक्षी दुबे को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई तय होगी।