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Farrukhabad News: बाढ़ पीड़ितों को रोटी तो पशुओं को चारे के लाले, अब फैल रही बीमारी

Thu, 10 Aug 2023 11:01 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Aug 2023 11:01 PM IST
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Bread to the flood victims and fodder to the animals, now the disease is spreading
संवाद न्यूज एजेंसी
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अमृतपुर। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान पर टिका है, जबकि रामगंगा में 10 सेमी का फिर उछाल आया है। बाढ़ पीड़ितों को रोटी तो पशुओं को चारे के लाले हैं। अब बाढ़ क्षेत्र में बीमारी फैलने से संकट बढ़ता जा रहा है। फिलहाल प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के मददगार नहीं दिख रहे हैं। इससे बाढ़ पीड़ित भगवान भरोसे हैं।

गंगा की बाढ़ से क्षेत्र के 100 से अधिक गांव प्रभावित हैं। पिछले चार दिन से भले ही गंगा का जलस्तर नहीं बढ़ा है, लेकिन खतरे के निशान 137.10 मीटर पर अब भी स्थिर है। नरौरा बांध से एक लाख 62 हजार 120 क्यूसेक पानी और छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ने की आशंका है। बाढ़ ग्रस्त गांवों व रास्तों में एक माह से पानी भरा होने से ग्रामीण जूझ रहे हैं।
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तहसील प्रशासन ने बाढ़ से घिरे 31 गांव में बांटी राहत सामग्री समाप्त हो चुकी है। इससे गरीब बाढ़ पीड़ितों के सामने रोटी का भी संकट है। उनका दर्द सुनने कोई अधिकारी भी गांव का रुख नहीं कर रहा है। गांव हरसिंहपुर, सुंदरपुर, नगला दुर्गु, सवितापुर, कछुआ गाढ़ा, जसूपुर गड़िया, सैदापुर, ऊगरपुर, करनपुर घाट, मंझा, तीसराम की मड़ैया, रामपुर, जोगराजपुर, अंबरपुर , रतनपुर, आदि गांवों में बाढ़ का पानी भरा है।
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इससे ग्रामीणों को रहने के लिए जगह भी नहीं है। अब रामगंगा का बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ा रहा है। रामगंगा का जलस्तर में 10 सेमी बढ़ने के साथ 135.75 मीटर पर पहुंच गया है। रामनगर बैराज से 3955 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ प्रभावित गांवों में लोग जुकाम, बुखार, आई फ्लू, खुजली आदि बीमारी से परेशान हैं। स्वास्थ्य टीमें न पहुंचने से ग्रामीणों को उपचार भी नहीं मिल पा रहा है।


नाविक की दबंगई से ग्रामीणों की जान खतरे में
बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में पशुओं के चारे की सबसे बड़ी समस्या है। गांव आशा की मड़ैया के बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि 10 किलोमीटर दूर से घास किसी तरह से लेकर आते हैं। गांव तक रास्ते में कमर से ऊपर पानी भरा है। प्रशासन द्वारा नाव लगाई गई है। नाविक दबंगई के चलते नाव पर घास नहीं लाद रहा है। कुछ कहने पर अभद्र भाषा का प्रयोग करता है।
इससे जान की परवाह किये बिना सिर पर घास रखकर पानी में ही घुसकर जाना पड़ रहा है। तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने बताया कि नाविक को हटाकर दूसरा लगाया जाएगा। सभी के लिए नाव लगाई गई है।



एसडीएम ने देखी अलादपुर भटौली की हकीकत

रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांव के लोग भयभीत हैं। गुरुवार को एसडीएम रवींद्र कुमार, तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने गांव अलादपुर भटौली पहुंचकर रामगंगा के पानी की स्थिति देखी। उन्होंने ग्रामीणों से जानकारी लेकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी।
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