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कर्ज में डूबे बोलेरो चालक ने फांसी लगाकर जान दी
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अमर सिंह की फाइल फोटो।
- फोटो : FARRUKHABAD
कर्ज में डूबे बोलेरो चालक ने घर की गैलरी में गले में फंदा कसकर जान दे दी।जानकारी होने परिजनों ने रात को ही शव फंदे से उतार लिया। सुबह सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की छानबीन की।
मेरापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रूपनगर तिलियान के मजरा नगुनी निवासी नेकराम वर्मा के 40 वर्षीय पुत्र अमर सिंह ने राजेंद्र नगर स्थित ग्रामीण बैंक से स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 5 लाख रुपये लोन लिया था। इसके बाद बोलेरो खरीदी थी। उसे ही वह चलाता था। कुछ रुपये उसने खेती में लगा दिए थे।
खेती में फायदा नहीं हुआ और बोलेरो से भी खास आमदनी नहीं हुई। इससे कर्ज अदा नहीं कर सका। इसके चलते बैंक ने उसकी चार माह पूर्व आरसी जारी करा दी थी। तबसे वह तनाव में रहता था। इसके अलावा पुत्री संगीता के हाथ पीले करने की चिंता सता रही थी।
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इससे परेशान होकर उसने सोमवार रात घर की गैलरी की छत के कुंडे में साड़ी डालकर फांसी लगा ली। जब रात को उसकी पत्नी उठी तो उसे फंदे से लटका देख चीख पड़ी। चीख सुनकर पहुंचे परिजनों ने अमर सिंह को फंदे से नीचे उतार लिया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पिता नेकराम ने पुत्र के आत्महत्या करने की सूचना पुलिस को मंगलवार सुबह दी। इस पर मेरापुर थानाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। दरोगा सोहेल खान ने शव का पोस्टमार्टम कराया। अमर सिंह अपने भाई अजय पाल व ओमपाल से बड़ा था। ओमपाल आर्मी से रिटायर है।
माता सरला देवी, पत्नी विनीता देवी, पुत्री संगीता देवी, पुत्र अनुज व विक्रम रो-रोकर बेहाल हो गए। थानाध्यक्ष आरके रावत ने बताया की पिता की तहरीर पर सूचना दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम कराया गया है। किसी ने कोई भी आरोप नहीं लगाया है।
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मेरापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत रूपनगर तिलियान के मजरा नगुनी निवासी नेकराम वर्मा के 40 वर्षीय पुत्र अमर सिंह ने राजेंद्र नगर स्थित ग्रामीण बैंक से स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 5 लाख रुपये लोन लिया था। इसके बाद बोलेरो खरीदी थी। उसे ही वह चलाता था। कुछ रुपये उसने खेती में लगा दिए थे।
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खेती में फायदा नहीं हुआ और बोलेरो से भी खास आमदनी नहीं हुई। इससे कर्ज अदा नहीं कर सका। इसके चलते बैंक ने उसकी चार माह पूर्व आरसी जारी करा दी थी। तबसे वह तनाव में रहता था। इसके अलावा पुत्री संगीता के हाथ पीले करने की चिंता सता रही थी।
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इससे परेशान होकर उसने सोमवार रात घर की गैलरी की छत के कुंडे में साड़ी डालकर फांसी लगा ली। जब रात को उसकी पत्नी उठी तो उसे फंदे से लटका देख चीख पड़ी। चीख सुनकर पहुंचे परिजनों ने अमर सिंह को फंदे से नीचे उतार लिया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पिता नेकराम ने पुत्र के आत्महत्या करने की सूचना पुलिस को मंगलवार सुबह दी। इस पर मेरापुर थानाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। दरोगा सोहेल खान ने शव का पोस्टमार्टम कराया। अमर सिंह अपने भाई अजय पाल व ओमपाल से बड़ा था। ओमपाल आर्मी से रिटायर है।
माता सरला देवी, पत्नी विनीता देवी, पुत्री संगीता देवी, पुत्र अनुज व विक्रम रो-रोकर बेहाल हो गए। थानाध्यक्ष आरके रावत ने बताया की पिता की तहरीर पर सूचना दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम कराया गया है। किसी ने कोई भी आरोप नहीं लगाया है।