फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Bike riding cousins died in an accident

मार्ग दुर्घटना में बाइक सवार चचेरे-तहेरे भाइयों की मौत

Tue, 15 Sep 2020 10:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2020 10:54 PM IST
विज्ञापन
Bike riding cousins died in an accident
रनवीर की फाइल फोटो। - फोटो : FARRUKHABAD
हादसे में बाइकसवार चचेरे भाइयों की मौत
विज्ञापन

अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। मामा के यहां से कनागत (श्राद्ध) की दावत खाकर लौटते चचेरे भाई सोमवार को देर रात हादसे के शिकार हो गए। सैफई ले जाते समय उनकी मौत हो गई जबकि साथ मौजूद भाभी समेत चार लोग घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। युवकों के शव पोस्टमार्टम को भेजे गए हैं।
शहर कोतवाली के गांव नगला कलार निवासी रक्षपाल राजपूत का दिव्यांग पुत्र ब्रजेश (33) सोमवार को अपनी भाभी आरती (37), चचेरे भाई रनवीर (37) पुत्र जगदीश के साथ जलालाबाद में मामा के घर कनागत की दावत खाने गए थे। देर रात तीनों बाइक से लौट रहे थे। वे हरसिंहपुर गहलवार तिराहे पर पहुंचे, तो आगे जा रहे बाइक चालक बिना हाथ या इंडिकेटर दिए मुड़ गया। इससे पीछे से आ रहे ब्रजेश की बाइक उसमें टकरा गई।
विज्ञापन

दोनों बाइकों पर सवार लोग सड़क पर जा गिरे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ब्रजेश, रनवीर, आरती और दूसरी बाइक पर सवार चार लोगों में से गढ़ैया निवासी शिवकुमार, उमाशंकर, सुरेंद्र को राजेपुर सीएचसी में भर्ती कराया। यहां से ब्रजेश, रनवीर को लोहिया अस्पताल लाया गया, यहां इमरजेंसी सील होने से परिजन उन्हें लिंजीगंज अस्पताल ले गए। वहां से रेफर किए जाने पर परिजन निजी एंबुलेंस से उन्हें सैफई ले जा रहे थे। लेकिन दोनों ने रास्ते में दम तोड़ दिया। इस पर परिजन शवों को घर ले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया है। ब्रजेश हेलमेट लगाए था। चार भाइयों में छोटा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। गांव में ही परचून की दुकान रखे था। मां गंगा देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। रनवीर के दो पुत्र नमन, दिव्यांशु, दो पुत्रियां चांदनी और मीनाक्षी हैं। बघार नाले पर चाट-पकौड़ी की दुकान चलाता था। मां श्यामा देवी और पत्नी संगीता शव देखकर बार-बार बेहोश होती रहीं। ब्रजेश के भाई इतवारी के पुत्र अरुण ने थाने में तहरीर दे दी है।

एंबुलेंस न मिलने से इलाज में हुई देरी
ब्रजेश और रनवीर को लिंजीगंज अस्पताल ले जाया गया। वहां परिजन भी पहुंच गए। रनवीर के भाई अमित कुमार ने बताया कि लिंजीगंज अस्पताल से करीब एक घंटे तक सरकारी एंबुलेंस को कॉल करते रहे। बाद में मजबूर होकर निजी एंबुलेंस से सैफई ले जा रहे थे। यदि सही समय पर इलाज मिल जाता, तो भाइयों की जान बच सकती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed