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Farrukhabad News: बीडीओ नहीं दिला पा रहे अभिलेख, 5.15 करोड़ के गोलमाल की जांच लटकी
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-फर्रुखाबाद। जांच कमेटी को खंड विकास अधिकारी सचिवों से अभिलेख नहीं दिला पा रहे हैं। इससे 20 दिनों में 5.15 करोड़ रुपये खर्च करने वाले प्रशासकों की जांच लटकी है। जिलाधिकारी ने सभी बीडीओ को अनुस्मारक जारी किया है।
25 दिसंबर 2020 को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर दिए गए थे। 25 मई 2021 तक प्रशासकों ने ग्राम पंचायतों के खातों से करोड़ों रुपये का भुगतान किया। पंचायत चुनाव के बाद प्रधान नियुक्त हुए, तो प्रशासकों ने भुगतान की रफ्तार और बढ़ा दी। पांच मई से 25 मई तक कमीशनबाजी के खेल में मनमाने तरीके से करोड़ों के भुगतान कर दिए गए। कई प्रशासकों ने तो सचिवों के खाते में लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए। शासन से हुई शिकायत में गबन व भ्रष्टाचार के आरोप लगे तो डीएम को जांच कराने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने सभी सात ब्लॉकों में जांच के लिए एक-एक तकनीकी अधिकारी व एक प्रशासनिक अधिकारी की कमेटी गठित की। तीन माह बीतने के बावजूद जांच लटकी है। बताया जा रहा है कि जांच कमेटी के अधिकारियों ने सभी बीडीओ को पत्र लिखकर ग्राम पंचायत सचिवों से अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा है, लेकिन बीडीओ ही जांच कराने से कतरा रहे हैं। अभिलेख न मिलने से जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। जिले के सभी सात ब्लॉकों की 350 ग्राम पंचायतों में पांच मई से 25 मई 2021 तक प्रशासकों ने कुल 5 करोड़ 15 लाख 40 हजार 424 रुपये खर्च किए थे।
जांच रिपोर्ट न मिलने पर भेजा रिमाइंडर
डीपीआरओ राजेश चौरसिया ने बताया कि प्रशासकों की जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। जांच कमेटी के अधिकारी बीडीओ द्वारा सचिवों से अभिलेख उपलब्ध न कराए जाने की बात कह रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी की ओर से बीडीओ को रिमाइंडर भेजा गया है।
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25 दिसंबर 2020 को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त कर दिए गए थे। 25 मई 2021 तक प्रशासकों ने ग्राम पंचायतों के खातों से करोड़ों रुपये का भुगतान किया। पंचायत चुनाव के बाद प्रधान नियुक्त हुए, तो प्रशासकों ने भुगतान की रफ्तार और बढ़ा दी। पांच मई से 25 मई तक कमीशनबाजी के खेल में मनमाने तरीके से करोड़ों के भुगतान कर दिए गए। कई प्रशासकों ने तो सचिवों के खाते में लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए। शासन से हुई शिकायत में गबन व भ्रष्टाचार के आरोप लगे तो डीएम को जांच कराने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने सभी सात ब्लॉकों में जांच के लिए एक-एक तकनीकी अधिकारी व एक प्रशासनिक अधिकारी की कमेटी गठित की। तीन माह बीतने के बावजूद जांच लटकी है। बताया जा रहा है कि जांच कमेटी के अधिकारियों ने सभी बीडीओ को पत्र लिखकर ग्राम पंचायत सचिवों से अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा है, लेकिन बीडीओ ही जांच कराने से कतरा रहे हैं। अभिलेख न मिलने से जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। जिले के सभी सात ब्लॉकों की 350 ग्राम पंचायतों में पांच मई से 25 मई 2021 तक प्रशासकों ने कुल 5 करोड़ 15 लाख 40 हजार 424 रुपये खर्च किए थे।
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जांच रिपोर्ट न मिलने पर भेजा रिमाइंडर
डीपीआरओ राजेश चौरसिया ने बताया कि प्रशासकों की जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। जांच कमेटी के अधिकारी बीडीओ द्वारा सचिवों से अभिलेख उपलब्ध न कराए जाने की बात कह रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी की ओर से बीडीओ को रिमाइंडर भेजा गया है।
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