फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Bail for robbery accused based on fake verification report

Farrukhabad News: फर्जी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर करवाई लूट के आरोपी की जमानत

Fri, 13 Oct 2023 01:02 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 13 Oct 2023 01:02 AM IST
विज्ञापन
Bail for robbery accused based on fake verification report
फर्रुखाबाद। लूट के आरोपी की पुलिस व तहसील की फर्जी सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर जमानत करा दी गई। कोर्ट ने इस मामले में मऊदरवाजा एसओ को वकील व दो जमानतगीरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन

विशेष न्यायाधीश एंटी डकैती की कोर्ट में नौ अक्तूबर को जिला कारागार से लूट के आरोपी विकास यादव की वर्चुअल पेशी कराई गई। आरोपी के वकील आशुतोष बाजपेई ने बताया कि अब वह विकास के वकील हैं। कुछ समय पहले वकील पूनम दुबे ने विकास का जमानतनामा कोर्ट में प्रस्तुत किया था। विकास ने बताया कि उसको जमानतगीर नहीं मिल रहे थे। तारीख पर पूनम दुबे मिलीं। जमानत कराने का भरोसा दिया। इस पर आधे रुपये दे दिए। आधे बाद में देने की बात तय हुई। पूनम दुबे ने 14 सितंबर को गांव अजमतपुर के जमानतगीर सुभाष दीक्षित व अजय सिंह के प्रपत्र दाखिल किए। जमानतगीरों के प्रपत्र सत्यापन के बाद 18 सितंबर को विकास की जमानत मंजूर कर दी गई।
विज्ञापन

जमानतगीरों के सत्यापन के संबंध में कोर्ट ने फिर से मऊदरवाजा एसओ व तहसीलदार सदर से आख्या मांगी। तहसीलदार सदर ने आख्या दी कि सुभाष ने गैंगस्टर कोर्ट में एक व अजय ने तीन जमानत ले रखी हैं। 12 सितंबर को तहसीलदार की ओर से भेजी आख्या तहसील से सत्यापित नहीं की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसओ मऊदरवाजा ने फिर से भेजी आख्या में बताया कि पहले सत्यापन के प्रपत्र में एसएसआई सोहेल के हस्ताक्षर नहीं हैं। मुहर के ऊपर एसओ के हस्ताक्षर उनके नहीं हैं। इससे स्पष्ट होता है कि मुहर फर्जी तरीके से बनवाकर फर्जी सत्यापन आख्या देकर कोर्ट में प्रस्तुत की गई है। कोर्ट ने वकील पूनम दुबे व जमानतगीर सुभाष दीक्षित, अजय के खिलाफ मऊदरवाजा एसओ को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।

अन्य पत्रावलियों में जमानत का फिर से सत्यापन के आदेश
आरोपी विकास यादव की पूर्व में श्याम सिंह व प्रेमचंद्र ने जमानत ली थी। इसमें दोनों ने शपथ पत्र में कहा कि इससे पहले किसी की जमानत नहीं ली। जांच में सामने आया कि वर्ष 2021 में आरोपी महुआ की जमानत इन लोगों ने ली थी। इन जमानतदारों के पक्ष में तहसीलदार अमृतपुर, एसओ अमृतपुर व राजेपुर एसओ की पहले दी गई आख्या के संबंध में फिर से सत्यापन कराने के आदेश दिए। सुनवाई के लिए 17 अक्तूबर की तिथि नीयत की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed