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Farrukhabad News: जिले में आयुष चिकित्सक कर रहे एलोपैथिक इलाज

Tue, 19 Dec 2023 12:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 19 Dec 2023 12:24 AM IST
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Ayush doctors are doing allopathic treatment in the district
फर्रुखाबाद। जनपद के सरकारी अस्पतालों में 18 आयुष चिकित्सक तैनात हैं। इसके बावजूद इन अस्पतालों में मरीजों को आयुर्वेदिक दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। उनसे एलोपैथिक सेवाएं ली जा रही हैं। इससे स्वास्थ्य विभाग में आयुर्वेदिक चिकित्सा मखौल बनकर रह गई है।
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एलोपैथिक चिकित्सा के बीच अभी भी लोगों को आयुर्वेद पर विश्वास कम नहीं है। कोरोना काल में आयुर्वेदिक दवाओं का चलन बढ़ा। फायदा मिलने से घर-घर आयुर्वेद पहुंच गया। सरकार की भी मंशा है कि आयुर्वेद को बढ़ावा मिले। लेकिन अव्यवस्थाओं के चलते आयुर्वेदिक चिकित्सा दबती दिख रही है।
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स्वास्थ्य विभाग में 18 आयुष चिकित्सकों की एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन)से संविदा पर तैनाती है। इनमें तीन डॉक्टर लोहिया अस्पताल में तैनात हैं, एक डॉक्टर सिविल अस्पताल लिंजीगंज में है। अन्य 15 डॉक्टरों को अलग-अलग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात किया गया है। हालात यह हैं कि किसी भी अस्पताल में आयुर्वेदिक दवाएं न होने से यह डॉक्टर एलोपैथिक सेवाएं दे रहे हैं। इससे आयुष चिकित्सकों की अपनी विधा से ही दूरियां बढ़ती जा रही हैं।
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कौन डॉक्टर, कहां है तैनात
जिले में कुल 18 आयुष चिकित्सक हैं। इनमें डॉ.जमीरुद्धीन, रूपेश गुप्ता व मंजू लता वर्मा लोहिया पुरुष अस्पताल में, डॉ.नवनीत गुप्ता सिविल अस्पताल लिंजीगंज में तैनात हैं। डॉ.स्मिता त्रिपाठी पीएचसी रोशनाबाद में, डॉ.निशि गौड़ व डॉ.जुबैर हमीद सीएचसी कमालगंज में, डॉ.प्राची दीक्षित पीएचसी दरौरा, डॉ.पंकज कटियार पीएचसी जिठौली, डॉ.गौरव वर्मा अमृतपुर में, डॉ.सुधीर कुमार सिंह राजेपुर में, डॉ.शैलेंद्र कुमार मोहम्मदाबाद में, डॉ.प्रभात त्रिपाठी नवाबगंज में, डॉ.अमित गुप्ता पिपरगांव में, डॉ.सुनील कुमार कंपिल में, डॉ.अमरेश कुमार कायमगंज में व डॉ.जसवीर सिंह की नवाबगंज में तैनाती है।
इनकी भी सुनें
पीएचसी अमृतपुर के डॉ.गौरव वर्मा ने बताया कि वह दवा खरीद कमेटी में सदस्य भी हैं। पिछले दो वर्ष से विभाग में आयुर्वेदिक दवाओं की खरीद ही नहीं हो सकी है। इससे सभी अस्पतालों में आयुर्वेदिक दवाएं नहीं हैं। किसी अस्पताल में भले ही पुराने स्टाक की कुछ दवाएं बची हुई हो सकती हैं। सभी आयुष चिकित्सक ओपीडी में आने वाले मरीजों को एलोपैथिक दवाएं लिख रहे हैं।


दो वर्ष से शासन से बजट न मिलने से आयुर्वेदिक दवाएं नहीं खरीदी जा सकीं हैं। विभाग में डॉक्टरों की कमी होने से आयुष चिकित्सकों से एलोपैथिक सेवाएं ली जा रही हैं। बजट मिलने पर आयुर्वेदिक दवाएं खरीदी जाएंगी।
- डॉ.अवनींद्र कुमार, सीएमओ
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