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Farrukhabad News: परकोपाइन का स्थान न बदलने पर नोकझोंक
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फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायत धर्मपुर कटरी के मजरा पंखियन की मड़ैया में सिंचाई विभाग की ओर से बनाए जा रहे परकोपाइन (तीन खूंटी के पिलर) का निर्माण विरोध के चलते दूसरे दिन भी बाधित रहा। सहायक अभियंता ने ग्रामीणों की जिद पर शनिवार को 100 मीटर पहले से निर्माण का आश्वासन देकर काम शुरू कराया। इस दौरान ग्रामीणों से नोकझोंक भी हुई।
बढ़पुर ब्लाॅक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कटरी धर्मपुर के मजरा पंखियन की मड़ैया में बाढ़ के दौरान कई घर गंगा की धार में समा गए थे। सिंचाई विभाग ने गांव को बाढ़ से बचाने के लिए करीब दो करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से परियोजना स्वीकृत कराई। शुक्रवार को सिंचाई विभाग के अवर अभियंता जयशील कमल निर्माण कराने पहुंचे। इसी दौरान पड़ोसी मजरा वीरसहाय की मड़ैया के ग्रामीण व महिलाएं मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने जेई का घेराव करते हुए परकोपाइन का निर्माण अपने गांव से कराने को कहा।
जेई ने कहा कि जिस गांव के लिए परियोजना स्वीकृत हुई है, निर्माण भी वहीं होगा। इससे नाराज ग्रामीण व महिलाओं ने काम रुकवा दिया। लगाई गई बल्लियां हटाने लगीं। नोकझोंक के चलते आखिरकार काम रोक दिया गया।
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शनिवार को सहायक अभियंता संजय सचान अवर अभियंता के साथ मौके पर गए। काम शुरू होने की जानकारी पर ग्रामीण व महिलाओं की मौके पर भीड़ लग गई। वीर सहाय की मड़ैया के ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव से परकोपाइन का निर्माण हाेने पर ही बाढ़ से राहत मिलेगी।
सहायक अभियंता ने ग्रामीणों की मंशा समझ उन्हें 100 मीटर पीछे से परकोपाइन बनाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों की सहमति मिलने पर विवाद शांत हो गया।
अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि करीब 50 मीटर स्थान परिवर्तन किया गया है। ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत कराने के बाद परकोपाइन का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है।
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बढ़पुर ब्लाॅक क्षेत्र की ग्राम पंचायत कटरी धर्मपुर के मजरा पंखियन की मड़ैया में बाढ़ के दौरान कई घर गंगा की धार में समा गए थे। सिंचाई विभाग ने गांव को बाढ़ से बचाने के लिए करीब दो करोड़ 70 लाख रुपये की लागत से परियोजना स्वीकृत कराई। शुक्रवार को सिंचाई विभाग के अवर अभियंता जयशील कमल निर्माण कराने पहुंचे। इसी दौरान पड़ोसी मजरा वीरसहाय की मड़ैया के ग्रामीण व महिलाएं मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने जेई का घेराव करते हुए परकोपाइन का निर्माण अपने गांव से कराने को कहा।
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जेई ने कहा कि जिस गांव के लिए परियोजना स्वीकृत हुई है, निर्माण भी वहीं होगा। इससे नाराज ग्रामीण व महिलाओं ने काम रुकवा दिया। लगाई गई बल्लियां हटाने लगीं। नोकझोंक के चलते आखिरकार काम रोक दिया गया।
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शनिवार को सहायक अभियंता संजय सचान अवर अभियंता के साथ मौके पर गए। काम शुरू होने की जानकारी पर ग्रामीण व महिलाओं की मौके पर भीड़ लग गई। वीर सहाय की मड़ैया के ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव से परकोपाइन का निर्माण हाेने पर ही बाढ़ से राहत मिलेगी।
सहायक अभियंता ने ग्रामीणों की मंशा समझ उन्हें 100 मीटर पीछे से परकोपाइन बनाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों की सहमति मिलने पर विवाद शांत हो गया।
अधिशासी अभियंता दुर्ण कुमार ने बताया कि करीब 50 मीटर स्थान परिवर्तन किया गया है। ग्रामीणों को समझाकर मामला शांत कराने के बाद परकोपाइन का निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है।
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