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17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में मिलाने की मांग
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फर्रुखाबाद। कश्यप निषाद सभा ने 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में मिलाने की मांग की।
जिलाध्यक्ष शिवा बाथम, महासचिव जेके बाथम, अमरनाथ कश्यप, प्रेमसाग कश्यप, गीता, गौतम कश्यप आदि ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को पत्र भेजा। कहा कि कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धींवर, बाथम, बिंद, गोड़िया, माझी, मछुआ, राजभर समेत 17 जातियों को अनुसूचित जातियों में शामिल करने को उप्र अनुसूचित जाति, जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से अध्ययन कराया गया था। कहा कि पहले भी कई बार पत्र दयिा जा चुका है। लिहाजा इन जातियों के हित में शीघ्र ही कदम उठाया जाए। संवाद
पैमाइश पर जताई नाराजगी, 19 से सत्याग्रह
फर्रुखाबाद। कायमगंज तहसील के गांव परतापुर तराई में एसडीएम के निरीक्षण के बाद लेखपाल की ओर से की गई पैमाइश पर नाराजगी व्यक्त की। गांव के शीशपाल, धनपाल, सतीश चंद्र, फूलप्यारी, बाबूराम आदि ने एडीएम को दिए पत्र में कहा कि विवादित जमीन की लेखपाल राजेश शुक्ला, राजस्व निरीक्षक कमलेश अवस्थी ने पैमाइश की थी। इन्होंने उसमें गड़बड़ी की, तो राजेश शुक्ला का स्थानांतरण कर दिया गया था। राजस्व निरीक्षक कमलेश अवस्थी के खिलाफ भी जांच चल रही है। ग्रामीणों ने गलत तरीके से पैमाइश की बात कही। आरोप लगाया कि कर्मचारी राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने 19 सितंबर को तहसील कायमगंज अथवा फतेहगढ़ कलक्ट्रेट में सत्याग्रह शुरू करने की चेतावनी दी। संवाद
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जिलाध्यक्ष शिवा बाथम, महासचिव जेके बाथम, अमरनाथ कश्यप, प्रेमसाग कश्यप, गीता, गौतम कश्यप आदि ने डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को पत्र भेजा। कहा कि कहार, कश्यप, केवट, मल्लाह, निषाद, कुम्हार, प्रजापति, धींवर, बाथम, बिंद, गोड़िया, माझी, मछुआ, राजभर समेत 17 जातियों को अनुसूचित जातियों में शामिल करने को उप्र अनुसूचित जाति, जनजाति शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से अध्ययन कराया गया था। कहा कि पहले भी कई बार पत्र दयिा जा चुका है। लिहाजा इन जातियों के हित में शीघ्र ही कदम उठाया जाए। संवाद
पैमाइश पर जताई नाराजगी, 19 से सत्याग्रह
फर्रुखाबाद। कायमगंज तहसील के गांव परतापुर तराई में एसडीएम के निरीक्षण के बाद लेखपाल की ओर से की गई पैमाइश पर नाराजगी व्यक्त की। गांव के शीशपाल, धनपाल, सतीश चंद्र, फूलप्यारी, बाबूराम आदि ने एडीएम को दिए पत्र में कहा कि विवादित जमीन की लेखपाल राजेश शुक्ला, राजस्व निरीक्षक कमलेश अवस्थी ने पैमाइश की थी। इन्होंने उसमें गड़बड़ी की, तो राजेश शुक्ला का स्थानांतरण कर दिया गया था। राजस्व निरीक्षक कमलेश अवस्थी के खिलाफ भी जांच चल रही है। ग्रामीणों ने गलत तरीके से पैमाइश की बात कही। आरोप लगाया कि कर्मचारी राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने 19 सितंबर को तहसील कायमगंज अथवा फतेहगढ़ कलक्ट्रेट में सत्याग्रह शुरू करने की चेतावनी दी। संवाद
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