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अन्ना गोवंशों से नहीं मिली निजात, सांड़ ने पूर्व सैनिक को पटका, मौत
Thu, 10 Jan 2019 11:41 PM IST
मनोज कुमार
farrukhabad
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Published by: मनोज कुमार
Updated Thu, 10 Jan 2019 11:41 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
शासन के आदेश के बाद सरकारी मशीनरी ने अन्ना गोवंशों को संरक्षण केंद्रों में भिजवाने के प्रयास तो किए, लेकिन सफल नहीं हो सके। अभी भी वे जगह-जगह घूम रहे हैं। वहीं, मोहम्मदाबाद क्षेत्र के गांव हैदरपुर में गुरुवार को भोर में एक पूर्व सैनिक को सांड़ ने पटक कर मार डाला। नगर पालिका क्षेत्र फर्रुखाबाद में पांच दिन में 75 अन्ना मवेशी ही पकड़े जा सके। सैकड़ों अन्ना पशु अभी भी मुख्यमार्गों और गली-कूंचों में घूम रहे हैं। यही नहीं अन्ना मवेशियों ने खाली पड़े प्लाटों को भी अपना आशियाना बना रखा है। अस्थायी गोवंश आश्रय स्थलों पर भी काम चल रहा है। अन्ना मवेशियों के आतंक से लोग परेशान हैं।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव हैदरपुर निवासी पूर्व सैनिक ओमकार सिंह (70) रात को अपने घर के बाहरी कमरे में सोते थे। गुरुवार भोर में करीब पांच बजे वह लघुशंका के लिए बाहर गए थे। वहां आवारा सांड़ घूम रहा था। उसने उन्हें उठकर कई बार पटक दिया। चीख पुकार सुनकर परिजन व आसपास के लोग बाहर निकल आए। उन्होंने सांड़ को खदेड़कर उन्हें बचाया। लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों उन्हें फतेहगढ़ स्थित एक नर्सिंग होम में ले गए। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर चले गए। मामले की सूचना शाम तक पुलिस व प्रशासन को नहीं दी गई। घटना से उनकी पत्नी मुन्नी देवी, पुत्र अमरजीत व अनुज सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है।
जिलाधिकारी ने मातहतों को निर्देश दिए थे कि अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल खोलकर अन्ना मवेशियों को वहां छुड़वाया जाए। डीएम मोनिका रानी 6 जनवरी को धर्मपुर कटरी स्थित राजकीय गोसदन का जायजा लेने के बाद नगर पालिका क्षेत्र में अभियान चलाकर गोवंशों को पकड़ने के आदेश नगर पालिका के प्रभारी ईओ रमेशचंद्र यादव को दिए थे। नगर पालिका ने ठेके पर अन्ना गोवंशों को पकड़वाना शुरू किया। पांच दिन में लगभग 75 अन्ना गोवंश ही पकड़वाए जा सके हैं। अभी भी रेलवे रोड, राजीव गांधी नगर गली, सिल्वर साइन गली, ठंडी सड़क, सातनपुर मंडी रोड, लोहाई रोड और पल्ला बाजार में अन्ना गोवंशों को घूमते देखा जा सकता है।
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यही नहीं डिग्गीताल, पटेलपार्क और जिला उद्योग केंद्र ठंडी सड़क के पास खाली पड़े प्लाटों के साथ ही सातनपुर आलू मंडी परिसर में भी गोवंश डेरा जमाए हैं। गोवंश पकड़ने वाले ठेकेदार मोहित सक्सेना ने बताया कि 10 जनवरी तक लगभग 75 गोवंशों को पकड़ा गया है। इनमें सांड़, गाय व बछड़े शामिल हैं।
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मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव हैदरपुर निवासी पूर्व सैनिक ओमकार सिंह (70) रात को अपने घर के बाहरी कमरे में सोते थे। गुरुवार भोर में करीब पांच बजे वह लघुशंका के लिए बाहर गए थे। वहां आवारा सांड़ घूम रहा था। उसने उन्हें उठकर कई बार पटक दिया। चीख पुकार सुनकर परिजन व आसपास के लोग बाहर निकल आए। उन्होंने सांड़ को खदेड़कर उन्हें बचाया। लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजनों उन्हें फतेहगढ़ स्थित एक नर्सिंग होम में ले गए। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजन शव लेकर घर चले गए। मामले की सूचना शाम तक पुलिस व प्रशासन को नहीं दी गई। घटना से उनकी पत्नी मुन्नी देवी, पुत्र अमरजीत व अनुज सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है।
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जिलाधिकारी ने मातहतों को निर्देश दिए थे कि अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल खोलकर अन्ना मवेशियों को वहां छुड़वाया जाए। डीएम मोनिका रानी 6 जनवरी को धर्मपुर कटरी स्थित राजकीय गोसदन का जायजा लेने के बाद नगर पालिका क्षेत्र में अभियान चलाकर गोवंशों को पकड़ने के आदेश नगर पालिका के प्रभारी ईओ रमेशचंद्र यादव को दिए थे। नगर पालिका ने ठेके पर अन्ना गोवंशों को पकड़वाना शुरू किया। पांच दिन में लगभग 75 अन्ना गोवंश ही पकड़वाए जा सके हैं। अभी भी रेलवे रोड, राजीव गांधी नगर गली, सिल्वर साइन गली, ठंडी सड़क, सातनपुर मंडी रोड, लोहाई रोड और पल्ला बाजार में अन्ना गोवंशों को घूमते देखा जा सकता है।
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यही नहीं डिग्गीताल, पटेलपार्क और जिला उद्योग केंद्र ठंडी सड़क के पास खाली पड़े प्लाटों के साथ ही सातनपुर आलू मंडी परिसर में भी गोवंश डेरा जमाए हैं। गोवंश पकड़ने वाले ठेकेदार मोहित सक्सेना ने बताया कि 10 जनवरी तक लगभग 75 गोवंशों को पकड़ा गया है। इनमें सांड़, गाय व बछड़े शामिल हैं।