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Farrukhabad News: बाढ़ में फंसे पशु, खुरपका रोग से बेहाल
Tue, 23 Sep 2025 12:05 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 23 Sep 2025 12:05 AM IST
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फोटो-04,सड़क के गांधी गांव में गाय के लम्पी का टीका लगाते पशु चिकित्सक।संवाद
- फोटो : शहर स्थित एक बाइक शोरूम में बाइक लेने के लिए जानकारी करते लोग।
अमृतपुर। गंगा और रामगंगा में आई बाढ़ ने इंसानों के साथ-साथ पशुओं को भी बड़ी मुसीबत में डाल दिया है। गांवों में पानी भरा रहने से मवेशियों में खुरपका और बुखार तेजी से फैल रहा है।
कई पशुओं के पैर सड़ने लगे हैं और कमजोरी की वजह से वह चारा भी नहीं खा पा रहे। ग्रामीणों का कहना है कि खुद दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल हो रहा है, फिर भी पशुओं के इलाज पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। सरकारी डॉक्टर गांवों में नहीं पहुंच रहे, जिससे ग्रामीण झोलाछापों पर निर्भर हैं।
करनपुर घाट, मंझा, सैदापुर, सुंदरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, तीसराम, आशा की मड़ैया, बरुआ, कुंडरी सारंगपुर समेत दर्जनों गांवों में पशु बीमार हैं। ग्रामीण रामवीर सिंह और रविप्रताप ने प्रशासन से पशु चिकित्सकों की टीम भेजने की मांग की है।
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गांव मंझा के सुरेश चंद्र ने कहा कि गाय-भैंस परिवार की आय का आधार हैं। यदि वह बीमारी से मर गए तो हमारी रोजी-रोटी भी खत्म हो जाएगी। ग्रामीणों का दर्द है कि बाढ़ की मार के बीच यह पशु संकट उनकी परेशानियां और बढ़ा रहा है।
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कई पशुओं के पैर सड़ने लगे हैं और कमजोरी की वजह से वह चारा भी नहीं खा पा रहे। ग्रामीणों का कहना है कि खुद दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल हो रहा है, फिर भी पशुओं के इलाज पर हजारों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। सरकारी डॉक्टर गांवों में नहीं पहुंच रहे, जिससे ग्रामीण झोलाछापों पर निर्भर हैं।
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करनपुर घाट, मंझा, सैदापुर, सुंदरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, तीसराम, आशा की मड़ैया, बरुआ, कुंडरी सारंगपुर समेत दर्जनों गांवों में पशु बीमार हैं। ग्रामीण रामवीर सिंह और रविप्रताप ने प्रशासन से पशु चिकित्सकों की टीम भेजने की मांग की है।
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गांव मंझा के सुरेश चंद्र ने कहा कि गाय-भैंस परिवार की आय का आधार हैं। यदि वह बीमारी से मर गए तो हमारी रोजी-रोटी भी खत्म हो जाएगी। ग्रामीणों का दर्द है कि बाढ़ की मार के बीच यह पशु संकट उनकी परेशानियां और बढ़ा रहा है।