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Farrukhabad News: गैर इरादतन हत्या में एक आरोपी पर दोष सिद्ध
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फर्रुखाबाद। 28 वर्ष पहले जानवरों को फसल चरने से रोकने में युवक की गैरइरादतन हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश विष्णु चंद्र वैश्य ने एक आरोपी को दोषी करार किया है। सजा सुनाने के लिए 30 मार्च की तिथि नियत की है। एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव मौधा निवासी कबीर सिंह ने गांव के एक किशोर, चंद्रवीर सिंह, शिवकुमार सिंह, रामप्रकाश व ओमप्रकाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसमें आरोप लगाया कि 5 सितंबर 1994 को भाई बाल्मीकि सिंह, पिता रामलाल ज्वार के खेत में काम कर रहे थे। किशोर के जानवर ज्वार के खेत में घुस गए। फसल नष्ट करने लगे। विरोध करने पर किशोर सहित पांचों लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में भाई बाल्मीकि सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पिता रामलाल व चाचा विश्वनाथ बचाने में घायल हो गए थे।
विवेचक ने जांच के बाद कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान किशोर के बाल अपचारी पाए जाने पर उसकी फाइल अलग कर दी गई। सुनवाई के दौरान आरोपी शिव कुमार सिंह, ओम प्रकाश की मौत हो गई।
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शुक्रवार को मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर चंद्रवीर सिंह को दोषी करार देकर सजा सुनाने के लिए 30 मार्च की तिथि नियत की है। साक्ष्य के अभाव में रामप्रकाश को दोष मुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से अनिल कुमार बाजपेई, दीपिका कटियार ने दलीलें दीं।
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मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव मौधा निवासी कबीर सिंह ने गांव के एक किशोर, चंद्रवीर सिंह, शिवकुमार सिंह, रामप्रकाश व ओमप्रकाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसमें आरोप लगाया कि 5 सितंबर 1994 को भाई बाल्मीकि सिंह, पिता रामलाल ज्वार के खेत में काम कर रहे थे। किशोर के जानवर ज्वार के खेत में घुस गए। फसल नष्ट करने लगे। विरोध करने पर किशोर सहित पांचों लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में भाई बाल्मीकि सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। पिता रामलाल व चाचा विश्वनाथ बचाने में घायल हो गए थे।
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विवेचक ने जांच के बाद कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान किशोर के बाल अपचारी पाए जाने पर उसकी फाइल अलग कर दी गई। सुनवाई के दौरान आरोपी शिव कुमार सिंह, ओम प्रकाश की मौत हो गई।
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शुक्रवार को मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर चंद्रवीर सिंह को दोषी करार देकर सजा सुनाने के लिए 30 मार्च की तिथि नियत की है। साक्ष्य के अभाव में रामप्रकाश को दोष मुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से अनिल कुमार बाजपेई, दीपिका कटियार ने दलीलें दीं।