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शराब पीने से रोकने पर ईएमटी को दूसरी मंजिल से फेंका, हालत गंभीर
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लोहिया अस्पताल परिसर में खड़े एंबुलेंस चालक। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल में बने आवास परिसर में शराब पीने से रोकने पर दबंगों ने एंबुलेंस के इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन(ईएमटी) को दो मंजिला मकान से नीचे फेंक दिया। साथी कर्मियों ने उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से सैफई रेफर कर दिया गया। इधर घटना से नाराज एंबुलेंसकर्मियों ने देर रात डीएम आवास का घेराव मुकदमा दर्ज करने व गिरफ्तारी की मांग करने लगे। सुबह चार बजे मुकदमा लिखने व चार के गिरफ्तार के बाद कर्मचारी आवास से हट तो गए लेकिन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हड़ताल पर चले गए। इससे 108 व 102 नंबर से संचालित एंबुलेंस सेवाएं ठप हो गईं। अस्पताल आने वाले मरीजों को भी समस्याओं का सामना करना पड़ा। गुरुवार दोपहर 3.30 बजे उन्होंने सेवाएं शुरू कीं।
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल परिसर में बने आवासीय परिसर में बुधवार रात 11 बजे करीब कुछ दबंग शराब पी रहे थे। उसी समय ड्यूटी से वापस आए ईएमटी आदेश कुमार और चालक भंवरपाल ने उन्हें मना किया तो दबंगों ने दोनों को पीटना शुरू कर दिया। आवास से अन्य कर्मचारी निकल आए तो दबंगों ने तमंचे निकाल लिए। उन्होंने वहां खड़ी एंबुलेंस, कारों में तोड़फोड़ की। इसके बाद दोनों को बंधक बनाकर पास ही स्थित आवास की दूसरी मंजिल पर ले गए। वहां मौका पाकर चालक भंवरपाल भाग निकला। दबंगों ने आदेश को छत से नीचे फेंक दिया। बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे तक आदेश नीचे पड़ा रहा। सूचना पर जब साथी एंबुलेंस कर्मचारी पहुंचे तो उन्होंने उसे उठाकर लोहिया अस्पताल भर्ती कराया। वहां से हालत गंभीर देखकर सैफई रेफर कर दिया गया। आदेश के सिर व शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं। आरोप है कि दबंगों के उपद्रव के दौरान पुलिस पहुंच गई थी लेकिन तमाशबीन बनी रही। अस्पताल में धीरे-धीरे जिले भर के एंबुलेंसकर्मी जुटने लगे।
साथी पर हमले तथा पुलिस की कार्यप्रणाली से गुस्साए कर्मचारियों ने देर रात डेढ़ बजे डीएम आवास का घेराव किया। सुबह चार बजे प्रशासन की ओर कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद कर्मचारी आवास से हटे लेकिन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एंबुलेंस सेवा ठप कर दी। चालक भंवरपाल पुत्र रामकिशन की तहरीर पर पुलिस ने लोहिया अस्पताल में तैनात रहे वरिष्ठ लिपिक एमके सिंह के पुत्र पंकज सिंह व युवराज, अमन कटियार, पवन द्विवेदी और सात अन्य अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया। इन पर बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, जानलेवा हमला व लूट की धाराएं लगाई हैं।
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जब एंबुलेंस कर्मी डीएम आवास पर थे, तभी पुलिस ने मामले में नामजद चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया था। चारों को मऊदरवाजा थाने में रखा गया है। सूचना पर एंबुलेंस संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडेय, सुशील पांडेय, अभिषेक मिश्रा, नितीष यादव, सलिल अवस्थी समेत आसपास के जिलों से भी संगठन के पदाधिकारी पहुंच गए। सभी की गिरफ्तारी तक सेवाएं ठप रखने की बात कही। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के कार्रवाई के आश्वासन के बाद दोपहर बाद सेवाएं शुरू कीं।
‘घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चार की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य जो भी फरार हैं, उन्हें भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’
- मन्नीलाल गौंड, सीओ सिटी।
‘डीएम ने सख्त निर्देश दे दिए हैं कि लोहिया अस्पताल कैंपस में जिन मकानों में अवैध रूप से लोग रह रहे हैं, उन्हें खाली कराया जाएगा। जो लिपिक ट्रांसफर हो चुके हैं और परिवार यहीं रह रहे हैं, उन्हें शीघ्र खाली कराया जाएगा।’
-अशोक कुमार मौर्य, सिटी मजिस्ट्रेट।
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डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल परिसर में बने आवासीय परिसर में बुधवार रात 11 बजे करीब कुछ दबंग शराब पी रहे थे। उसी समय ड्यूटी से वापस आए ईएमटी आदेश कुमार और चालक भंवरपाल ने उन्हें मना किया तो दबंगों ने दोनों को पीटना शुरू कर दिया। आवास से अन्य कर्मचारी निकल आए तो दबंगों ने तमंचे निकाल लिए। उन्होंने वहां खड़ी एंबुलेंस, कारों में तोड़फोड़ की। इसके बाद दोनों को बंधक बनाकर पास ही स्थित आवास की दूसरी मंजिल पर ले गए। वहां मौका पाकर चालक भंवरपाल भाग निकला। दबंगों ने आदेश को छत से नीचे फेंक दिया। बताया जा रहा है कि करीब एक घंटे तक आदेश नीचे पड़ा रहा। सूचना पर जब साथी एंबुलेंस कर्मचारी पहुंचे तो उन्होंने उसे उठाकर लोहिया अस्पताल भर्ती कराया। वहां से हालत गंभीर देखकर सैफई रेफर कर दिया गया। आदेश के सिर व शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटें आई हैं। आरोप है कि दबंगों के उपद्रव के दौरान पुलिस पहुंच गई थी लेकिन तमाशबीन बनी रही। अस्पताल में धीरे-धीरे जिले भर के एंबुलेंसकर्मी जुटने लगे।
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साथी पर हमले तथा पुलिस की कार्यप्रणाली से गुस्साए कर्मचारियों ने देर रात डेढ़ बजे डीएम आवास का घेराव किया। सुबह चार बजे प्रशासन की ओर कड़ी कार्रवाई के आश्वासन के बाद कर्मचारी आवास से हटे लेकिन सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एंबुलेंस सेवा ठप कर दी। चालक भंवरपाल पुत्र रामकिशन की तहरीर पर पुलिस ने लोहिया अस्पताल में तैनात रहे वरिष्ठ लिपिक एमके सिंह के पुत्र पंकज सिंह व युवराज, अमन कटियार, पवन द्विवेदी और सात अन्य अज्ञात पर मुकदमा दर्ज किया। इन पर बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, जानलेवा हमला व लूट की धाराएं लगाई हैं।
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जब एंबुलेंस कर्मी डीएम आवास पर थे, तभी पुलिस ने मामले में नामजद चार युवकों को गिरफ्तार कर लिया था। चारों को मऊदरवाजा थाने में रखा गया है। सूचना पर एंबुलेंस संगठन के प्रदेश अध्यक्ष हनुमान पांडेय, सुशील पांडेय, अभिषेक मिश्रा, नितीष यादव, सलिल अवस्थी समेत आसपास के जिलों से भी संगठन के पदाधिकारी पहुंच गए। सभी की गिरफ्तारी तक सेवाएं ठप रखने की बात कही। पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के कार्रवाई के आश्वासन के बाद दोपहर बाद सेवाएं शुरू कीं।
‘घटना में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। चार की गिरफ्तारी हो चुकी है। अन्य जो भी फरार हैं, उन्हें भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।’
- मन्नीलाल गौंड, सीओ सिटी।
‘डीएम ने सख्त निर्देश दे दिए हैं कि लोहिया अस्पताल कैंपस में जिन मकानों में अवैध रूप से लोग रह रहे हैं, उन्हें खाली कराया जाएगा। जो लिपिक ट्रांसफर हो चुके हैं और परिवार यहीं रह रहे हैं, उन्हें शीघ्र खाली कराया जाएगा।’
-अशोक कुमार मौर्य, सिटी मजिस्ट्रेट।

लोहिया अस्पताल परिसर में खड़ी कार के टूटे शीशे। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD