{"_id":"65ecbc0688c9ed96fe0907d7","slug":"along-with-knowledge-it-is-important-to-acquire-worldly-education-also-farrukhabad-news-c-22-1-sknp1018-102304-2024-03-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: इल्म के साथ दुनियावी तालीम भी हासिल करना जरूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: इल्म के साथ दुनियावी तालीम भी हासिल करना जरूरी
Sun, 10 Mar 2024 01:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 10 Mar 2024 01:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। मदरसा अरबिया नूरुल उलूम की ओर से जलसे में उलमाओं ने कहा कि यह दौर इल्म के साथ बच्चों को दुनियावी तालीम भी हासिल कराने का है। जल्द रमजान-उल-मुबारक महीना शुरू होने जा रहा है। रमजान हमारी तबीयत का एक सिस्टम है। इससे आचरण में सुधार होता है। मानव सेवा भाव पैदा होता है। इस पवित्र माह में अल्लाह की रहमत नाजिल होती है। जितनी इबादत करोगे अल्लाह और उनके नबी खुश होंगे।
शहर के मोहल्ला शमशेरखानी स्थित मदरसा में शुक्रवार देर रात जलसे में आए मौलाना अनस मियां बिलग्रामी ने कहा कि मुस्लिमों को चाहिए कि इल्म के साथ बच्चों को दुनियावी तालीम पर भी जोर दें। मुल्क की आजादी के लिए पूर्वजों ने बड़ी कुर्बानी दी हैं। इसको भुलाया नहीं जा सकता। मुल्क को यदि लहू की जरूरत पड़ेगी, तो हम एक-एक कतरा न्योछावर करेंगे।
शादाब रजा कानपुरी ने कहा कि शादी में दिखावा करके शान-ओ-शौकत के लिए पैसे बर्बाद न करो। शिक्षा पर जोर देने की जरूरत है। हमारे पास अपने अच्छे स्कूल नहीं हैं, उन्हें बनवाने पर जोर दें। बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, आईएएस व आईपीएस बनाओ।
विज्ञापन
मौलाना शमशाद अहमद चतुर्वेदी ने कहा कि रमजान हमारी तबीयत का एक सिस्टम है। जिसके जरिए अखलाक और आचरण में सुधार होता है। मानव सेवा का भाव पैदा होता है। रोजा पांच अरकानो में से एक है। बिना परेशानी रोजा छोड़ना सख्त गुनाह है। रमजान के महीने में गरीबों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। जितनी मदद करोगे उतनी ही नेकी पाओगे। हाफिज फैजान रजा कलम पढ़ा। वक्ताओं ने लोगों को अल्लाह की सीरत पर चलने का निर्देश दिया। इसमें सईद रजा, मोहम्मद दिलशाद, रईस उर्फ मुन्ना, तौफीक खान, मौलाना जैनुल आबेदीन, साहिल खान, मोहम्मद अदनान आदि थे। अध्यक्षता मौलाना शमशाद अहमद चतुर्वेदी और संचालन हाफिज अब्दुल बासिद ने किया।
विज्ञापन
शहर के मोहल्ला शमशेरखानी स्थित मदरसा में शुक्रवार देर रात जलसे में आए मौलाना अनस मियां बिलग्रामी ने कहा कि मुस्लिमों को चाहिए कि इल्म के साथ बच्चों को दुनियावी तालीम पर भी जोर दें। मुल्क की आजादी के लिए पूर्वजों ने बड़ी कुर्बानी दी हैं। इसको भुलाया नहीं जा सकता। मुल्क को यदि लहू की जरूरत पड़ेगी, तो हम एक-एक कतरा न्योछावर करेंगे।
विज्ञापन
शादाब रजा कानपुरी ने कहा कि शादी में दिखावा करके शान-ओ-शौकत के लिए पैसे बर्बाद न करो। शिक्षा पर जोर देने की जरूरत है। हमारे पास अपने अच्छे स्कूल नहीं हैं, उन्हें बनवाने पर जोर दें। बच्चों को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, आईएएस व आईपीएस बनाओ।
विज्ञापन
मौलाना शमशाद अहमद चतुर्वेदी ने कहा कि रमजान हमारी तबीयत का एक सिस्टम है। जिसके जरिए अखलाक और आचरण में सुधार होता है। मानव सेवा का भाव पैदा होता है। रोजा पांच अरकानो में से एक है। बिना परेशानी रोजा छोड़ना सख्त गुनाह है। रमजान के महीने में गरीबों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। जितनी मदद करोगे उतनी ही नेकी पाओगे। हाफिज फैजान रजा कलम पढ़ा। वक्ताओं ने लोगों को अल्लाह की सीरत पर चलने का निर्देश दिया। इसमें सईद रजा, मोहम्मद दिलशाद, रईस उर्फ मुन्ना, तौफीक खान, मौलाना जैनुल आबेदीन, साहिल खान, मोहम्मद अदनान आदि थे। अध्यक्षता मौलाना शमशाद अहमद चतुर्वेदी और संचालन हाफिज अब्दुल बासिद ने किया।