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कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने बंटवाई खाद
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फर्रुखाबाद। पीसीएफ गोदाम से समितियोें को उठाने कराने में लापरवाही से जिले में खाद की किल्लत दूर करने के लिए आला अधिकारियों के बाद कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मैदान में उतर आए हैं। शनिवार को विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने समितियों व दुकानों पर किसानों को खाद का वितरण कराया।
जनपद में डीएपी व एनपीके खाद की भरपूर उपलब्धता के बावजूद पीसीएफ गोदाम से आवंटन में लापरवाही बरती गई है। इसके चलते सहकारी समितियों व इफको केंद्रों पर खाद का संकट चल रहा है। इससे निजी खाद विक्रेता कालाबाजारी कर रहे हैं। मामला शासन तक पहुंचने पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने भी सख्त रुख अपनाया। पीसीएफ गोदाम से रात-दिन खाद का उठान जारी रखकर 15000 बोरी प्रतिदिन समितियों पर पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया।
इसके बाद भी अभी लक्ष्य के मुताबिक खाद का उठान नहीं हो रहा है। वहीं किसानों को खाद वितरण में निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए। इससे सहकारी समितियों, इफको केंद्रों व निजी दुकानों पर किसानों को खाद वितरण कराने के लिए कृषि विभाग से 49 कर्मचारी व सात सहायक विकास अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई। उन्होंने किसानों की भीड़ होने पर खुद मौजूद रहकर सहकारी समितियों, इफको केंद्रों व निजी खाद विक्रेता के केंद्रों पर मौजूद रहकर डीएपी व एनपीके खाद का वितरण कराया। ई-पास मशीन पर किसान का अंगूठा लगवाकर खाद बिक्री की रसीद दी गई। किसानों की भीड़ अधिक होने पर लाइन लगवाई गई।
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14 समितियों व सात इफको केंद्र पर नहीं पहुंची खाद
पीसीएफ गोदाम से खाद के उठान में की गई लापरवाही से अभी खाद वितरण पटरी पर नहीं आ पाया है। जनपद में 63 सहकारी समिति पर खाद का कारोबार होता है। समितियों से किसानों को खाद के लिए नगद भुगतान की चिंता नहीं होती और खाद भी उपलब्ध हो जाती है। पिछले एक सप्ताह से डीएपी व एनपीके खाद के लिए मारामारी चल रही है। एडीसीओ विनोद कटियार ने बताया कि अभी तक पीसीएफ गोदाम से 49 समितियों पर ही खाद भेजी गई है। 14 समितियां खाद से खाली हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम चार बजे तक 200 मीट्रिक टन एनपीके व 30 मीट्रिक टन डीएपी समितियों पर भेजी गई है। पीसीएफ जिला प्रबंधक की लापरवाही से दिक्कत आई है। वहीं जिला कृषि अधिकारी डॉ.राकेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले के 47 इफको केंद्रों में अभी तक 40 केंद्रों पर ही खाद भेजी गई है। सात केंद्रों पर डीएपी व एनपीके नहीं भेजी गई।
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जनपद में डीएपी व एनपीके खाद की भरपूर उपलब्धता के बावजूद पीसीएफ गोदाम से आवंटन में लापरवाही बरती गई है। इसके चलते सहकारी समितियों व इफको केंद्रों पर खाद का संकट चल रहा है। इससे निजी खाद विक्रेता कालाबाजारी कर रहे हैं। मामला शासन तक पहुंचने पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने भी सख्त रुख अपनाया। पीसीएफ गोदाम से रात-दिन खाद का उठान जारी रखकर 15000 बोरी प्रतिदिन समितियों पर पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया।
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इसके बाद भी अभी लक्ष्य के मुताबिक खाद का उठान नहीं हो रहा है। वहीं किसानों को खाद वितरण में निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए। इससे सहकारी समितियों, इफको केंद्रों व निजी दुकानों पर किसानों को खाद वितरण कराने के लिए कृषि विभाग से 49 कर्मचारी व सात सहायक विकास अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई। उन्होंने किसानों की भीड़ होने पर खुद मौजूद रहकर सहकारी समितियों, इफको केंद्रों व निजी खाद विक्रेता के केंद्रों पर मौजूद रहकर डीएपी व एनपीके खाद का वितरण कराया। ई-पास मशीन पर किसान का अंगूठा लगवाकर खाद बिक्री की रसीद दी गई। किसानों की भीड़ अधिक होने पर लाइन लगवाई गई।
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14 समितियों व सात इफको केंद्र पर नहीं पहुंची खाद
पीसीएफ गोदाम से खाद के उठान में की गई लापरवाही से अभी खाद वितरण पटरी पर नहीं आ पाया है। जनपद में 63 सहकारी समिति पर खाद का कारोबार होता है। समितियों से किसानों को खाद के लिए नगद भुगतान की चिंता नहीं होती और खाद भी उपलब्ध हो जाती है। पिछले एक सप्ताह से डीएपी व एनपीके खाद के लिए मारामारी चल रही है। एडीसीओ विनोद कटियार ने बताया कि अभी तक पीसीएफ गोदाम से 49 समितियों पर ही खाद भेजी गई है। 14 समितियां खाद से खाली हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम चार बजे तक 200 मीट्रिक टन एनपीके व 30 मीट्रिक टन डीएपी समितियों पर भेजी गई है। पीसीएफ जिला प्रबंधक की लापरवाही से दिक्कत आई है। वहीं जिला कृषि अधिकारी डॉ.राकेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले के 47 इफको केंद्रों में अभी तक 40 केंद्रों पर ही खाद भेजी गई है। सात केंद्रों पर डीएपी व एनपीके नहीं भेजी गई।