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फिर उफनाएंगे नाले, होगी मुसीबत
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sat, 27 Jun 2015 11:27 PM IST
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नालों की तलीझाड़ सफाई न होने से जलभराव की समस्या को लेकर तलैया फजल इमाम,
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भीकमपुरा और गंगानगर कालोनी नाला किनारे रहने वाले बाशिंदों ने कई बार
प्रदर्शन किए। इसके बाद भी समस्या जस की तस है। इन सभी नालों की फौरी तौर
पर सफाई की गई है। भीकमपुरा नाला की सिल्ट अभी भी पुलिया के पास पड़ी है।
वहीं इन मोहल्लों के नाले फिर से गंदगी से पट गए हैं। इससे बरसात होने पर
जलभराव के हालात बनेंगे। फर्रुखाबाद और फतेहगढ़ युग्म नगरों में
छोटे-बड़े 19 नाले हैं। हर साल बरसात से पहले इनकी सफाई करवाई जाती है। इस बार भी दो माह पहले नालों की सफाई शुरू करवाई गई थी। कहीं भी नालों की तलीझाड़ सफाई नहीं हुई है। नालों के उफनाने से जलभराव की समस्या होती है।
सबसे ज्यादा दिक्कत मोहल्ला तलैया फजल इमाम, गंगानगर कालोनी नाला किनारे रहने वाले लोग और भीकमपुरा में होती है। इन मोहल्लों में कई बार मोहल्लेवासी प्रदर्शन भी कर चुके हैं। नालों की तलीझाड़ सफाई अभी तक नहीं करवाई गई है। इससे बरसात में इन मोहल्लों में जलभराव की समस्या से फिर से लोग जूझेंगे।
सीन 1
भीकमपुरा में करीब एक पखवारे पहले नाला की सफाई करवाई गई। सिल्ट जगह-जगह छोड़ दी गई। गुरगांव देवी मंदिर जाने वाले मार्ग पर भीकमपुरा नुक्कड़ पर सिल्ट जमा है। मोहल्ले के शकील, राजू, भोले, रमाशंकर और आफताब कहते हैं कि नाले की ठीक ढंग से कभी भी सफाई नहीं होती है। नाले पर लोगों का कब्जा भी है। नाला के ऊपर से कब्जा हटाने और तलीझाड़ सफाई करवाने को लेकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस बार भी पालिका प्रशासन ने फौरी तौर पर सफाई कर दी है। बरसात में फिर से जलभराव होगा।
सीन 2
गंगानगर कालोनी का नाला करीब डेढ़ माह पहले साफ करवाया गया था लेकिन मौजूदा समय मेंगंदगी से पटा पड़ा है। सोरों वाली कोठी से लेकर कछियाना तक गए नाले में पॉलीथिन और कूड़ा-करकट भरा है। ऐसा लगता ही नहीं है कि नाले की सफाई करवाई गई है। नाला किनारे रहने वाले रामकिशन, दलवीर बाल्मीकि, रेखा देवी, राजीव कुमार, दीपक कुशवाह और रामकली कहती हैं कि गंगानगर नाला कछियाना और छावनी मोहल्ले से होकर गुजरता है। छावनी मोहल्ले में नाला के
ऊपर अतिक्रमण होने से वहां ठीक तरह से सफाई नहीं होती है। बरसात में गंगानगर नाला भी उफनाता है। इससे गंदा पानी घरों में घुसता है। नाला की तलीझाड़ सफाई भी नहीं करवाई जाती है। जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग को लेकर कई बार प्रदर्शन किए लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।
छोटे-बड़े 19 नाले हैं। हर साल बरसात से पहले इनकी सफाई करवाई जाती है। इस बार भी दो माह पहले नालों की सफाई शुरू करवाई गई थी। कहीं भी नालों की तलीझाड़ सफाई नहीं हुई है। नालों के उफनाने से जलभराव की समस्या होती है।
सबसे ज्यादा दिक्कत मोहल्ला तलैया फजल इमाम, गंगानगर कालोनी नाला किनारे रहने वाले लोग और भीकमपुरा में होती है। इन मोहल्लों में कई बार मोहल्लेवासी प्रदर्शन भी कर चुके हैं। नालों की तलीझाड़ सफाई अभी तक नहीं करवाई गई है। इससे बरसात में इन मोहल्लों में जलभराव की समस्या से फिर से लोग जूझेंगे।
सीन 1
भीकमपुरा में करीब एक पखवारे पहले नाला की सफाई करवाई गई। सिल्ट जगह-जगह छोड़ दी गई। गुरगांव देवी मंदिर जाने वाले मार्ग पर भीकमपुरा नुक्कड़ पर सिल्ट जमा है। मोहल्ले के शकील, राजू, भोले, रमाशंकर और आफताब कहते हैं कि नाले की ठीक ढंग से कभी भी सफाई नहीं होती है। नाले पर लोगों का कब्जा भी है। नाला के ऊपर से कब्जा हटाने और तलीझाड़ सफाई करवाने को लेकर प्रदर्शन भी कर चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस बार भी पालिका प्रशासन ने फौरी तौर पर सफाई कर दी है। बरसात में फिर से जलभराव होगा।
सीन 2
गंगानगर कालोनी का नाला करीब डेढ़ माह पहले साफ करवाया गया था लेकिन मौजूदा समय मेंगंदगी से पटा पड़ा है। सोरों वाली कोठी से लेकर कछियाना तक गए नाले में पॉलीथिन और कूड़ा-करकट भरा है। ऐसा लगता ही नहीं है कि नाले की सफाई करवाई गई है। नाला किनारे रहने वाले रामकिशन, दलवीर बाल्मीकि, रेखा देवी, राजीव कुमार, दीपक कुशवाह और रामकली कहती हैं कि गंगानगर नाला कछियाना और छावनी मोहल्ले से होकर गुजरता है। छावनी मोहल्ले में नाला के
ऊपर अतिक्रमण होने से वहां ठीक तरह से सफाई नहीं होती है। बरसात में गंगानगर नाला भी उफनाता है। इससे गंदा पानी घरों में घुसता है। नाला की तलीझाड़ सफाई भी नहीं करवाई जाती है। जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग को लेकर कई बार प्रदर्शन किए लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है।