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Farrukhabad News: हाईवे पर दुर्घटना के बाद लगा तीन किलोमीटर लंबा जाम, वाहन फंसे
Tue, 06 May 2025 11:03 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 06 May 2025 11:03 PM IST
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फर्रुखाबाद। पांचाल घाट पुल पर भी मरम्मत कार्य के दौरान वाहनों को डायवर्ट करने के लिए रखे पत्थर से कार टकरा गई। इससे इटावा-बरेली हाईवे पर मार्ग दुर्घटना के बाद वाहनों की लंबी कतार लग गई। जाम लगने की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया।
इटावा-बरेली हाई वे 730सी के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इसके चलते पांचाल घाट पुल की मरम्मत का कार्य 50 लाख रुपये खर्च कर करवाया। मरम्मत कार्य होने के दौरान एक महीने तक रूट डायवर्ट भी किया गया था। तीन अप्रैल से यातायात सामान्य हुआ, तो इसके बाद पुल के ज्वाइंट फिर से खुलने लगे। एक-एक कर कई ज्वाइंट दोबारा खुलने के बाद अधिकारियों के आदेश पर कार्यदायी संस्था ने मरम्मत का काम दोबारा शुरू कराया। इस बार रात में काम होने के कारण जाम लगने लगा।
सोमवार देर रात कार्यदायी संस्था के लोगों ने काम करने के बाद वाहनों को डायवर्ट करने के लिए रखे गए पत्थरों को वहीं छोड़ दिया। सहालग होने के कारण लोग फर्राटा भरते हुए पुल से गुजरे। पुल पर रखे पत्थरों से कार टकराकर क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके कारण देखते ही देखते पुल के उत्तरी ओर जमापुर तिराहे पर करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
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गश्त पर तैनात पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे वाहन को हटवाकर रास्ता साफ कराया। इसके बाद सुबह करीब 3:30 बजे दोबारा वाहनों को डायवर्ट करने के लिए रखे गए पत्थरों से एक वाहन टकरा गया। इसके बाद भी पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। पांचालघाट चौकी पुलिस के सिपाहियों ने मौके पर पहुंचकर वाहनों को निकलवाने का रास्ता बनाया।
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मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।जाम को खुलवाकर यातायात सामान्य करा दिया गया है। जाम न लगे इसके लिए ट्रैफिक ड्यूटी बढाई गई है। - सतेंद्र सिंह, यातायात प्रभारी
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रास्ते में रखे पत्थरों पर नहीं लगा रिफ्लेक्टर
मरम्मत के दौरान पुल व अन्य स्थानों पर रखे गए बड़े-बड़े पत्थर आए दिन दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। कार्यदायी संस्था और अधिकारी भी इस ओर अनजान बने हुए हैं। रात के अंधेरे में तेज रफ्तार वाहन चालकों को यदि ये पत्थर न दिखे तो दुर्घटना तय होती है। यातायात विभाग भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। काम के बाद रात में वाहनों के गुजरने के दौरान चेतावनी संकेतक अथवा रिफ्लेक्टर लगाने से आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
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इटावा-बरेली हाई वे 730सी के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है। इसके चलते पांचाल घाट पुल की मरम्मत का कार्य 50 लाख रुपये खर्च कर करवाया। मरम्मत कार्य होने के दौरान एक महीने तक रूट डायवर्ट भी किया गया था। तीन अप्रैल से यातायात सामान्य हुआ, तो इसके बाद पुल के ज्वाइंट फिर से खुलने लगे। एक-एक कर कई ज्वाइंट दोबारा खुलने के बाद अधिकारियों के आदेश पर कार्यदायी संस्था ने मरम्मत का काम दोबारा शुरू कराया। इस बार रात में काम होने के कारण जाम लगने लगा।
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सोमवार देर रात कार्यदायी संस्था के लोगों ने काम करने के बाद वाहनों को डायवर्ट करने के लिए रखे गए पत्थरों को वहीं छोड़ दिया। सहालग होने के कारण लोग फर्राटा भरते हुए पुल से गुजरे। पुल पर रखे पत्थरों से कार टकराकर क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके कारण देखते ही देखते पुल के उत्तरी ओर जमापुर तिराहे पर करीब तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
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गश्त पर तैनात पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे वाहन को हटवाकर रास्ता साफ कराया। इसके बाद सुबह करीब 3:30 बजे दोबारा वाहनों को डायवर्ट करने के लिए रखे गए पत्थरों से एक वाहन टकरा गया। इसके बाद भी पुल के दोनों ओर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग गई। पांचालघाट चौकी पुलिस के सिपाहियों ने मौके पर पहुंचकर वाहनों को निकलवाने का रास्ता बनाया।
मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।जाम को खुलवाकर यातायात सामान्य करा दिया गया है। जाम न लगे इसके लिए ट्रैफिक ड्यूटी बढाई गई है। - सतेंद्र सिंह, यातायात प्रभारी
रास्ते में रखे पत्थरों पर नहीं लगा रिफ्लेक्टर
मरम्मत के दौरान पुल व अन्य स्थानों पर रखे गए बड़े-बड़े पत्थर आए दिन दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। कार्यदायी संस्था और अधिकारी भी इस ओर अनजान बने हुए हैं। रात के अंधेरे में तेज रफ्तार वाहन चालकों को यदि ये पत्थर न दिखे तो दुर्घटना तय होती है। यातायात विभाग भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। काम के बाद रात में वाहनों के गुजरने के दौरान चेतावनी संकेतक अथवा रिफ्लेक्टर लगाने से आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।