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Farrukhabad News: निजी स्कूल प्रबंधन के आगे प्रशासन नतमस्तक, तय नहीं किताबों के मानक

Fri, 04 Apr 2025 11:38 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Apr 2025 11:38 PM IST
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Administration bows down to private school management, standards of books not fixed
फर्रुखाबाद। निजी स्कूलों में कॉपी-किताबों का कोई भी मानक तय नहीं है। इसका नतीजा यह है कि बस्ते के बोझ से बचपन दबता जा रहा है।
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स्कूल प्रबंधन की मनमानी के आगे जिला प्रशासन नतमस्तक नजर आ रहा है। इसी का नतीजा है कि भारी-भरकम बैग उठाकर नौनिहाल चलने को मजबूर हैं। वहीं, अभिभावकों की जेब खूब काटी जा रही है।

सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध जवाहर नवोदय विद्यालय व केंद्रीय विद्यालय फतेहगढ़ में कक्षा एक से पांच तक चार से सात किताबें चलती हैं। वहीं कक्षा छह से आठ तक सात से आठ व कक्षा नौ से 12 तक छह-छह किताबों से पढ़ाई होती है। मगर निजी स्कूलों में 12 से 22 तक किताबें शामिल रहती हैं। किसी बुक स्टॉल पर बांडर किट्स प्रकाशन, मैजिमिलन प्रकाशन तो किसी पर पिन्नासल व स्वान आदि प्रकाशकों की किताबें बेची जा रही हैं। शासन के आदेश के बावजूद एनसीईआरटी की किताबें गायब हैं।
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केंद्रीय विद्यालय में जहां कक्षा आठ से 12 तक की किताबों का सेट 650 से 850 तक का मिल रहा है। वहीं, निजी स्कूलों का सेट 8400 से 10,500 तक का है। निजी स्कूल संचालक किताबों से ज्यादा कॉपियां भी लिख रहे हैं। नतीजतन पीठ पर कॉपी-किताबों का बोझ लादकर नन्हे-मुन्ने बच्चे स्कूल जाने को मजबूर हैं।
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बेटे के बस्ते का बोझ छह से आठ किलो
कॉन्वेंट स्कूलों में कॉपी-किताबों का मानक तय होना चाहिए। रोजाना बेटा छह से आठ किलो बस्ते का बोझ लेकर स्कूल जाता है। -प्रशांत सिंह, अभिभावक




कॉपी-किताबों की खरीद में बिगड़ा बजट
बच्चों की कॉपी-किताब खरीदने में घर का बजट बिगड़ गया है। कॉपी-किताबों का सेट 8,400 रुपये मिला है। लगभग 32 से ज्यादा कॉपी-किताबें हैं। -अंजू अवस्थी, अभिभावक





कॉपी-किताबों का मानक हो तय
केंद्रीय व जवाहर नवोदय विद्यालय की तरह ही कॉन्वेंट स्कूलों में भी कॉपी-किताबों का मानक तय किया जाए। इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। -गुंजन पांडेय





2500 में मिला कक्षा एक का सेट
बेटा अर्चित कक्षा एक में पढ़ता है। 2500 रुपये में 15 से ज्यादा कॉपी-किताबों का सेट मिला है। मुझे तो नहीं लगता कि कोई बच्चा इतना पढ़ेगा। -अंकज शाक्य, अभिभावक
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