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Farrukhabad News: ग्रामीण की हत्या में आरोपी पर दोष सिद्ध
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फर्रुखाबाद। 25 वर्ष पहले गन्ना तोड़ने के विरोध में ग्रामीण की गोली मारकर हत्या के मुकदमे में विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट राकेश कुमार ने एक आरोपी को दोषी करार दिया है। दो आरोपियों की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। एक आरोपी अभी भी फरार है। सजा सुनाने के लिए 19 जनवरी की तिथि नियत की है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव गोसरपुर निवासी अमर पाल ने 26 नवंबर 1999 को गांव सकवाई के मजरा आजादनगर निवासी हुल्ली, मुकेश, नरेश, मोहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि भाई सर्वेश, दिनेश के साथ लहसुन की फसल में सिंचाई कर रहा था। पास के खेत में सुघर सिंह काम कर रहा था। उसी दौरान हुल्ली, मुकेश, नरेश, मोहन आए। उन्होंने सुघर सिंह से गन्ने मांगे।
सुघर सिंह ने गन्ने देने से इन्कार कर दिया। ये लोग गन्ना तोड़ने लगे। इस पर सुघर सिंह ने आवाज लगाकर भाई सर्वेश, दिनेश व उसको बुलाया। तीनों लोग सुघर के खेत में पहुंचे। गन्ना तोड़ने का विरोध किया। हुल्ली सहित चारों लोगों ने गालीगलौज कर तमंचे निकालकर फायर कर दिए।
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गोली लगने से भाई सर्वेश गंभीर रूप से घायल हो गया। भाई दिनेश के हाथ व सुघर के सिर में चोट आई। इलाज के दौरान सर्वेश की मौत हो गई। विवेचक ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी मुकेश व नरेश की मौत हो गई। हुल्ली फरार चल रहा है। न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर मोहन को दोषी करार किया। सजा सुनाने के लिए 19 जनवरी की तिथि नियत की है। अभियोजन पक्ष की ओर से भानु प्रकाश मिश्रा ने दलीलें दीं।
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मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव गोसरपुर निवासी अमर पाल ने 26 नवंबर 1999 को गांव सकवाई के मजरा आजादनगर निवासी हुल्ली, मुकेश, नरेश, मोहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया कि भाई सर्वेश, दिनेश के साथ लहसुन की फसल में सिंचाई कर रहा था। पास के खेत में सुघर सिंह काम कर रहा था। उसी दौरान हुल्ली, मुकेश, नरेश, मोहन आए। उन्होंने सुघर सिंह से गन्ने मांगे।
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सुघर सिंह ने गन्ने देने से इन्कार कर दिया। ये लोग गन्ना तोड़ने लगे। इस पर सुघर सिंह ने आवाज लगाकर भाई सर्वेश, दिनेश व उसको बुलाया। तीनों लोग सुघर के खेत में पहुंचे। गन्ना तोड़ने का विरोध किया। हुल्ली सहित चारों लोगों ने गालीगलौज कर तमंचे निकालकर फायर कर दिए।
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गोली लगने से भाई सर्वेश गंभीर रूप से घायल हो गया। भाई दिनेश के हाथ व सुघर के सिर में चोट आई। इलाज के दौरान सर्वेश की मौत हो गई। विवेचक ने चारों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी मुकेश व नरेश की मौत हो गई। हुल्ली फरार चल रहा है। न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर मोहन को दोषी करार किया। सजा सुनाने के लिए 19 जनवरी की तिथि नियत की है। अभियोजन पक्ष की ओर से भानु प्रकाश मिश्रा ने दलीलें दीं।