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सीमा विवाद में पांच घंटे बाद पंचनामा
Farrukhabad
Updated Wed, 01 Aug 2012 12:00 PM IST
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फर्रुखाबाद। जली महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। जब अस्पताल कर्मचारी इस घटना की जानकारी देने के लिए मेमो लेकर सदर कोतवाली पहुंचे तो पुलिस ने दूसरे थाना का बता कर चलता कर दिया। सीओ से शिकायत पर फर्रुखाबाद पुलिस ने पांच घंटे बाद शव का पंचनामा भरा।
जिला हरदोई थाना पाली के गांव सिमरझाला निवासी अजीत सोमवंशी की 22 वर्षीय पत्नी रूचि 23 जुलाई को संदिग्ध हालत में जल गई थी। परिजनों ने उसे मसेनी चौराहा स्थित एक अस्पताल में भर्ती करा दिया।
उपचार के दौरान मंगलवार की सुबह उसकी मौत हो गई। मामले की जानकारी देने के लिए अस्पताल का कर्मचारी प्रमोद कुमार सदर कोतवाली पहुंचा तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने यह कह कर चलता कर दिया कि अस्पताल फतेहगढ़ में है इसका मेमो वहां जाकर दो।
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इसके बाद प्रमोद फतेहगढ़ कोतवाली पहुंचा तो वहां से भी उसे टरका दिया गया। जिस कारण शव काफी देर तक अस्पताल में रखा रहा। इस मामले की जानकारी सीओ सिटी विनोद कुमार सिंह को दी गई। सीओ ने फर्रुखाबाद पुलिस को पंचनामा भरने के निर्देश दिए। तब कही जाकर पांच घंटे बाद शव का पंचनामा भर सका।
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जिला हरदोई थाना पाली के गांव सिमरझाला निवासी अजीत सोमवंशी की 22 वर्षीय पत्नी रूचि 23 जुलाई को संदिग्ध हालत में जल गई थी। परिजनों ने उसे मसेनी चौराहा स्थित एक अस्पताल में भर्ती करा दिया।
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उपचार के दौरान मंगलवार की सुबह उसकी मौत हो गई। मामले की जानकारी देने के लिए अस्पताल का कर्मचारी प्रमोद कुमार सदर कोतवाली पहुंचा तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने यह कह कर चलता कर दिया कि अस्पताल फतेहगढ़ में है इसका मेमो वहां जाकर दो।
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इसके बाद प्रमोद फतेहगढ़ कोतवाली पहुंचा तो वहां से भी उसे टरका दिया गया। जिस कारण शव काफी देर तक अस्पताल में रखा रहा। इस मामले की जानकारी सीओ सिटी विनोद कुमार सिंह को दी गई। सीओ ने फर्रुखाबाद पुलिस को पंचनामा भरने के निर्देश दिए। तब कही जाकर पांच घंटे बाद शव का पंचनामा भर सका।