{"_id":"74930","slug":"Farrukhabad-74930-34","type":"story","status":"publish","title_hn":"अगि्नपीड़ितों की सूची फिर से बनेगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अगि्नपीड़ितों की सूची फिर से बनेगी
Farrukhabad
Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
अमृतपुर। तहसील क्षेत्र की गंगा कटरी में गत दिवस भीषण अग्निकांड में तबाह हुए किसानों के बीच मंगलवार को राज्यमंत्री नरेंद्र सिंह यादव पहुंचे। पीड़ा जानने के बाद वादा किया कि जिन किसानों को आग से नुकसान हुआ उन्हें मुआवजा हर हाल में दिलाया जाएगा। एसडीएम और कानूनगो से मंत्री ने कहा कि सर्वेक्षण कर नामों की सूची फिर से बनाएं। एक भी पीड़ित किसान मुआवजे से वंचित न होने पाए। किसानों से राज्यमंत्री ने धैर्य रखने की सलाह दी। इस बीच नरेंद्र सिंह यादव को अपने बीच पाकर बलीपट्टी रानीगांव, आसनपुर और तौफीक की मड़ैया के उन किसानों के चेहरे खिल उठे जिन्हें आग में अपनी फसल जल जाने पर रोना आ रहा था।
मालूम हो कि अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव बलीपट्टी रानीगांव, आसनपुर और तौफीक की मड़ैया में 28 अप्रैल को भीषण अग्निकांड हुआ था जिसमें लगभग पांच सौ बीघा में लगी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी। करीब पचास किसानों को इस आग से भारी नुकसान हुआ था। जबकि मौके पर पहुंचे तहसीलदार, लेखपाल और कानूनगो ने नुकसान का आंकलन करने के बाद 27 किसानों को सूची बद्ध किया था। बाद में उस सूची से भी सात किसानों के नाम हटा दिए गए। बलीपट्टी के ग्राम प्रधान ब्रम्हदत्त शुक्ला के आवास पर तीनों गांव के किसान पहुंच गए। तहसीलदार अरुण कुमार, कानूनगो राजेश कुमार और क्षेत्रीय लेखपाल भी पहले से जा पहुंचे। मंत्री नरेंद्र सिंह यादव ने पीड़ित किसानों से बात की और घटना के बारे में विस्तार से जानकारी लेने के बाद हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि जितने भी किसानों की फसल इस घटना मे जली है उन्हें मुआवजा जरूर दिलाएंगे। बताया कि मंडी निदेशक से उनकी वार्ता हुई है उन्होंने पीड़ित किसानों की सूची मांगी है। मंत्री ने कहा कि मंडी से किसानों को मुआवजा अगर नहीं भी मिलता तो वे मुख्यमंत्री से बात करके मुख्यमंत्री सहायता कोष से मुवाअजा दिलाएंगे। अमर नाथ शुक्ला सहित कुछ अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि तहसील कर्मियों ने कई किसानों के नाम छोड़ दिए हैं जबकि नुकसान उनका भी हुआ है। जानकारी दी कि पहले 27 नामों की सूची थी उसमें भी सात नाम काट दिए गए हैं। जबकि मौके पर हुए अग्निकांड में लगभग पचास किसानों की फसल जली है। मंत्री नरेंद्र सिंह ने एसडीएम अरुण कुमार से पूछा तो उन्होंने बीस लोगों के ही नाम की सूची बताई। यह भी कहा कि केवल डेढ़ सौ बीघा खेत की फसल जली है। जबकि किसानों ने मंत्री से पांच सौ बीघा खेती जलने की बात कही। इस पर मंत्री ने एसडीएम और तहसील कर्मियों से कहा कि एक बार फिर से सर्वे कराकर छूटे हुए किसानों के नाम जोड़ लें। एक भी पीड़ित किसान वंचित न रहने पाए। लगभग आधा घंटे तक गांव में रुकने के बाद मंत्री नरेंद्र सिंह वहां से वापस हो गए। सपा जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह राठौर, दृगपाल सिंह उर्फ बाबी, ब्रम्हदत्त शुक्ला, शिवदत्त शुक्ला, सतीश चंद्र शुक्ला, नन्हें दीक्षित और गोप शुक्ला आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
मालूम हो कि अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव बलीपट्टी रानीगांव, आसनपुर और तौफीक की मड़ैया में 28 अप्रैल को भीषण अग्निकांड हुआ था जिसमें लगभग पांच सौ बीघा में लगी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी। करीब पचास किसानों को इस आग से भारी नुकसान हुआ था। जबकि मौके पर पहुंचे तहसीलदार, लेखपाल और कानूनगो ने नुकसान का आंकलन करने के बाद 27 किसानों को सूची बद्ध किया था। बाद में उस सूची से भी सात किसानों के नाम हटा दिए गए। बलीपट्टी के ग्राम प्रधान ब्रम्हदत्त शुक्ला के आवास पर तीनों गांव के किसान पहुंच गए। तहसीलदार अरुण कुमार, कानूनगो राजेश कुमार और क्षेत्रीय लेखपाल भी पहले से जा पहुंचे। मंत्री नरेंद्र सिंह यादव ने पीड़ित किसानों से बात की और घटना के बारे में विस्तार से जानकारी लेने के बाद हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि जितने भी किसानों की फसल इस घटना मे जली है उन्हें मुआवजा जरूर दिलाएंगे। बताया कि मंडी निदेशक से उनकी वार्ता हुई है उन्होंने पीड़ित किसानों की सूची मांगी है। मंत्री ने कहा कि मंडी से किसानों को मुआवजा अगर नहीं भी मिलता तो वे मुख्यमंत्री से बात करके मुख्यमंत्री सहायता कोष से मुवाअजा दिलाएंगे। अमर नाथ शुक्ला सहित कुछ अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि तहसील कर्मियों ने कई किसानों के नाम छोड़ दिए हैं जबकि नुकसान उनका भी हुआ है। जानकारी दी कि पहले 27 नामों की सूची थी उसमें भी सात नाम काट दिए गए हैं। जबकि मौके पर हुए अग्निकांड में लगभग पचास किसानों की फसल जली है। मंत्री नरेंद्र सिंह ने एसडीएम अरुण कुमार से पूछा तो उन्होंने बीस लोगों के ही नाम की सूची बताई। यह भी कहा कि केवल डेढ़ सौ बीघा खेत की फसल जली है। जबकि किसानों ने मंत्री से पांच सौ बीघा खेती जलने की बात कही। इस पर मंत्री ने एसडीएम और तहसील कर्मियों से कहा कि एक बार फिर से सर्वे कराकर छूटे हुए किसानों के नाम जोड़ लें। एक भी पीड़ित किसान वंचित न रहने पाए। लगभग आधा घंटे तक गांव में रुकने के बाद मंत्री नरेंद्र सिंह वहां से वापस हो गए। सपा जिलाध्यक्ष राजकुमार सिंह राठौर, दृगपाल सिंह उर्फ बाबी, ब्रम्हदत्त शुक्ला, शिवदत्त शुक्ला, सतीश चंद्र शुक्ला, नन्हें दीक्षित और गोप शुक्ला आदि शामिल रहे।
विज्ञापन