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हुसैन की शिक्षाएं हर युग में प्रासंगिक
Farrukhabad
Updated Fri, 13 Dec 2013 05:44 AM IST
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फर्रुखाबाद। मोहल्ला घेरशामू खां में आयोजित मजलिस में मौलाना अरशद जाफरी ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शिक्षाएं हर युग में प्रासंगिक हैं।
अशरे सानी की छठी मजलिस में मौलाना जाफरी ने कहा कि इस्लाम इंसानियत का नाम है। मौजूदा दौर में कुछ लोग साजिश के तहत इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पैगंबरे इस्लाम के नवासे इमाम हुसैन को भी यातनाओं के दौर से गुजरना पड़ा लेकिन उन्होंने सब्र का दामन नहीं छोड़ा और सबक दिया कि हक व इंसाफ से कभी नहीं डिगा। उन्होंने कर्बला की घटना को मार्मिक ढंग से पेश किया। मजलिस में नफीस हुसैन, फरहत अली जैदी, जावेद हुसैन, कैफ हुसैन, मुमताज हुसैन, मुनव्वर हुसैन, इंतिखाब, ईशान, जुबैर, मेराज और अमजद भी मौजूद रहे।
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अशरे सानी की छठी मजलिस में मौलाना जाफरी ने कहा कि इस्लाम इंसानियत का नाम है। मौजूदा दौर में कुछ लोग साजिश के तहत इस्लाम को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पैगंबरे इस्लाम के नवासे इमाम हुसैन को भी यातनाओं के दौर से गुजरना पड़ा लेकिन उन्होंने सब्र का दामन नहीं छोड़ा और सबक दिया कि हक व इंसाफ से कभी नहीं डिगा। उन्होंने कर्बला की घटना को मार्मिक ढंग से पेश किया। मजलिस में नफीस हुसैन, फरहत अली जैदी, जावेद हुसैन, कैफ हुसैन, मुमताज हुसैन, मुनव्वर हुसैन, इंतिखाब, ईशान, जुबैर, मेराज और अमजद भी मौजूद रहे।