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कौन है सच्चा, कौन झूठा
Farrukhabad
Updated Wed, 09 Oct 2013 05:39 AM IST
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फर्रुखाबाद। लघु सिंचाई विभाग की निशुल्क बोरिंग मामले में नया पेंच सामने आया है। इन बोरिंगों की जांच चल रही है। एआर कोआपरेटिव ने भटासा न्याय पंचायत की जांच रिपोर्ट में 21 बोरिंग फर्जी होने की रिपोर्ट सीडीओ को दी थी। ग्राम प्रधानों ने इस जांच रिपोर्ट को ही फर्जी करार दिया है। उन्हाेेंने बोरिंग मौके पर होने की जानकारी दी है।
वर्ष 2012-2013 में लघु सिंचाई विभाग ने निशुल्क बोरिंग करवाई थीं। हाकिमों को इनमें फ र्जीवाड़े की शिकायतें मिली थीं। सीडीओ डॉ. एससी श्रीवास्तव ने 44 अधिकारियों को न्यायपंचायतवार बोरिंगाें के सत्यापन की जिम्मेदारी दी। एआर कोआपरेटिव को नवाबगंज विकास खंड की भटासा न्यायपंचायत की जिम्मेदारी दी गई। उनकी जांच रिपोर्ट के मुताबिक 22 में से 1 बोरिंग ही मौके पर मिली थीं।
एआर कोआपरेटिव की जांच रिपोर्ट पर सीडीओ डॉ. एससी श्रीवास्तव ने अवर अभियंता अशोक कुमार से स्पष्टीकरण तलब कर लिया था। न्यायपंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्रामसभाओं के प्रधानों ने एआर कोआपरेटिव की रिपोेर्ट को फर्जी बता दिया है। ग्राम पंचायत रजपालपुर की प्रधान दमयंती ने गांव में बोरिंग मौजूद होने की रिपोर्ट दी है। इस गांव के योजना के अकेले लाभार्थी रामेश्वर दयाल हैं। रिपोर्ट में इनकी बोरिंग न होना बताया गया था। रमापुर दवीर ग्राम पंचायत में 17 लाभार्थियों का चयन किया गया था।प्रधान नरवेंद्र ने सभी लाभार्थियाें क ी बोरिंग होने की तस्दीक की है। एआर की जांच रिपोर्ट के मुताबिक इस ग्राम सभा में केवल अजय पाल की ही बोरिंग हुई थी। बाकी की बोरिंग न होने की रिपोर्ट दी गई थी। लखनपुर गांव में निशुल्क बोरिंग के 13 लाभार्थी थे। जांच में कोई भी बोरिंग नहीं मिली थी। लखनपुर के प्रधान देवेंद्र सिंह ने सभी लाभार्थियों की बोरिंग होने की रिपोर्ट दी है। एई प्रमोद कुमार इस रिपोर्ट को सीडीओ को भेज रहे हैं। सीडीओ के पास जांच रिपोर्ट पहुंचने के बाद तय होगा कि अगली कार्रवाई के लपेटे में कौन आएगा।
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वर्ष 2012-2013 में लघु सिंचाई विभाग ने निशुल्क बोरिंग करवाई थीं। हाकिमों को इनमें फ र्जीवाड़े की शिकायतें मिली थीं। सीडीओ डॉ. एससी श्रीवास्तव ने 44 अधिकारियों को न्यायपंचायतवार बोरिंगाें के सत्यापन की जिम्मेदारी दी। एआर कोआपरेटिव को नवाबगंज विकास खंड की भटासा न्यायपंचायत की जिम्मेदारी दी गई। उनकी जांच रिपोर्ट के मुताबिक 22 में से 1 बोरिंग ही मौके पर मिली थीं।
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एआर कोआपरेटिव की जांच रिपोर्ट पर सीडीओ डॉ. एससी श्रीवास्तव ने अवर अभियंता अशोक कुमार से स्पष्टीकरण तलब कर लिया था। न्यायपंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्रामसभाओं के प्रधानों ने एआर कोआपरेटिव की रिपोेर्ट को फर्जी बता दिया है। ग्राम पंचायत रजपालपुर की प्रधान दमयंती ने गांव में बोरिंग मौजूद होने की रिपोर्ट दी है। इस गांव के योजना के अकेले लाभार्थी रामेश्वर दयाल हैं। रिपोर्ट में इनकी बोरिंग न होना बताया गया था। रमापुर दवीर ग्राम पंचायत में 17 लाभार्थियों का चयन किया गया था।प्रधान नरवेंद्र ने सभी लाभार्थियाें क ी बोरिंग होने की तस्दीक की है। एआर की जांच रिपोर्ट के मुताबिक इस ग्राम सभा में केवल अजय पाल की ही बोरिंग हुई थी। बाकी की बोरिंग न होने की रिपोर्ट दी गई थी। लखनपुर गांव में निशुल्क बोरिंग के 13 लाभार्थी थे। जांच में कोई भी बोरिंग नहीं मिली थी। लखनपुर के प्रधान देवेंद्र सिंह ने सभी लाभार्थियों की बोरिंग होने की रिपोर्ट दी है। एई प्रमोद कुमार इस रिपोर्ट को सीडीओ को भेज रहे हैं। सीडीओ के पास जांच रिपोर्ट पहुंचने के बाद तय होगा कि अगली कार्रवाई के लपेटे में कौन आएगा।
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