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गर्मी में इस बार और तड़पाएगी प्यास
Farrukhabad
Updated Thu, 25 Apr 2013 02:37 PM IST
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फर्रुखाबाद। गर्मी बढ़ने के साथ हैंडपंप पानी छोड़ने लगे हैं। जल निगम के पास 512 ग्राम पंचायताें में ऐसे 1000 हैंडपंपाें की सूचना है। हक ीकत में इनकी तादाद डेढ़ से दो गुना है। जल निगम ने इन्हें रीबोर करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। जल निगम का कहना है जब बजट ही नहीं है तो रिबोर कहां से कराएं।
जल निगम को मई 2012 में हैंडपंपाें की रिबोरिगं के लिए बजट मिला था। एक विकास खंड में 50 हैंडपंप रिबोर कराने का लक्ष्य था। इस लिहाज से सात विकास खंडाें में 350 हैंडपंपों को रिबोर करा दिया गया। शासन से मिला लक्ष्य रिबोर होने वाले हैंडपंपों की संख्या से कम था। ऐसे में असरदार लोगों की पैरवी पर रिबोरिंगकी गई। जबकि पैरवी न कर पाने वालों के हैंडपंप ठूंठ हो गए हैं। इसके बाद से देहातों में हैंडपंपों की रिबोरिंग के लिए जल निगम को बजट नहीं मिला। जल निगम के अधिशासी अभियंता गिरीशचंद्र बताते हैं 1000 हैंडपंप रिबोर करने लायकहैं। लेकिन बजट मिले बिना इन्हें रिबोर कराना संभव नहीं है। हालात यह है गर्मी बढ़ने के साथ ही हैंडपंपों के पानी छोड़ने की समस्या बढ़ रही है।
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जल निगम को मई 2012 में हैंडपंपाें की रिबोरिगं के लिए बजट मिला था। एक विकास खंड में 50 हैंडपंप रिबोर कराने का लक्ष्य था। इस लिहाज से सात विकास खंडाें में 350 हैंडपंपों को रिबोर करा दिया गया। शासन से मिला लक्ष्य रिबोर होने वाले हैंडपंपों की संख्या से कम था। ऐसे में असरदार लोगों की पैरवी पर रिबोरिंगकी गई। जबकि पैरवी न कर पाने वालों के हैंडपंप ठूंठ हो गए हैं। इसके बाद से देहातों में हैंडपंपों की रिबोरिंग के लिए जल निगम को बजट नहीं मिला। जल निगम के अधिशासी अभियंता गिरीशचंद्र बताते हैं 1000 हैंडपंप रिबोर करने लायकहैं। लेकिन बजट मिले बिना इन्हें रिबोर कराना संभव नहीं है। हालात यह है गर्मी बढ़ने के साथ ही हैंडपंपों के पानी छोड़ने की समस्या बढ़ रही है।
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