फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   छाता तहसील की तरह बदल जाएगी विकास भवन की सूरत

छाता तहसील की तरह बदल जाएगी विकास भवन की सूरत

Sun, 03 Mar 2019 10:02 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 03 Mar 2019 10:02 PM IST
विज्ञापन
छाता तहसील की तरह बदल जाएगी विकास भवन की  सूरत
फर्रुखाबाद। जिले के विकास की कमान अब एक ऐसे आईएएस अधिकारी के हाथ में होगी जिसने अपनी पहली ही पोस्टिंग में तहसील की तस्वीर ही बदल दी थी। अब वह स्वच्छता में अव्वल हो गई है। तहसील भवन से रंगीन दीवारों को साफ करा दिया साथ ही तहसील आने वाले लोगों को भी स्वच्छता का पाठ पढ़ाया। इसी के चलते लोग तहसील में पान मसाला लेकर एंट्री ही नहीं करते थे। अब वह जिले के मुख्य विकास अधिकारी के पद पर आ रहे हैं।
विज्ञापन


डॉ. राजेंद्र पेंसिया 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें छाता मॉडल के लिए जाना जाता है। डॉ. राजेंद्र पेंसिया की पहली पोस्टिंग मथुरा जनपद की छाता तहसील में एसडीएम (ज्वाइंट मजिस्ट्रेट) के तौर पर हुई थी। पहले दिन कार्यालय पहुंचने पर ही उन्हें वहां की खराब स्थिति से दो चार होना पड़ा। छाता जैसे इंडस्ट्रियल एरिया में ड्रेनेज सिस्टम नहीं था। इससे पूरे शहर का गंदा पानी तहसील के गेट पर बने दो गड्ढों में जमा हो जाता था। इतना ही नहीं गेट पर ही दोनों ओर इतना कूड़ा जमा था कि सालों से गेट नहीं खुल पा रहा था। इसके बाद डॉ. राजेंद्र ने परिसर की जर्जर दीवारों आदि के हालात में सुधार कराया। इसके बाद गंदी दीवारों का रंगरोगन कराकर उस पर भारत की धरोहरों के चित्र बनवाए। फिर शहर के ड्रेनेज सिस्टम को सीएसआर फंड की मदद से ठीक कराया। इतना ही नहीं उन्होंने खुद ही तहसील गेट पर कुर्सी डाल कर लोगों की समस्याएं सुनीं। साथ ही पान मसाला आदि की चेकिंग भी की।
विज्ञापन


तहसील परिसर में जुर्माना वसूले जाने से लोगों ने वहां पान मसाला लाना बंद कर दिया। बाद में उन्होंने तहसीलकमिर्यों का एक ड्रेस कोड निर्धारित कर दिया। वह कर्मचारियों के साथ ही खुद भी इसे फॉलो करते थे। उन्होंने सभी को एक एक आईकार्ड भी जारी कराया था। इसके बाद उनका तबादला दूसरे जिले में किया गया। बाद में उनका तबादला रोक दिया गया। इतना नहीं उन्हें इस काम के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित भी किया। बाद में उन्होंने मथुरा की ही मांट तहसील में भी काम किया। वहां पर उन्होंने बेसिक शिक्षा के स्कूलों की दशा बदल दी। साथ ही रोड किनारे की दुकानों को व्यवस्थित कराकर बाजार में लगने वाले जाम आदि की समस्या से निजात दिला दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed