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80 फीसदी गेहूं की फसल खेतों में गिरी
अमर उजाला/फर्रुखाबाद
Updated Fri, 10 Mar 2017 10:59 PM IST
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खेतों में बारिश और हवा से गिरी गेहूं की फसल।
- फोटो : amarujala
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गुरुवार देर रात हुई बारिश और तेज हवा चलने से खड़ी गेहूं की फसल 80 फीसदी खेतों में गिर गई है। कहीं 25 फीसदी तो कहीं 50 फीसदी गेहूं की फसल को क्षति हुई है।
कमालगंज विकास खंड में सर्वाधिक क्षति हुई है।
यहां के गांव बहोरिकपुर, कमालपुर, ताजपुर, अहिमलापुर, जिंदापुर, मधवापुर और रजीपुर के किसानों का कहना है कि गेहूं के अलावा सरसों की फसल खेतों में तैयार खड़ी थी। कटवाने के लिए किसान तैयारी करता। इससे पहले बारिश होने से सरसों खेतों में ही चटक कर गिर गई है।
आलू के ढेर किसानों ने खेतों में ही लगा रखे थे। एकाएक बारिश से आलू भिगुआ हो गया है। किसानों का मानना है कि धूप निकलते ही यह आलू खराब हो जाएगा और बीज के योग्य भी यह आलू नहीं रहा है। अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार बरसात से सरसों की फली फूट गई है। खेतों में पानी भरने से आलू के सड़ने की संभावना है।
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तेज हवा चलने से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। किसान रामकिशन, रामरतन और रामकुमार आदि का कहना है कि गेहूं की फसल करीबन 25 फीसदी खराब हुई है। कंपिल प्रतिनिधि के अनुसार बरसात से सरसों की फसल करीबन 30 फीसदी खराब हुई है।
किसान रामभजन और अशोक कुमार कहते हैं कि बूंदाबांदी से सरसों की फली फूटकर खेत में ही गिर गई है। मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार तेज हवा चलने से गेहूं खेत में बिछ गया। किसान रामखिलाड़ी, राकेश और मुकेश का कहना है कि आलू के खेत में पानी भरने से फसल सड़ने की आशंका है।
कमालगंज विकास खंड में सर्वाधिक क्षति हुई है।
यहां के गांव बहोरिकपुर, कमालपुर, ताजपुर, अहिमलापुर, जिंदापुर, मधवापुर और रजीपुर के किसानों का कहना है कि गेहूं के अलावा सरसों की फसल खेतों में तैयार खड़ी थी। कटवाने के लिए किसान तैयारी करता। इससे पहले बारिश होने से सरसों खेतों में ही चटक कर गिर गई है।
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आलू के ढेर किसानों ने खेतों में ही लगा रखे थे। एकाएक बारिश से आलू भिगुआ हो गया है। किसानों का मानना है कि धूप निकलते ही यह आलू खराब हो जाएगा और बीज के योग्य भी यह आलू नहीं रहा है। अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार बरसात से सरसों की फली फूट गई है। खेतों में पानी भरने से आलू के सड़ने की संभावना है।
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तेज हवा चलने से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई है। किसान रामकिशन, रामरतन और रामकुमार आदि का कहना है कि गेहूं की फसल करीबन 25 फीसदी खराब हुई है। कंपिल प्रतिनिधि के अनुसार बरसात से सरसों की फसल करीबन 30 फीसदी खराब हुई है।
किसान रामभजन और अशोक कुमार कहते हैं कि बूंदाबांदी से सरसों की फली फूटकर खेत में ही गिर गई है। मोहम्मदाबाद प्रतिनिधि के अनुसार तेज हवा चलने से गेहूं खेत में बिछ गया। किसान रामखिलाड़ी, राकेश और मुकेश का कहना है कि आलू के खेत में पानी भरने से फसल सड़ने की आशंका है।