{"_id":"579b8bc34f1c1bf12221e039","slug":"75-crore-turnover-in-the-district-affected-by-the-one-day-strike","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक दिनी हड़ताल से जिले में 75 करोड़ का कारोबार प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक दिनी हड़ताल से जिले में 75 करोड़ का कारोबार प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
Updated Fri, 29 Jul 2016 10:30 PM IST
विज्ञापन
रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक के बाहर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध करते बैंक कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैंक विरोधी बैंकिंग सुधार लागू करने को लेकर यूएफबीयू के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर बैंक कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों की ओर से की गई एक दिन की हड़ताल में करीब 75 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ। बैंक कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर भड़ास निकाली।
शुक्रवार को रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक शाखा फर्रुखाबाद के बाहर बैंक कर्मचारियों ने एकत्र होकर हड़ताल शुरू की। इस दौरान स्टेट बैंक आफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन कानपुर परिक्षेत्र के सहायक महामंत्री विजय अवस्थी ने कहा कि भारत सरकार बैंक विरोधी बैंकिंग सुधारों और कर्मचारी विरोधी श्रम सुधारों को लागू कर बैंकों को निजीकरण की ओर धकेलना चाहती है।
सरकार अच्छा लाभ कमाने वाली बैंकों का भी विलय करना चाहती है। इसका यूएफबीयू पुरजोर विरोध करेगा। कहा कि जो कारपोरेट घराने बैंकों का लोन अदा नहीं कर पा रहे हैं। उन्हीं को अब प्राइवेट बैंकिंग के लाइसेंस प्रदान किए जा रहे हैं। अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार बैंकों को अपने हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है। मुकेश गुप्ता ने कहा कि सरकार बैंकों को निजीकरण की दिशा में ले जाने के लिए तेजी से बढ़ रही है।
विज्ञापन
सहायक महामंत्री ने बताया कि एकदिनी हड़ताल से लगभग 50 करोड़ की चेकों का आदान-प्रदान और करीब 25 करोड़ रुपये का अन्य कारोबार प्रभावित हुआ है। इस अवसर पर रामचंद्र वर्मा, राममहेश कुशवाह, विजय वर्मा, जयवर्धन, एसके गौतम, विनोद वर्मा, रामऔतार शुक्ल, सूबेदार, कमलेश गौड़, नितिन सिंह, मेघनाथ, छोटेलाल, प्रतीक मिश्र, अवधेश अवस्थी, सुभाष गुप्ता, मनोज कपूर, रत्नेशचंद्र शुक्ल, वीरू बाथम, देवनारायण, जितेंद्र प्रसाद, रामबरन दुबे, महेंद्र भारद्वाज, चेके उवाणी और रमेशचंद्र रावत आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
शुक्रवार को रेलवे रोड स्थित स्टेट बैंक शाखा फर्रुखाबाद के बाहर बैंक कर्मचारियों ने एकत्र होकर हड़ताल शुरू की। इस दौरान स्टेट बैंक आफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन कानपुर परिक्षेत्र के सहायक महामंत्री विजय अवस्थी ने कहा कि भारत सरकार बैंक विरोधी बैंकिंग सुधारों और कर्मचारी विरोधी श्रम सुधारों को लागू कर बैंकों को निजीकरण की ओर धकेलना चाहती है।
विज्ञापन
सरकार अच्छा लाभ कमाने वाली बैंकों का भी विलय करना चाहती है। इसका यूएफबीयू पुरजोर विरोध करेगा। कहा कि जो कारपोरेट घराने बैंकों का लोन अदा नहीं कर पा रहे हैं। उन्हीं को अब प्राइवेट बैंकिंग के लाइसेंस प्रदान किए जा रहे हैं। अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार बैंकों को अपने हथियार के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है। मुकेश गुप्ता ने कहा कि सरकार बैंकों को निजीकरण की दिशा में ले जाने के लिए तेजी से बढ़ रही है।
विज्ञापन
सहायक महामंत्री ने बताया कि एकदिनी हड़ताल से लगभग 50 करोड़ की चेकों का आदान-प्रदान और करीब 25 करोड़ रुपये का अन्य कारोबार प्रभावित हुआ है। इस अवसर पर रामचंद्र वर्मा, राममहेश कुशवाह, विजय वर्मा, जयवर्धन, एसके गौतम, विनोद वर्मा, रामऔतार शुक्ल, सूबेदार, कमलेश गौड़, नितिन सिंह, मेघनाथ, छोटेलाल, प्रतीक मिश्र, अवधेश अवस्थी, सुभाष गुप्ता, मनोज कपूर, रत्नेशचंद्र शुक्ल, वीरू बाथम, देवनारायण, जितेंद्र प्रसाद, रामबरन दुबे, महेंद्र भारद्वाज, चेके उवाणी और रमेशचंद्र रावत आदि मौजूद रहे।