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अब मरीज बताएंगे कैसे हुए ‘आयुष्मान’
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अब मरीज खुद ही बताएंगे कि वह कैसे आयुष्मान हुए हैं। इसके लिए शासन ने एक फॉर्म जारी किया है। इसी में मरीजों से फीडबैक लिया जाएगा। यदि मरीज खराब फीडबैक देते हैं तो संबंधित अस्पताल पर कार्रवाई की जाएगी।
आयुष्मान भारत योजना में किसी तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए सीधे-सीधे मरीजों से फीडबैक लिया जाएगा। मरीज के डिस्चार्ज होते समय छह बिंदुओं का एक फार्म भरवाया जाएगा। इसकी निगरानी शासन स्तर से की जाएगी।
गौरतलब है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना करीब सात महीने पहले शुरू की गई थी। जिले में करीब 1.27 लाख परिवार योजना में शामिल हैं। साथ ही इसमें तीन सरकारी व करीब दस प्राइवेट अस्पताल शामिल किए जा चुके हैं।
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इसके लिए शासन ने सभी सीएमओ को निर्देश जारी किए हैं कि योजना में शामिल अस्पतालों में नियुक्त आरोग्य मित्र के माध्यम से मरीजों का फीडबैक लिया जाए। जैसे ही इलाज के बाद मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा, आरोग्य मित्र उनसे छह बिंदुओं की सूचनाओं का एक फार्म भरवाएगा।
इस फार्म को ई-मेल के जरिए शासन में भेजा जाएगा जहां उसकी समीक्षा होगी। मरीज के निगेटिव फीडबैक देने पर अस्पताल व आरोग्य मित्र पर कार्रवाई की जाएगी।
आयुष्मान योजना के तहत जनपद में 1.27 लाख परिवारों को लाभ दिया जा रहा है। इसमें अब तक 34 हजार 890 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड जनरेट किए जा चुके हैं। साथ ही 725 मरीजों का इलाज किया जा चुका है।
आयुष्मान योजना की निगरानी को लेकर नए निर्देश मिले हैं। इस व्यवस्था से योजना में और सुधार आएगा। किसी तरह गड़बड़ी पर अंकुश लगेगा।
अमित मिश्रा, डीपीसी, आयुष्मान भारत
अब मरीज बताएंगे कैसे हुए ‘आयुष्मान’
मरीजों से फार्म भरवाकर लिया जाएगा फीडबैक
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आयुष्मान भारत योजना में किसी तरह की गड़बड़ी न हो इसके लिए सीधे-सीधे मरीजों से फीडबैक लिया जाएगा। मरीज के डिस्चार्ज होते समय छह बिंदुओं का एक फार्म भरवाया जाएगा। इसकी निगरानी शासन स्तर से की जाएगी।
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गौरतलब है कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना करीब सात महीने पहले शुरू की गई थी। जिले में करीब 1.27 लाख परिवार योजना में शामिल हैं। साथ ही इसमें तीन सरकारी व करीब दस प्राइवेट अस्पताल शामिल किए जा चुके हैं।
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इसके लिए शासन ने सभी सीएमओ को निर्देश जारी किए हैं कि योजना में शामिल अस्पतालों में नियुक्त आरोग्य मित्र के माध्यम से मरीजों का फीडबैक लिया जाए। जैसे ही इलाज के बाद मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा, आरोग्य मित्र उनसे छह बिंदुओं की सूचनाओं का एक फार्म भरवाएगा।
इस फार्म को ई-मेल के जरिए शासन में भेजा जाएगा जहां उसकी समीक्षा होगी। मरीज के निगेटिव फीडबैक देने पर अस्पताल व आरोग्य मित्र पर कार्रवाई की जाएगी।
आयुष्मान योजना के तहत जनपद में 1.27 लाख परिवारों को लाभ दिया जा रहा है। इसमें अब तक 34 हजार 890 लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड जनरेट किए जा चुके हैं। साथ ही 725 मरीजों का इलाज किया जा चुका है।
आयुष्मान योजना की निगरानी को लेकर नए निर्देश मिले हैं। इस व्यवस्था से योजना में और सुधार आएगा। किसी तरह गड़बड़ी पर अंकुश लगेगा।
अमित मिश्रा, डीपीसी, आयुष्मान भारत
अब मरीज बताएंगे कैसे हुए ‘आयुष्मान’
मरीजों से फार्म भरवाकर लिया जाएगा फीडबैक