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Farrukhabad News: लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में 71 बच्चे पहुंचने से खलबली

Wed, 11 Feb 2026 01:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Wed, 11 Feb 2026 01:23 AM IST
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71 children arrive at Lohia Hospital's emergency room, causing panic
फोटो-19 लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में एक बेड पर लेटे दो-दो मरीजों को संभालते परिजन। संवाद
फर्रुखाबाद। दवा खाने से 150 से अधिक बच्चों के बीमार होने की जानकारी मिलते ही लोहिया अस्पताल में सीएमएस ने अलर्ट जारी कर दिया। कुछ अंतराल पर 71 बच्चों को लोहिया अस्पताल लाया गया। बीमार बच्चों से भरी एंबुलेंस के आते ही इमरजेंसी में खलबली मच गई। सीएमएस ने इमरजेंसी में अतिरिक्त स्टॉफ बुलवा लिया। इलाज के करीब दो घंटे के बाद सभी बच्चों को एंबुलेंस से इलाज करवाकर घर भेज दिया गया।
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लोहिया अस्पताल में बीमार बच्चों के आने की सूचना मिलते ही अतिरिक्त स्टॉफ की व्यवस्था कर ली गई। सभी इलाज की तैयारी में जुट गए करीब आधा घंटा के अंतराल में बीमारी हालत में 71 बच्चों के आने से इमरजेंसी में खलबली मच गई। लोहियो अस्पताल की इमरजेंसी व पीडियाट्रिक वार्ड में बेड कम पड़ गए। एक पांच-पांच बच्चों को लिटाया गया। एक बेड पर तो 18 बच्चे बैठे नजर आए। इमरजेंसी प्रभारी अभिषेक चतुर्वेदी ने अन्य डाॅक्टरों व कर्मचारियों के साथ सभी का तेजी से इलाज शुरू कराया। इलाज के बाद बच्चों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। इस दौरान इंमरजेंसी में पैर रखने की जगह नहीं रही। बच्चों के माता-पिता भी अपने कलेजे के टुकड़ों को संभालने में जुटे रहे। पर स्वास्थ्य कर्मचारी उन्हें शांति बनाए रखने और जल्द ठीक होने का ढांढस भी बंधाते रहे। करीब दो घंटे में सभी बच्चों को एंबुलेंस से घर भेज दिया गया। इसके बाद ही अस्पताल कर्मियों ने राहत की सांस ली।
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सीएमएस पुरुष अस्पताल डॉ. जगमोहन शर्मा, सीएमएस महिला अस्पताल डॉ. धीर सिंह, आपातकालीन चिकित्सा प्रभारी डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी, डॉ. उदयराज, डॉ. प्रभात वर्मा, डॉ. अमन कुमार, डॉ. विवेक सक्सेना सहित चिकित्सकों की टीम ने प्राथमिक उपचार शुरू किया। वार्ड बॉय और फार्मासिस्टों ने तेजी से सिरिंज में इंजेक्शन भरकर दवाएं दीं। आनन-फानन में पूरे स्टाफ ने मोर्चा संभाला। तीमारदारों की भीड़ से बिगड़ा माहौल
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बच्चों के बीमार होने की जानकारी मिलते ही उनके परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। इससे इमरजेंसी परिसर में बच्चों से ज्यादा तीमारदारों की भीड़ जमा हो गई। हालात ऐसे हो गए कि पैर रखने तक की जगह नहीं बची। कई बार अस्पताल के गार्डों को भीड़ बाहर निकालनी पड़ी। इस दौरान कहासुनी और नोकझोंक की स्थिति भी बनी।

गर्मी से बच्चों की हालत बिगड़ी
वार्ड में बड़ी संख्या में बच्चों और उनके परिजनों के एकत्र होने से तापमान अचानक बढ़ गया। बच्चे गर्मी-गर्मी कहकर चिल्लाने लगे। स्थिति देख एएनएम और कर्मचारियों ने तत्काल वार्ड के सभी पंखे चालू कराए, इसके बाद बच्चों को कुछ राहत मिली। वीडियो बनाने पर एएनएम से हुई नोकझोंक वार्ड में भर्ती बीमार बच्चों का उपचार चल रहा था। इसी दौरान एक-दो युवक बच्चों के वीडियो बनाने लगे। एएनएम द्वारा मना करने पर तीमारदार उनसे भिड़ गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे सीएमएस डॉ. जगमोहन शर्मा और डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने तीमारदारों को समझाकर शांत कराया। डीएम ने जाना बच्चों का हाल एल्बेंडाजॉल की दवा खाने से बीमार हुए बच्चों को देखने के लिए जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी इमरजेंसी कक्ष पहुंचे। उन्होंने सीएमएस और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली। सभी बच्चों के खतरे से बाहर होने की पुष्टि होने पर डीएम ने बच्चों से बात की। बच्चों ने दवा खाने के बाद सिर दर्द और जी मिचलाने की शिकायत बताई। डीएम ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि सभी बच्चों का सही और सतर्कता से उपचार किया जाए।
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